अमित शाह का बड़ा ऐलान, 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने का लिया संकल्प केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने विजयादशमी के अवसर पर पंजाब को नशा मुक्त करने की घोषणा करते हुए 31 दिसंबर 2029 की समय सीमा तय की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए पंजाब को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। विजयादशमी के पावन अवसर पर दिए गए इस संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य से अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। इस अभियान के लिए सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक की समय सीमा तय की है, जिसके तहत पूरे प्रदेश को नशे के चंगुल से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है। नशामुक्त पंजाब का संकल्प और उसका महत्व विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसी प्रेरणा को ध्यान में रखते हुए पंजाब को इस गंभीर समस्या से उबारने के लिए यह बड़ा संकल्प लिया गया है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब की सुरक्षा और यहाँ की युवा पीढ़ी का भविष्य देश के लिए अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है। अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और कारोबार का दीमक की तरह फैलना पूरे प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रहा है, जिसे जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पंजाब के बारे में पंजाब दक्षिण एशिया में स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण भौगोलिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्र है, जो वर्तमान में पश्चिमोत्तर भारत और पूर्वी पाकिस्तान के भूभाग में फैला हुआ है। इस ऐतिहासिक भूमि का नाम फारसी के दो शब्दों 'पंज' यानी पाँच और 'आब' यानी जल से मिलकर बना है, क्योंकि यहाँ झेलम, चेनाब, राबी, व्यास और सतलज जैसी पाँच नदियाँ बहती हैं। प्राचीन काल में इसे सप्तसिन्धु के नाम से भी जाना जाता था, जहाँ सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तार हुआ था। भारतीय इतिहास में इस क्षेत्र का सामरिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष स्थान रहा है। जनता की प्रतिक्रिया अमित शाह की इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। जहाँ कई नागरिकों ने इस अभियान को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए इसका स्वागत किया है, वहीं कुछ लोगों ने सीमा सुरक्षा और पुनर्वास केंद्रों पर विशेष ध्यान देने की मांग भी उठाई है। इसका आप पर असर इस अभियान का उद्देश्य पंजाब और पड़ोसी राज्यों में अवैध नशे के कारोबार पर नकेल कसना है। • राष्ट्रीय स्तर पर: सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से आपराधिक नेटवर्क पर लगाम लगेगी। इससे देश के अन्य हिस्सों में भी मादक पदार्थों की तस्करी रोकी जा सकेगी। • पंजाब में: 31 दिसंबर 2029 तक तय इस लक्ष्य से युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा और सामाजिक माहौल सुधरेगा। इससे परिवारों को नशे की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. यह घोषणा किसने और कब की? यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विजयादशमी के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से की। 2. पंजाब को नशमुक्त करने का लक्ष्य कब तक रखा गया है? पूरे प्रदेश को नशे के कारोबार से मुक्त करने के लिए 31 दिसंबर 2029 की समय सीमा तय की गई है। 3. पंजाब का नाम कैसे पड़ा? पंजाब नाम फारसी के शब्दों 'पंज' और 'आब' से मिलकर बना है, जिसका अर्थ पाँच नदियों की भूमि है। 4. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को जड़ से समाप्त करना और युवा पीढ़ी को बचाना है। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/amita-shaha-ka-bara-ailana-31-disnbara-2029-taka-punjab-ko-nashamukta-karane-ka-liya-snkalpa-49890 TrendKia — Har trend, sabse pehle.