अमित शाह ने इसरो के जीएलएसवी-एफ17 और ईओएस-05 मिशन की सफलता पर दी बधाई गृह मंत्री अमित शाह ने इसरो द्वारा जीएलएसवी-एफ17 रॉकेट के जरिए ईओएस-05 सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों को बधाई दी है। उन्होंने इसे अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की एक बड़ी उपलब्धि बताया है। भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाते हुए अंतरिक्ष में अपनी पहुंच को और मजबूत किया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद देश के शीर्ष नेताओं और मंत्रियों की ओर से बधाइयों का तांता लग गया है। अंतरिक्ष विज्ञान की इस नई छलांग को देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जीएलएसवी-एफ17 और ईओएस-05 का सफल प्रक्षेपण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल के जरिए इस शानदार उपलब्धि की जानकारी साझा की और इसरो के वैज्ञानिकों की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट ने सफलतापूर्वक ईओएस-05 उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है। इस मिशन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके साथ ही भारत को अपनी पहली ऐसी इमेजिंग सैटेलाइट मिल गई है जो भू-स्थिर कक्षा यानी जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से संचालित होगी। अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की यह तकनीकी प्रगति स्वदेशी अंतरिक्ष कार्यक्रमों को एक नया आयाम दे रही है। आत्मनिर्भर भारत और अंतरिक्ष नेतृत्व अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान और उपग्रह प्रक्षेपण के क्षेत्र में भारत की यह प्रगति वैश्विक स्तर पर देश की साख को और मजबूत करती है। पिछले कुछ वर्षों में इसरो ने कम लागत में सटीक और सफल मिशन लॉन्च करके दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अंतरिक्ष स्टार्टअप्स और निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से इस सेक्टर में युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। जनता की प्रतिक्रिया इस बड़ी सफलता के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां अधिकांश नागरिकों ने इसरो के वैज्ञानिकों और सरकार की इस उपलब्धि की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने देश के अन्य सामाजिक और बुनियादी मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। इसका आप पर असर इस अंतरिक्ष मिशन की सफलता का देश के तकनीकी और सामरिक विकास पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: देश के संचार, मौसम पूर्वानुमान और रिमोट सेंसिंग क्षमताओं में सुधार होगा, जिससे आपदा प्रबंधन और कृषि क्षेत्रों को सटीक डेटा मिलेगा। • अंतरिक्ष उद्योग में: इसरो की इस सफलता से स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए नए व्यावसायिक अवसर खुलेंगे। सवाल-जवाब 1. इसरो ने कौन सा नया उपग्रह लॉन्च किया है? इसरो ने ईओएस-05 उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में लॉन्च किया है। 2. यह उपग्रह किस रॉकेट के जरिए भेजा गया? इस उपग्रह को जीएलएसवी-एफ17 रॉकेट के माध्यम से कक्षा में स्थापित किया गया है। 3. इस मिशन की मुख्य विशेषता क्या है? इसके साथ ही भारत को अपनी पहली ऐसी इमेजिंग सैटेलाइट मिल गई है जो भू-स्थिर कक्षा से संचालित होती है। 4. इस सफलता पर किसने बधाई दी है? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/amita-shaha-ne-isaro-ke-jielaesavi-epha17-aura-ioesa-05-mishana-ki-saphalata-para-di-badhai-27767 TrendKia — Har trend, sabse pehle.