अजिंक्य रहाणे के संन्यास पर शशी थरूर की प्रतिक्रिया, बताया भारत का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट कप्तान भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के संन्यास की घोषणा के बाद शशी थरूर ने सोशल मीडिया पर उनकी कप्तानी की तारीफ की है। थरूर ने ऑस्ट्रेलिया में 2020-21 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत का जिक्र करते हुए उन्हें बेहतरीन कप्तान करार दिया। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने खेल से संन्यास लेने का फैसला किया है। उनके इस फैसले के बाद खेल और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी हस्तियों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ राजनेता और लेखक शशी थरूर ने सोशल मीडिया पर अजिंक्य रहाणे के खेल और नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए संदेश साझा किया है। शशी थरूर ने की रहाणे के नेतृत्व कौशल की सराहना अजिंक्य रहाणे के खेल को अलविदा कहने पर दुख व्यक्त करते हुए शशी थरूर ने उन्हें एक बेहद प्रतिभाशाली, क्षमतावान और पूरी तरह से भरोसेमंद खिलाड़ी बताया। अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि रहाणे भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन टेस्ट कप्तानों में शामिल हैं। थरूर के अनुसार, वह राष्ट्रीय टीम की कप्तानी में एक लंबा कार्यकाल पाने के हकदार थे। शशी थरूर ने विशेष रूप से 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे का उल्लेख किया, जहां अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में भारत ने ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती थी। उस दौरे पर शुरुआती मुश्किलों और प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के बावजूद रहाणे की अगुवाई में भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए सीरीज अपने नाम की थी। थरूर ने इस जीत को रहाणे के कप्तानी करियर का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। करियर के प्रमुख पड़ाव और महत्वपूर्ण योगदान कप्तानी के अलावा अजिंक्य रहाणे की पहचान एक जुझारू मध्यक्रम बल्लेबाज के रूप में रही है। कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने कई मौकों पर भारत को मजबूती दी। 2015 में दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में उनकी पहली पारी के बाद की बल्लेबाजी और कठिन परिस्थितियों में डटकर खेलने की शैली को आज भी याद किया जाता है। घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से खेलते हुए अपनी पहचान बनाने वाले रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वही निष्ठा बनाए रखी। व्यक्तिगत आंकड़ों के पीछे भागने के बजाय उन्होंने हमेशा टीम की जरूरतों को प्राथमिकता दी। स्लिप और आउटफील्ड में उनकी बेहतरीन फील्डिंग ने भारत को कई मौकों पर मैच पलटने वाले कैच दिलाए, जिससे वह अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन फील्डरों में शामिल रहे। शांत स्वभाव और ड्रेसिंग रूम का अनुभव अपने पूरे करियर के दौरान अजिंक्य रहाणे मैदान पर और मैदान के बाहर बेहद शांत और अनुशासित रहे। उनके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने वाले खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने हमेशा उनकी कड़ी मेहनत, व्यावसायिकता और सादगी की तारीफ की है। बिना किसी शोर-शराबे के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना और मुश्किल समय में टीम का साथ निभाना उनकी पहचान रही। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों ने अजिंक्य रहाणे के प्रति आभार व्यक्त किया और भारतीय क्रिकेट के लिए उनके योगदान की सराहना की। लोगों ने 2020-21 की ऑस्ट्रेलिया दौरे की जीत को याद करते हुए उन्हें एक सच्चा जेंटलमैन बताया और उनके जीवन के अगले अध्याय के लिए शुभकामनाएं दीं। इसका आप पर असर • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: अजिंक्य रहाणे के संन्यास के साथ ही भारतीय क्रिकेट के एक ऐतिहासिक और अनुशासित अध्याय का समापन हुआ है। • खेल प्रेमियों के लिए: 2020-21 की ऑस्ट्रेलिया दौरे की जीत रहाणे के नेतृत्व और जुझारूपन की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में हमेशा याद रखी जाएगी। सवाल-जवाब 1. अजिंक्य रहाणे के संन्यास पर शशी थरूर ने क्या कहा? शशी थरूर ने अजिंक्य रहाणे को एक प्रतिभाशाली और भरोसेमंद खिलाड़ी बताते हुए उन्हें भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन टेस्ट कप्तान करार दिया। 2. शशी थरूर ने रहाणे की कप्तानी के किस दौरे का विशेष उल्लेख किया? थरूर ने 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया टेस्ट दौरे का विशेष रूप से जिक्र किया, जहां रहाणे के नेतृत्व में भारत ने कमबैक करके ऐतिहासिक सीरीज जीती थी। 3. अजिंक्य रहाणे का घरेलू क्रिकेट में किस टीम से गहरा संबंध रहा है? अजिंक्य रहाणे ने घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक मुंबई की टीम का प्रतिनिधित्व किया है। 4. अजिंक्य रहाणे को किस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनकी यादगार पारी के लिए जाना जाता है? 2015 में दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में अजिंक्य रहाणे की जुझारू बल्लेबाजी को काफी सराहा गया था। 5. जनता ने अजिंक्य रहाणे के संन्यास पर कैसी प्रतिक्रिया दी? प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर रहाणे के योगदान की तारीफ की और उन्हें भारतीय क्रिकेट का एक सच्चा जेंटलमैन बताया। नेता परिचय: शशि थरूर • पद: सांसद, तिरुवनंतपुरम • जन्म: 9 मार्च 1956, लंदन, यूके • पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस • शिक्षा: फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी 2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007) • सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से) • विदेश राज्य मंत्री (2009–2010) • विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष • 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रोचक तथ्य • 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे। • 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में। https://trendkia.com/neta-ji/ajinkya-rahane-ke-snnyasa-para-shashi-tharura-ki-pratikriya-bataya-bharata-ka-sarvashreshtha-testa-kaptana-12311 TrendKia — Har trend, sabse pehle.