अमित शाह ने अहम खनिजों की प्रोसेसिंग के लिए 2,814 करोड़ रुपये की कैपेक्स योजना को आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत 2,814 करोड़ रुपये की कैपेक्स सपोर्ट स्कीम की सराहना की है। उनका कहना है कि इस फैसले से देश अहम खनिजों के क्षेत्र में घरेलू मांग को पूरा करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के भीतर अहम खनिजों के प्रसंस्करण को गति देने के उद्देश्य से 2,814 करोड़ रुपये की कैपेक्स सहायता योजना को मंजूरी दी है। इस नीतिगत फैसले को देश की घरेलू औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और महत्वपूर्ण कच्चे माल के मामले में विदेशी निर्भरता घटाने के एक निर्णायक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अमित शाह ने क्या कहा अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अहम खनिजों के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बहुत लंबी छलांग लगाई है। उन्होंने रेखांकित किया कि 2,814 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय सहायता योजना को मिली केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी से भारत अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए एक मजबूत और निर्णायक स्थिति में पहुंच गया है। घरेलू प्रोसेसिंग और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य क्रिटिकल मिनरल्स आधुनिक तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण के लिए अपरिहार्य माने जाते हैं। अब तक इन खनिजों के प्रसंस्करण और आपूर्ति श्रृंखला के बड़े हिस्से के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता रहा है। इस नई वित्तीय सहायता का मुख्य लक्ष्य देश के भीतर ही आधुनिक प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करना और घरेलू स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय विनिर्माण तंत्र को सुरक्षित आपूर्ति मिल सके। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर इस घोषणा के सामने आने के बाद लोगों की ओर से मिलीजुली राय देखने को मिली। कई उपयोगकर्ताओं ने घरेलू मूल्य संवर्धन, नए निवेश और रोजगार सृजन की सराहना करते हुए इसे भविष्य की तकनीक के लिए मजबूत कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने कच्चे माल की वास्तविक उपलब्धता पर सवाल उठाए और बड़े कॉर्पोरेट घरानों को मिलने वाले संभावित लाभ पर चिंता जताई। इसका आप पर असर क्रिटिकल मिनरल्स की घरेलू प्रोसेसिंग को प्रोत्साहन मिलने से देश के इलेक्ट्रॉनिक, ऊर्जा और विनिर्माण उद्योगों में स्थानीय स्तर पर नए अवसर पैदा होंगे। • भारत में: नई योजना से महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू प्रोसेसिंग इकाइयों को 2,814 करोड़ रुपये का पूंजीगत सहयोग मिलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार व निवेश के रास्ते खुलेंगे। • तकनीक और उद्योग क्षेत्र में: बैटरी निर्माण, सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों को स्थिर घरेलू कच्चा माल मिल सकेगा। भविष्य में आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने का जोखिम कम होगा जिससे तैयार उत्पादों की लागत स्थिर रखने में मदद मिलेगी। • उपभोक्ताओं और निवेशकों पर: स्थानीय प्रोसेसिंग बढ़ने से दीर्घकालिक स्तर पर घरेलू उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की उत्पादन लागत संतुलित रह सकती है। विनिर्माण और खनिज रिफाइनिंग से जुड़े शेयरों और उद्यमों में नए निवेश के अवसर पैदा होंगे। • औद्योगिक शोध और तकनीक में: आधुनिक रिफाइनिंग और मेटलर्जी के क्षेत्र में नए तकनीकी मानकों को लागू करने की आवश्यकता होगी। तकनीकी पेशेवरों और शोधकर्ताओं के लिए खनिज प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई नौकरियों की मांग बढ़ेगी। सवाल-जवाब 1. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किस योजना को मंजूरी दी है? केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अहम खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण को गति देने के लिए 2,814 करोड़ रुपये की कैपेक्स सपोर्ट स्कीम को मंजूरी दी है। 2. अमित शाह ने इस योजना के बारे में क्या कहा? अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना भारत को अहम खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और घरेलू मांग पूरा करने की दिशा में निर्णायक कदम है। 3. क्रिटिकल मिनरल्स का मुख्य उपयोग कहां होता है? क्रिटिकल मिनरल्स का उपयोग उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा उपकरण, बैटरियों और रक्षा विनिर्माण में मुख्य कच्चे माल के रूप में होता है। 4. सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही? सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नए निवेश और रोजगार की संभावनाओं का स्वागत किया, जबकि कुछ ने कच्चे माल की उपलब्धता और कॉर्पोरेट लाभ को लेकर सवाल उठाए। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/amita-shaha-ne-ahama-khanijon-ki-prosesinga-ke-lie-2-814-karora-rupaye-ki-kaipeksa-yojana-ko-atmanirbharata-ki-disha-men-bara-kada-56754 TrendKia — Har trend, sabse pehle.