अनशन स्थल से जबरन उठाकर अस्पताल ले जाए गए सोनम वांगचुक, अखिलेश यादव ने बताया निंदनीय 20 दिन से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को बल प्रयोग करके अस्पताल ले जाए जाने पर दिल्ली में विवाद गहरा गया, अखिलेश यादव ने इसे अत्यंत निंदनीय बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। दिल्ली में सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर सियासी घमासान मच गया है। 18 जुलाई की सुबह प्रशासन ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें अनशन स्थल से जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जिसके तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की खबरें भी सामने आने लगीं। इस पूरे घटनाक्रम पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे बेहद निंदनीय बताया। पूरा मामला क्या है सोनम वांगचुक का नाम बीते कुछ महीनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। 14 मार्च को केंद्र सरकार ने उन पर लगा एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम तत्काल प्रभाव से हटा लिया था, जिसके बाद उनकी हिरासत खत्म हो गई थी। हिरासत से रिहा होने के बाद सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठ गए थे। 17 जुलाई तक आते-आते उनका यह अनशन 20वें दिन में पहुंच चुका था और लगातार भूखे रहने के चलते उनकी हालत बेहद गंभीर बताई जाने लगी थी। बल प्रयोग को लेकर पहले से थी आशंका सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत के बीच यह सवाल जोर पकड़ने लगा था कि क्या प्रशासन उन्हें अनशन स्थल से हटाने के लिए बल प्रयोग करेगा। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए एक तरफ यह चिंता थी कि लंबे समय तक भूखे रहने से उनकी जान को खतरा हो सकता है, तो दूसरी तरफ यह आशंका भी जताई जा रही थी कि प्रशासन किसी भी वक्त कड़ा कदम उठा सकता है। कुछ ही दिनों में यह आशंका सही साबित हुई। आज सुबह अस्पताल ले जाने पर मचा बवाल 18 जुलाई की सुबह सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से जबरन उठाकर अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद दिल्ली में इस कार्रवाई को लेकर विवाद और गहरा गया। उन्हें अस्पताल ले जाए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच झड़प की भी खबरें सामने आईं। यह घटना सुबह होते ही तेजी से फैली और थोड़ी ही देर में देशभर के साथ-साथ दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गई। सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर पहले से ही चिंता जताई जा रही थी, ऐसे में उन्हें बलपूर्वक हटाए जाने की खबर ने पूरे माहौल को और गर्मा दिया। अखिलेश यादव ने क्या कहा अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक को बल प्रयोग करके, जबरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना सुबह होते ही थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। उन्होंने आगे लिखा कि सारी दुनिया और देशभर में सोनम वांगचुक को लेकर गहरी चिंता है। अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। जनता की प्रतिक्रिया अखिलेश यादव की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने प्रशासन की कार्रवाई को गैर-जरूरी और दमनकारी बताते हुए सोनम वांगचुक के समर्थन में बात की, वहीं कुछ यूजर्स ने बिगड़ती सेहत को देखते हुए इसे जरूरी और मानवीय कदम बताया। कई यूजर्स ने अखिलेश यादव की मंशा और उनकी टिप्पणी के समय को लेकर भी सवाल उठाए। अन्तःस्थलीय मैदान के बारे में इस पूरी चर्चा के बीच अन्तःस्थलीय मैदान शब्द का भी जिक्र सामने आया, जो असल में भूगोल से जुड़ा एक सामान्य शब्द है। महाद्वीपों के भीतरी हिस्सों में नदियों के जरिए मिट्टी और अवसाद के जमा होने से बने भूभाग को अन्तःस्थलीय मैदान कहा जाता है। यह शब्द आमतौर पर धरती की सतह पर बनने वाली एक खास तरह की भौगोलिक संरचना को समझाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, और इसका मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से कोई सीधा संबंध नहीं है। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटनाक्रम विरोध-प्रदर्शन और अनशन के दौरान बल प्रयोग को लेकर देशभर में एक बार फिर सियासी और सार्वजनिक बहस को हवा दे सकता है। • दिल्ली में: प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बढ़े तनाव के चलते अनशन स्थल और आसपास के इलाकों में आवाजाही व सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सवाल-जवाब 1. सोनम वांगचुक को अस्पताल क्यों ले जाया गया? वे 20 दिन से आमरण अनशन पर बैठे थे और उनकी हालत लगातार गंभीर होती जा रही थी, जिसके बाद 18 जुलाई की सुबह उन्हें बल प्रयोग करते हुए अनशन स्थल से जबरन अस्पताल ले जाया गया। 2. अखिलेश यादव ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी? अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि बल प्रयोग करके सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय है और इसे लेकर देश-दुनिया में गहरी चिंता है। 3. सोनम वांगचुक का अनशन 18 जुलाई तक कितने दिन चल चुका था? 17 जुलाई तक उनका अनशन 20वें दिन में पहुंच चुका था, यानी वे करीब तीन हफ्तों से अनशन पर बैठे थे। 4. सोनम वांगचुक पर एनएसए कब और कैसे हटाया गया था? केंद्र सरकार ने 14 मार्च को सोनम वांगचुक पर लगा एनएसए तत्काल प्रभाव से हटा दिया था, जिसके बाद उनकी हिरासत खत्म हो गई थी। 5. अस्पताल ले जाने के दौरान क्या हुआ था? सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच झड़प की खबरें सामने आईं, जिससे दिल्ली में विवाद और गहरा गया। 6. अन्तःस्थलीय मैदान क्या होता है? महाद्वीपों के भीतरी हिस्सों में नदियों के अवसाद जमा होने से बनने वाले भूभाग को अन्तःस्थलीय मैदान कहा जाता है, यह एक भौगोलिक शब्द है। नेता परिचय: अखिलेश यादव • पद: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष • जन्म: 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश • पार्टी: समाजवादी पार्टी • शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017) • समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से) • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई • कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा) रोचक तथ्य • 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। • पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि। https://trendkia.com/neta-ji/anashana-sthala-se-jabarana-uthakara-aspatala-le-jae-gae-sonama-vangachuka-akhilesha-yadava-ne-bataya-nindaniya-8474 TrendKia — Har trend, sabse pehle.