80वें स्वतंत्रता दिवस पर योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में सांस्कृतिक कलाकारों को किया सम्मानित 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन के सामने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों और कलाकारों को अपने सरकारी आवास पर सम्मानित किया। 80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रमों की अगुवाई की। विधान भवन के सामने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने उन विद्यार्थियों और सांस्कृतिक कलाकारों से मुलाकात की जिन्होंने समारोह के दौरान प्रस्तुतियां दी थीं। इन सभी कलाकारों और छात्रों को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कलाकारों का हुआ अभिनंदन लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस अभिनंदन समारोह में राज्यभर से आए छात्रों और बाल कलाकारों का उत्साह देखते ही बनता था। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विधान भवन के समक्ष देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां देने वाले इन युवाओं के योगदान की मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन देश की समृद्ध विरासत और युवा पीढ़ी के राष्ट्रप्रेम को दर्शाते हैं। ध्वजारोहण और मुख्यमंत्री का संदेश इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में विधान भवन के मुख्य द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने राज्य के महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को गरीबी और अशिक्षा से पूरी तरह मुक्त कराना ही सच्चा स्वतंत्रता संग्राम है। उन्होंने प्रदेश और देश के 140 करोड़ नागरिकों से विकसित भारत के निर्माण में समान रूप से योगदान देने का आह्वान किया। लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस का उत्साह 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरी राजधानी लखनऊ को भव्य तरीके से सजाया गया था। पूर्व संध्या से ही शहर के प्रमुख शासकीय भवनों जैसे विधान भवन, लोक भवन और ऐतिहासिक हजरतगंज क्षेत्र को बहुरंगी रोशनी से नहला दिया गया था। विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुए और 404 पंचायतों में जनसुविधा हेतु विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। लखनऊ के बारे में लखनऊ भारत के उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी है। प्रशासनिक रूप से यह संपूर्ण लखनऊ जिले का मुख्यालय है। यह शहर अपने ऐतिहासिक स्थलों, प्रशासनिक महत्व और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में जाना जाता है। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आम नागरिकों ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के साथ मुख्यमंत्री की इस पहल का स्वागत किया। कई लोगों ने राज्य के विकास और देशभक्ति के माहौल की प्रशंसा की, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने छात्रों और युवाओं के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। इसका आप पर असर भारत में: 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से देशभर के नागरिकों में राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना सुदृढ़ होती है। उत्तर प्रदेश में: सांस्कृतिक कलाकारों के सम्मान और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं के क्रियान्वयन से युवाओं के प्रोत्साहन तथा स्थानीय विकास को गति मिलेगी। सवाल-जवाब 1. योगी आदित्यनाथ ने किन कलाकारों को अपने आवास पर सम्मानित किया? उन्होंने लखनऊ में विधान भवन के समक्ष 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले विद्यार्थियों और बाल कलाकारों को सम्मानित किया। 2. उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह कहां हुआ? मुख्य ध्वजारोहण समारोह राजधानी लखनऊ में स्थित विधान भवन के समक्ष आयोजित किया गया। 3. मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता का क्या अर्थ बताया? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता का तात्पर्य गरीबी और अशिक्षा से देश को पूर्ण मुक्ति दिलाना है। 4. स्वतंत्रता दिवस पर लखनऊ में क्या विशेष सजावट की गई थी? विधान भवन, लोक भवन और हजरतगंज क्षेत्र सहित प्रमुख सरकारी इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/80ven-svatntrata-divasa-para-yogi-adityanatha-ne-lakhanau-men-sanskritika-kalakaron-ko-kiya-sammanita-16955 TrendKia — Har trend, sabse pehle.