अदीस अबाबा में एस. जयशंकर और इथियोपिया के विदेश मंत्री की अहम बैठक, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा एस. जयशंकर ने अदीस अबाबा में इथियोपिया के विदेश मंत्री से द्विपक्षीय संबंधों और आपसी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर विस्तृत चर्चा की। अदीस अबाबा में भारत और इथियोपिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय संवाद के दौरान दोनों देशों ने अपने ऐतिहासिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के संकल्प को दोहराया। दोनों पक्षों ने साझा हितों, आपसी मूल्यों और दीर्घकालिक सहयोग को नई दिशा देने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। साझा मूल्यों और सहयोग पर केंद्रित बातचीत इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी रणनीतिक साझेदारी के मूल स्तंभों पर जोर दिया। बैठक में इस बात को रेखांकित किया गया कि भारत और इथियोपिया के संबंध साझा आकांक्षाओं और ऐतिहासिक रूप से मजबूत दक्षिण-दक्षिण एकजुटता पर आधारित हैं। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर गहन चर्चा की। राजनयिक गतिविधियों का व्यापक संदर्भ यह कूटनीतिक संपर्क ऐसे समय में सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बातचीत का सिलसिला तेज है। इससे पहले ब्रिक्स बैठक के दौरान पश्चिम एशिया और व्यापारिक संबंधों को लेकर मिस्र तथा थाईलैंड के समकक्षों के साथ भी इसी तरह की गहन चर्चाएं आयोजित की गई थीं। विभिन्न मंचों पर होने वाले ये संवाद व्यापार, क्षेत्रीय स्थिरता और बहुपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने के कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा हैं। जनता की प्रतिक्रिया इस बैठक की जानकारी सामने आने के बाद ऑनलाइन मंचों पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ नागरिकों ने अफ्रीकी देशों के साथ कूटनीतिक साझेदारी बढ़ने पर खुशी जाहिर करते हुए यात्रा से जुड़े सवाल पूछे, जबकि कुछ अन्य लोगों ने देश के घरेलू मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। इसका आप पर असर भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंध दीर्घकालिक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए नए अवसर तैयार करते हैं। • वैश्विक स्तर पर: यह वार्ता अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की एकजुटता को मजबूती प्रदान करती है। इससे वैश्विक बहुपक्षीय मंचों पर साझा हितों को प्रभावी ढंग से उठाने में मदद मिलती है। • व्यापार और उद्योग: द्विपक्षीय बातचीत से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के रास्ते सुगम होते हैं। इससे भारतीय उद्योगों और निर्यातकों के लिए नए बाजारों के द्वार खुल सकते हैं। • कूटनीतिक संबंध: रणनीतिक साझेदारी गहराने से शिक्षा, तकनीक और क्षमता निर्माण में सहयोग बढ़ता है। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क को नई गति मिलती है। • क्षेत्रीय साझेदारी: अफ्रीकी महाद्वीप के देशों के साथ निरंतर संवाद से कूटनीतिक मौजूदगी मजबूत होती है। यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाती है। सवाल-जवाब 1. एस. जयशंकर और इथियोपिया के विदेश मंत्री की बैठक कहां आयोजित हुई? यह महत्वपूर्ण बैठक इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में आयोजित की गई। 2. इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था? बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने पर चर्चा हुई। 3. भारत और इथियोपिया की साझेदारी किस आधार पर टिकी है? यह साझेदारी साझा मूल्यों, समान आकांक्षाओं और ऐतिहासिक दक्षिण-दक्षिण एकजुटता पर आधारित है। 4. सोशल मीडिया पर जनता की कैसी प्रतिक्रिया रही? जनता की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं, जहां कुछ लोगों ने कूटनीतिक प्रगति का स्वागत किया तो कुछ ने घरेलू प्राथमिकताओं की ओर ध्यान दिलाया। नेता परिचय: एस. जयशंकर • पद: विदेश मंत्री • जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी 2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चीन में राजदूत (2009–2013) • अमेरिका में राजदूत (2013–2015) • भारत के विदेश सचिव (2015–2018) • विदेश मंत्री (2019 से) • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका रोचक तथ्य • विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। • चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे। https://trendkia.com/neta-ji/adisa-ababa-men-esa-jayashnkara-aura-ithiyopiya-ke-videsha-mntri-ki-ahama-baithaka-rananitika-sajhedari-majabuta-karane-para-charc-45370 TrendKia — Har trend, sabse pehle.