अमित शाह ने गुरु नानक देव जी के ज्योति ज्योत दिवस पर दी श्रद्धांजलि, सामाजिक समरसता और तीन मूल सूत्रों का किया स्मरण सिख धर्म के प्रथम गुरु नानक देव जी के ज्योति ज्योत दिवस पर केंद्रीय नेता अमित शाह ने नमन करते हुए उनके न्याय, करुणा और समानता के आदर्शों को याद किया। उन्होंने गुरु साहिब के नाम जपो, किरत करो और वंड छको के संदेश को मानवीय कल्याण के लिए प्रासंगिक बताया। सिख धर्म के प्रथम गुरु और मानवता को एकता का संदेश देने वाले श्री गुरु नानक देव जी के पावन ज्योति ज्योत दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। सामाजिक समरसता, दया और परस्पर भाईचारे के प्रतीक के रूप में पहचाने जाने वाले गुरु नानक देव जी के जीवन मूल्यों को याद करते हुए उनके दिखाए सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया है। उनके आध्यात्मिक और सामाजिक उपदेश आज के दौर में भी समाज को दिशा दिखाने में पूरी तरह सक्षम हैं। सहानुभूति, न्याय और समानता के संदेश का स्मरण अमित शाह ने X पर लिखा कि न्याय, करुणा और समानता के प्रतीक श्री गुरु नानक देव जी का संपूर्ण जीवन लोक कल्याण को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव को दूर कर हर वर्ग को सम्मान के साथ जीने की सीख दी थी। उनके आदर्श भारतीय संस्कृति और मानवीय चेतना को निरंतर ऊर्जा प्रदान करते रहते हैं। जीवन के तीन प्रमुख सिद्धांतों की प्रासंगिकता गुरु नानक देव जी द्वारा प्रतिपादित त्रिसूत्रीय शिक्षा 'नाम जपो, किरत करो, वंड छको' पर विशेष जोर दिया गया। इस विचार की व्याख्या करते हुए रेखांकित किया गया कि प्रभु का स्मरण करना, ईमानदारी से कठोर परिश्रम करना और अपनी कमाई का हिस्सा जरूरतमंदों के साथ साझा करना ही जीवन का सच्चा आधार है। वर्तमान समय में भी यह शिक्षा हर नागरिक को निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करने और सत्कर्मों से जीविकोपार्जन की मजबूत प्रेरणा देती है। सिख परंपरा में त्याग और मानवीय रक्षा की विरासत भारतीय इतिहास में सिख गुरुओं की परंपरा सदैव धर्म, मानवीय मूल्यों और सामाजिक सुरक्षा की ढाल बनी रही है। गुरु परंपरा ने समाज में साहस और शौर्य की जो चेतना जगाई, वह पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रेरणा का स्रोत है। सिख धर्म की यह समृद्ध धारा जातिवाद और संकीर्णताओं से परे जाकर समतामूलक व्यवस्था की स्थापना पर बल देती रही है, जिसकी नींव प्रथम गुरु ने रखी थी। जनता की प्रतिक्रिया इस स्मरण संदेश पर आम लोगों ने भी अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को वर्तमान समय के भटके युवाओं के लिए सच्चा पथ प्रदर्शक बताया। अनेक नागरिकों ने आपसी सौहार्द बनाए रखने और समाज में सेवा भाव को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। इसका आप पर असर यह संदेश नागरिकों को सामाजिक एकता, ईमानदारी की कमाई और जरूरतमंदों की मदद करने के नैतिक दायित्वों को पुनः अपनाने के लिए प्रेरित करता है। • नैतिक आचरण: काम और व्यवसाय में सच्चाई तथा ईमानदारी से मेहनत करने की भावना मजबूत होती है। यह अनुचित साधनों को छोड़कर स्वच्छ आजीविका अपनाने की सीख देता है। • सामाजिक समरसता: जाति और वर्ग भेद से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे और समानता को बढ़ावा मिलता है। समाज में कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का वातावरण बनता है। • सेवा और दान: अपनी आय का एक अंश वंचितों के कल्याण में लगाने की प्रेरणा मिलती है। इससे सामुदायिक सहयोग और भुखमरी जैसी समस्याओं से निपटने की सामूहिक शक्ति बढ़ती है। • युवाओं को मार्गदर्शन: भटकाव और सामाजिक तनाव के दौर में युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है। यह जीवन को उद्देश्यपूर्ण और रचनात्मक कार्यों में लगाने का संदेश देता है। सवाल-जवाब 1. ज्योति ज्योत दिवस क्यों मनाया जाता है? यह पावन दिवस सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के सांसारिक देह त्याग कर ज्योति ज्योत समाने की स्मृति में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। 2. गुरु नानक देव जी के तीन मुख्य संदेश क्या हैं? उनके तीन मुख्य सूत्र 'नाम जपो' (प्रभु का स्मरण), 'किरत करो' (ईमानदारी से परिश्रम) और 'वंड छको' (दूसरों के साथ बांटकर खाना) हैं। 3. अमित शाह ने अपने संदेश में क्या कहा? उन्होंने गुरु नानक देव जी को न्याय, करुणा और समानता का प्रतीक बताते हुए उनके दिखाए मार्ग और त्रिसूत्रीय शिक्षाओं को आज भी प्रेरणादायक बताया। 4. आम जनता ने इस संदेश पर कैसी प्रतिक्रिया दी? श्रद्धालुओं और नागरिकों ने गुरु साहिब के प्रति नमन व्यक्त किया और उनकी शिक्षाओं को भटके युवाओं के मार्गदर्शन तथा सामाजिक सौहार्द के लिए जरूरी बताया। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/amita-shaha-ne-guru-nanaka-deva-ji-ke-jyoti-jyota-divasa-para-di-shraddhanjali-samajika-samarasata-aura-tina-mula-sutron-ka-kiya-s-43057 TrendKia — Har trend, sabse pehle.