अमित शाह ने किया यमुना के शुद्धिकरण का संकल्प, दिल्ली में करोड़ों की परियोजनाओं का ऐलान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना नदी के कायाकल्प और सीवरेज सुधार के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मई 2029 तक नदी को पूरी तरह साफ करने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी की स्थिति को सुधारने और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की है। इस सिलसिले में उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी साझा की है, जिसमें नदी के पुनरुद्धार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। यमुना की दशा और पिछली सरकारों पर हमला इस नई पहल के तहत सरकार ने पिछली सरकारों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देश की राजधानी से गुजरने वाली यमुना नदी में बीते कई वर्षों से लगातार अपशिष्ट और गंदगी गिरने के कारण इसकी स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। आलोचकों और राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर लंबे समय से बहस चलती रही है, जिसमें विपक्षी दल भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सरकारों को इसकी बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराते रहे हैं। मई 2029 तक नदी को साफ करने का लक्ष्य सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने मई 2029 से पहले यमुना नदी के पूर्ण शुद्धिकरण का बीड़ा उठाया है। इसी कड़ी में दिल्ली जल बोर्ड के माध्यम से लगभग ₹8,941 करोड़ की लागत से जल आपूर्ति और सीवरेज से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, जिससे आने वाले समय में प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। दिल्ली जल बोर्ड की नई परियोजनाएं शुरू की गई इन विशाल परियोजनाओं का मुख्य फोकस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की क्षमता बढ़ाना और गंदे पानी को सीधे नदी में गिरने से रोकना है। अधिकारियों का मानना है कि इन ढांचागत सुधारों से दिल्ली के भूजल और जल वितरण तंत्र में भी सुधार होगा। इससे पहले भी यमुना के पानी की गुणवत्ता को लेकर विभिन्न राजनीतिक मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा है, जिसमें विपक्षी नेताओं ने समय-समय पर सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। जनता की प्रतिक्रिया इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कुछ लोगों ने इस बड़े बुनियादी ढांचे के विकास का स्वागत किया तो वहीं कई नागरिकों ने समय सीमा और पिछले वादों की याद दिलाते हुए जल्द ठोस परिणाम देने की मांग की। इसका आप पर असर यह परियोजना दिल्ली के बुनियादी ढांचे और पर्यावरण को सीधे प्रभावित करती है, जिसका असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन और जल आपूर्ति पर पड़ेगा। • दिल्ली में: निवासियों को आने वाले वर्षों में बेहतर सीवरेज प्रबंधन और स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद है। इन बड़ी परियोजनाओं से नदी में गिरने वाले गंदे पानी की मात्रा कम हो सकती है। • भारत में: यह पहल देश के अन्य बड़े शहरी नदी पुनरुद्धार कार्यक्रमों के लिए एक बड़ा उदाहरण बन सकती है। इससे जल प्रदूषण नियंत्रण नीतियों पर राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज होगी। सवाल-जवाब 1. अमित शाह ने किस नदी के शुद्धिकरण का संकल्प लिया है? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना नदी के पूर्ण शुद्धिकरण का संकल्प लिया है। 2. यमुना को पूरी तरह साफ करने का क्या लक्ष्य रखा गया है? सरकार ने मई 2029 से पहले यमुना नदी को पूरी तरह साफ करने का लक्ष्य रखा है। 3. इस योजना के तहत कितने मूल्य के कार्य शुरू किए गए हैं? दिल्ली सरकार के लगभग ₹8,941 करोड़ के जल एवं सीवरेज संबंधी कार्यों का शिलान्यास किया गया है। 4. ये परियोजनाएं किस विभाग के अंतर्गत आती हैं? ये परियोजनाएं दिल्ली जल बोर्ड के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही हैं। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/amita-shaha-ne-kiya-yamuna-ke-shuddhikarana-ka-snkalpa-delhi-men-karoron-ki-pariyojanaon-ka-ailana-50634 TrendKia — Har trend, sabse pehle.