अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बोला तीखा हमला, पूछा दीयों और तेल का हिसाब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा पर राजनीति का अधिकारीकरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन से दीये, तेल और बत्तियों के खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। भारतीय राजनीति में बयानों का दौर लगातार जारी है और इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने सत्ता पक्ष की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। राजनीति के अपराधीकरण से अधिकारीकरण का सफर अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में कहा है कि पहले भारतीय जनता पार्टी की राजनीति का मुख्य आधार अपराधीकरण हुआ करता था, लेकिन अब पार्टी उस रास्ते से आगे बढ़कर राजनीति का अधिकारीकरण करने में जुट गई है। उनके इस बयान का आशय प्रशासनिक मशीनरी के कथित राजनीतिक इस्तेमाल से है, जिस पर विपक्षी दल लगातार मुखर होकर अपनी बात रखते रहे हैं। जिलाधिकारी से मांगा गया खर्च का पूरा ब्योरा अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से अखिलेश यादव ने जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए एक खास मांग रखी है। उन्होंने कहा कि दीये, उसके तेल, बाती और उनकी व्यवस्था पर आने वाले खर्च का पूरा हिसाब-किताब जनता के सामने सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सारा खर्च संबंधित अधिकारी ने अपने निजी बैंक खाते से किया है या फिर इसमें सीधे तौर पर जनता के कर यानी टैक्स के पैसों का दुरुपयोग किया गया है। इस दौरान उन्होंने अपनी पोस्ट में एक लिंक भी साझा किया है, जिसके जरिए इस मुद्दे पर जनता का ध्यान आकर्षित किया गया है। गया के बारे में गया भारत के बिहार राज्य में स्थित एक प्रमुख नगर है, जो इस ज़िले का मुख्यालय होने के साथ-साथ राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर भी है। यहां की मुख्य क्षेत्रीय भाषा मगही है और यह देश के महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थलों में गिना जाता है, जहां हर साल लाखों देशी और विदेशी सैलानी पहुंचते हैं। हिंदू, बौद्ध और जैन तीनों ही धर्मों में इस ऐतिहासिक नगर का विशेष महत्व है, जिसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों जैसे रामायण और महाभारत में भी मिलता है। यह शहर तीन तरफ से रामशिला, प्रेतशिला और ब्रह्मयोनि नामक छोटी एवं पथरीली पहाड़ियों से घिरा हुआ है तथा इसके पूर्व दिशा में फल्गू नदी बहती है। जनता की प्रतिक्रिया इस सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अपनी-अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं, जहां कुछ लोगों ने इस सवाल का समर्थन किया तो वहीं अन्य ने इसका कड़ा विरोध करते हुए तीखे तंज कसे। इसका आप पर असर इस बयान का असर प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकारी खर्चों पर बहस के रूप में देखा जा सकता है। • भारत में: जनता के टैक्स के पैसों के इस्तेमाल और सरकारी कार्यक्रमों में होने वाले खर्च को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज हो सकती है। • गया में: स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के बीच क्षेत्रीय विकास तथा प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर चर्चाएं और अधिक मुखर हो सकती हैं। सवाल-जवाब 1. अखिलेश यादव ने किस मंच पर पोस्ट किया? अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह पोस्ट साझा किया। 2. उन्होंने किस बात का हिसाब मांगा है? उन्होंने दीयों, तेल, बाती और उनकी व्यवस्था पर आए खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। 3. गया शहर किस राज्य में स्थित है? गया भारत के बिहार राज्य में स्थित एक प्रमुख नगर है। 4. गया शहर के पास कौन सी नदी बहती है? गया के पूर्व दिशा में फल्गू नदी बहती है। नेता परिचय: अखिलेश यादव • पद: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष • जन्म: 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश • पार्टी: समाजवादी पार्टी • शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017) • समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से) • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई • कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा) रोचक तथ्य • 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। • पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि। https://trendkia.com/neta-ji/akhilesha-yadava-ne-bhajapa-sarakara-para-bola-tikha-hamala-puchha-diyon-aura-tela-ka-hisaba-33296 TrendKia — Har trend, sabse pehle.