# 77 से 545 Passport Seva Kendras: S. Jaishankar ने नई दिल्ली Conference में गिनाई पासपोर्ट सेवा की बड़ी उपलब्धि

> S. Jaishankar ने वार्षिक Regional Passport Officers' Conference में बताया कि देश में Passport Seva Kendras की संख्या 2014 के 77 से बढ़कर 545 हो चुकी है और यह सेवा अब देश के सबसे दूरदराज़ इलाकों तक पहुंच गई है।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-06-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/77-se-545-passport-seva-kendras-s-jaishankar-ne-new-delhi-conference-men-ginai-p-1767 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

## नई दिल्ली में Conference, पासपोर्ट सेवा की समीक्षा
नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक Regional Passport Officers' Conference में S. Jaishankar ने देशभर से आए पासपोर्ट अधिकारियों को संबोधित किया। इस सम्मेलन में भारत की पासपोर्ट सेवा की मौजूदा स्थिति और आगे की राह पर विस्तार से चर्चा की गई।

## एक दशक में सात गुना हुई वृद्धि
आंकड़े खुद बोलते हैं। 2014 में जब Bharat Passport Service Programme की नींव रखी गई, तब देश में सिर्फ 77 Passport Seva Kendras थे। आज यह संख्या बढ़कर 545 हो गई है। S. Jaishankar ने इसे सार्वजनिक सेवा वितरण के क्षेत्र में एक बड़ी और उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।

## दूरदराज़ के इलाकों तक पहुंची सेवा
S. Jaishankar ने यह भी रेखांकित किया कि इस विस्तार की असली खासियत सिर्फ केंद्रों की बढ़ती संख्या नहीं है। Passport Service Programme ने देश के सबसे दूरदराज़ और कम सुविधा वाले क्षेत्रों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित की है, जहां पहले पासपोर्ट केंद्र तक पहुंचना आम नागरिक के लिए बेहद मुश्किल था।

## Model Partnership की मिसाल
S. Jaishankar ने इस पहल को एक model partnership करार दिया और कहा कि इस विस्तार के पीछे अलग-अलग stakeholders का सामूहिक और समन्वित प्रयास है। इस कार्यक्रम को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने का अनुभव सरल और सहज हो।

## जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। जहां एक तरफ बड़ी संख्या में नागरिकों ने Passport Seva Kendras के इस तेज़ विस्तार को सराहा और इसे शासन में सुधार का प्रमाण बताया, वहीं कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि केंद्रों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ प्रतीक्षा समय कम करने पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।

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## इसका आप पर असर
Passport Seva Kendras की संख्या 77 से बढ़कर 545 होने से देश के छोटे शहरों और दूरदराज़ के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सीधा फायदा मिला है।

- **आम नागरिकों के लिए:** ज़्यादा Passport Seva Kendras का मतलब है कि पासपोर्ट बनवाने के लिए अब बड़े शहरों तक सफर नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
- **दूरदराज़ क्षेत्रों के लिए:** जिन इलाकों में पहले कोई पासपोर्ट केंद्र नहीं था, वहां के नागरिकों को अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. अभी भारत में कितने Passport Seva Kendras हैं?
अभी देश में कुल 545 Passport Seva Kendras काम कर रहे हैं।

### 2. 2014 में Passport Seva Kendras की संख्या कितनी थी?
2014 में भारत में केवल 77 Passport Seva Kendras थे।

### 3. S. Jaishankar ने यह जानकारी कहां साझा की?
S. Jaishankar ने नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक Regional Passport Officers' Conference में यह बात कही।

### 4. Bharat Passport Service Programme की क्या खासियत बताई गई?
यह पहल 2014 में 77 केंद्रों से बढ़कर आज 545 Passport Seva Kendras तक पहुंच गई है और देश के सबसे दूरदराज़ इलाकों में भी पासपोर्ट सेवाएं पहुंचा रही है।

### 5. इसे model partnership क्यों कहा गया?
S. Jaishankar ने इस विस्तार को model partnership बताया क्योंकि यह अलग-अलग stakeholders के सामूहिक और समन्वित प्रयास से संभव हुआ है।

### 6. लोगों ने इस घोषणा पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कई नागरिकों ने Passport Seva Kendras के विस्तार की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने प्रतीक्षा समय कम करने की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए।

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