# अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थापना दिवस पर अमित शाह ने दी बधाई, छात्र संगठन की भूमिका को सराहा

> अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संगठन के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-07-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/akhila-bharatiya-vidyarthi-parishada-ke-sthapana-divasa-para-amita-shaha-ne-di-badhai-chhatra-sngathana-ki-bhumika-ko-saraha-6070 · **Language:** Hindi
**Tags:** AmitShah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने विश्व के इस सबसे बड़े छात्र संगठन द्वारा राष्ट्र निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और युवाओं को संगठित करने की उनकी भूमिका को रेखांकित किया है।

## स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्वामी विवेकानंद जी के बताए गए उच्च आदर्शों के मार्ग पर चलते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन का काम केवल छात्रों को जोड़ना नहीं, बल्कि उनमें राष्ट्रभक्ति के संस्कारों को सींचने का एक पुनीत कार्य भी है। यह संगठन पिछले 78 वर्षों से छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति में बदलने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है।

## छात्रशक्ति का राष्ट्र निर्माण में योगदान
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का इतिहास संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा है। 1949 में अपनी स्थापना के बाद से ही, यह संगठन देश भर के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सक्रिय रहा है। भाजपा के कई शीर्ष नेतृत्वकर्ता और मुख्यमंत्री स्वयं अपने छात्र जीवन में इस संगठन के साथ जुड़े रहे हैं, जो इसकी संगठनात्मक मजबूती का प्रमाण है। संगठन समय-समय पर छात्र हितों के साथ-साथ राष्ट्रीय मुद्दों पर भी मुखर रहा है, चाहे वह आपातकाल का दौर रहा हो या शिक्षा नीति से जुड़े नीतिगत बदलाव।

## संगठन की व्यापकता
वर्तमान में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसके पास 55 लाख से अधिक सदस्य होने का रिकॉर्ड है। यह 'ज्ञान, शील और एकता' के मंत्र को अपना आधार मानता है। विद्यार्थी दिवस और स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, ताकि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति का भाव जागृत किया जा सके।

## जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के बाद लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं, जहाँ कई लोगों ने संगठन के अनुशासित काम की सराहना की है, तो वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा करने का आग्रह किया है।

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## इसका आप पर असर
**भारत में:** छात्रों के लिए बड़े छात्र संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये संगठन अक्सर कैंपस में होने वाली नीतिगत चर्चाओं और चुनावों को सीधे प्रभावित करते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना कब हुई थी?
इस छात्र संगठन की स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी।

### 2. अमित शाह ने अपने संदेश में किस महापुरुष के आदर्शों का उल्लेख किया है?
अमित शाह ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का उल्लेख किया है, जिनके मार्ग पर चलकर संगठन कार्य कर रहा है।

### 3. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पास कितने सदस्यों का दावा है?
संगठन का दावा है कि उसके पास 55 लाख से अधिक सदस्य हैं।

### 4. एबीवीपी का मुख्य मंत्र क्या है?
संगठन का मुख्य मंत्र ज्ञान, शील और एकता है।

## नेता परिचय: अमित शाह
- **पद:** केंद्रीय गृह मंत्री
- **जन्म:** 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** बायोकेमिस्ट्री में बीएससी

2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020)
- केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से)
- केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से)
- सांसद, गांधीनगर
- 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व

### रोचक तथ्य
- भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं।
- 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई।


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