{
  "type": "article",
  "title": "युवाओं तक विदेश नीति पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय ने स्नैपचैट पर दी दस्तक, डिजिटल कूटनीति का बढ़ाया दायरा",
  "summary": "भारत के विदेश मंत्रालय ने युवाओं और जन-जी यूजर्स तक कूटनीतिक जानकारियां आसान भाषा में पहुंचाने के लिए स्नैपचैट पर अपना आधिकारिक अकाउंट शुरू किया है।",
  "content": "भारत की वैश्विक नीतियों और कूटनीतिक गतिविधियों को युवा पीढ़ी तक अधिक सुलभ और आकर्षक तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मंत्रालय पहले से ही एक्स, इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और लिंक्डइन जैसे प्रमुख डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है। हालांकि, नई पीढ़ी और विशेष रूप से जन-जी वर्ग के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए मंत्रालय ने अपनी डिजिटल डिप्लोमेसी के दायरे को और विस्तृत किया है। इस कदम का मुख्य लक्ष्य विदेश नीति जैसे गंभीर और जटिल विषयों को सरल, मनोरंजक और आधुनिक दृश्य माध्यमों के जरिए देश के युवाओं के सामने प्रस्तुत करना है।\n\nरणधीर जायसवाल ने एक्स पर वीडियो साझा कर दी जानकारी\nविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सामाजिक माध्यम एक्स पर एक विशेष वीडियो जारी कर इस नए डिजिटल अध्याय की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने देशवासियों और युवा उपयोगकर्ताओं से स्नैपचैट पर विदेश मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल को फॉलो करने का आग्रह किया। प्रवक्ता के अनुसार, इस नए मंच के माध्यम से दर्शकों को केवल सामान्य प्रेस विज्ञप्तियां ही नहीं मिलेंगी, बल्कि एक्सक्लूसिव स्टोरीज, पर्दे के पीछे की झलकियां, त्वरित अपडेट्स और विशेष रूप से तैयार किया गया इंटरैक्टिव कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्रालय का यह प्रयास युवाओं को भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीतिक उपलब्धियों से जोड़ने की एक अनूठी पहल है।\n\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल संवाद आह्वान से जुड़ा कदम\nविदेश मंत्रालय के इस फैसले को प्रशासनिक स्तर पर चलाए जा रहे व्यापक डिजिटल जुड़ाव अभियान के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया था कि वे युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए केवल पारंपरिक माध्यमों पर निर्भर न रहें, बल्कि रील्स, शॉर्ट वीडियोस और इंटरैक्टिव विजुअल कंटेंट जैसे आधुनिक फॉर्मेट्स का खुलकर इस्तेमाल करें। विदेश मंत्रालय ने इस मार्गदर्शन को अपनाते हुए केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहने के बजाय युवाओं के सबसे पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर जाने का निर्णय लिया है।\n\nडेढ़ दशक पुराना है विदेश मंत्रालय का डिजिटल सफर\nविदेश मंत्रालय की डिजिटल उपस्थिति का इतिहास लगभग 15 वर्ष पुराना है। मंत्रालय ने अपने डिजिटल सफर की शुरुआत 2010 में एटदरेट इंडियन डिप्लोमेसी नामक ट्विटर अकाउंट के साथ की थी, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को मजबूत करना था। इसके बाद 2011 में आधिकारिक सूचनाओं और प्रवक्ता के बयानों के प्रसार के लिए एटदरेट एमईए इंडिया अकाउंट की शुरुआत की गई। समय के साथ अपनी पहुंच को बढ़ाते हुए मंत्रालय ने 2012 में फेसबुक पर कदम रखा और बाद में यूट्यूब, लिंक्डइन तथा इंस्टाग्राम पर भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त, विदेशों में तैनात भारतीय दूतावास और मिशन भी सोशल मीडिया के जरिए प्रवासी भारतीयों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक अपनी सेवाएं पहुंचा रहे हैं। नागरिक केंद्रित सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए जुलाई 2013 में एमईए इंडिया मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया था।\n\nडिजिटल और पारंपरिक मीडिया का संतुलित मेल\nस्नैपचैट पर शुरुआत के साथ विदेश मंत्रालय की बहु-स्तरीय संचार रणनीति और अधिक मजबूत हुई है। एक ओर जहां मंत्रालय युवाओं को आकर्षित करने के लिए नए जमाने के विजुअल प्लेटफॉर्म्स को अपना रहा है, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक मीडिया के साथ अपने तालमेल को भी बढ़ा रहा है। पत्रकारों और देशवासियों तक सटीक कूटनीतिक जानकारी समय पर पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग का आयोजन अब पहले से कहीं अधिक नियमित और व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। इस तरह मंत्रालय नई तकनीक और स्थापित मीडिया माध्यमों का बेहतरीन संतुलन बनाकर भारत की विदेश नीति को हर वर्ग तक पहुंचा रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत भर में: देश के युवाओं और छात्रों को भारत की वैश्विक नीतियों, विदेशी संबंधों और पासपोर्ट या वीजा संबंधी सामान्य दिशा-निर्देशों की जानकारी अब उनके पसंदीदा सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट पर आसानी से मिल सकेगी।\n\nविदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए: विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों और प्रवासियों तक आपातकालीन अलर्ट और कूटनीतिक सूचनाएं अधिक त्वरित और सुलभ माध्यम से पहुंच सकेंगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. विदेश मंत्रालय ने स्नैपचैट पर अपना आधिकारिक अकाउंट क्यों शुरू किया है?\nविदेश मंत्रालय ने युवाओं और जन-जी यूजर्स तक भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक गतिविधियों की जानकारी सरल और आकर्षक माध्यम से पहुंचाने के लिए स्नैपचैट पर कदम रखा है।\n\n2. स्नैपचैट पर शुरुआत की घोषणा किसने और कैसे की?\nविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक वीडियो साझा कर स्नैपचैट अकाउंट की औपचारिक घोषणा की और लोगों से फॉलो करने की अपील की।\n\n3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस कदम से क्या संबंध है?\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मंत्रियों को युवाओं से जुड़ने के लिए रील्स और सोशल मीडिया के नए इंटरैक्टिव माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी, जिसके तहत यह कदम उठाया गया है।\n\n4. विदेश मंत्रालय की डिजिटल कूटनीति की शुरुआत कब हुई थी?\nविदेश मंत्रालय ने 2010 में @IndianDiplomacy नाम से अपना पहला ट्विटर अकाउंट शुरू किया था और 2011 में @MEAIndia अकाउंट लॉन्च किया था।\n\n5. विदेश मंत्रालय का आधिकारिक मोबाइल ऐप कब लॉन्च हुआ था?\nनागरिक केंद्रित सेवाओं को मोबाइल पर लाने के लिए विदेश मंत्रालय ने जुलाई 2013 में अपना 'MEA India' मोबाइल ऐप लॉन्च किया था।",
  "url": "https://trendkia.com/national/yuvaon-taka-videsha-niti-pahunchane-ke-lie-videsha-mntralaya-ne-snapchat-para-di-dastaka-dijitala-kutaniti-ka-barhaya-dayara-14736",
  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-08-07",
  "tags": [
    "विदेश मंत्रालय",
    "स्नैपचैट",
    "रणधीर जायसवाल",
    "डिजिटल कूटनीति",
    "नरेंद्र मोदी",
    "सोशल मीडिया"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}