अमित शाह ने की राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की महापरिषद की 93वीं बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की महापरिषद की 93वीं बैठक की अध्यक्षता की और देश भर में इसके विस्तार की सराहना की। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की महापरिषद की 93वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में देश के सहकारिता ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान संगठन के अब तक के सफर और इसकी पहुंच को लेकर खास तौर पर समीक्षा की गई। देशभर में निगम की मजबूत उपस्थिति इस अवसर पर चर्चा करते हुए यह रेखांकित किया गया कि देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की उपस्थिति दर्ज होना एक बेहद बड़ी उपलब्धि है। इस व्यापक पहुंच का सीधा फायदा अब समाज के उन वर्गों तक पहुंच रहा है जो लंबे समय से आर्थिक मुख्यधारा से दूर थे। छोटे किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और ग्रामीण महिलाओं को इस व्यवस्था के जरिए प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। सहकारिता क्षेत्र में लगातार बढ़ते कदम सरकार की ओर से सहकारिता आंदोलन को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाल के वर्षों में सहकारिता के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनमें अन्न भंडारण योजना और उन्नत बीजोत्पादन से जुड़ी राष्ट्रीय संगोष्ठियां शामिल हैं। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में उत्पादन क्षमता को बढ़ाना और कृषि से जुड़े लोगों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें। जनता की प्रतिक्रिया इस बैठक और सहकारिता पहलों को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कुछ नागरिकों ने ग्रामीण सशक्तिकरण के इन प्रयासों की सराहना की तो वहीं अन्य लोगों ने किसानों की आय और फसलों के उचित मूल्यों से जुड़े सवाल भी उठाए। इसका आप पर असर इस बैठक के निर्णयों का सीधा असर देश के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। • ग्रामीण अर्थव्यवस्था: राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के विस्तार से ग्रामीण इलाकों में वित्तीय सहायता और योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच रहा है। • किसानों और पशुपालकों को लाभ: छोटे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को सहकारिता नेटवर्क के जरिए बेहतर संसाधन मिलने की उम्मीद है। • महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और सहकारी गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। • देशव्यापी प्रभाव: देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सहकारिता योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलेगी। सवाल-जवाब 1. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की महापरिषद की 93वीं बैठक की अध्यक्षता किसने की? इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। 2. यह बैठक कहाँ आयोजित की गई थी? यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। 3. इस निगम के विस्तार का लाभ किसे मिल रहा है? इसका लाभ छोटे किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और ग्रामीण महिलाओं तक पहुँच रहा है। 4. इस बैठक में मुख्य रूप से किस विषय पर चर्चा हुई? बैठक में देश भर में निगम की उपस्थिति और सहकारिता योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/amita-shaha-ne-ki-rashtriya-sahakari-vikasa-nigama-ki-mahaparishada-ki-93vin-baithaka-ki-adhyakshata-53068 TrendKia — Har trend, sabse pehle.