अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने उठाए सवाल, चार साल बीतने के बावजूद न्याय की मांग अधूरी उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में चार साल बाद भी परिजनों को पूर्ण न्याय का इंतज़ार है। अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को दोबारा उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल बीत जाने के बाद भी पूर्ण न्याय की लड़ाई जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दो दिन पहले अंकिता के परिजनों से मुलाकात की और इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए इस मामले को प्रमुखता से उठाया। 19 वर्षीया अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में बतौर रिसैप्शनिस्ट काम करती थीं, जिनकी दर्दनाक हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। राहुल गांधी ने परिवार के साथ खड़े होने का संकल्प जताते हुए कहा कि जघन्य अपराध का शिकार हुई बच्ची के माता-पिता आज भी व्यवस्था से संपूर्ण न्याय की आस लगाए बैठे हैं। हत्याकांड की पृष्ठभूमि और शुरुआती जांच अंकिता भंडारी एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती थीं और अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के मकसद से उन्होंने रिसॉर्ट में नौकरी शुरू की थी। सितंबर 2022 में रिसॉर्ट के मालिकों और कर्मचारियों द्वारा उन पर एक कथित वीआईपी मेहमान को अनुचित सेवाएं देने का दबाव बनाया गया। अंकिता द्वारा इस शर्मनाक मांग का कड़ा विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई और शव को नहर में फेंक दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने 500 पन्नों की चार्जशीट तैयार की थी जिसमें 97 गवाहों के बयान शामिल किए गए थे। अदालती फैसला और परिजनों का असंतोष मई 2025 में अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, अंकिता के माता-पिता ने इस फैसले के बाद भी कहा कि उन्हें केवल अधूरा न्याय मिला है। परिवार का कहना है कि जिस वीआईपी मेहमान के लिए उनकी बेटी पर दबाव बनाया जा रहा था, उसकी पहचान और भूमिका को लेकर स्थिति कभी साफ नहीं की गई। इसके अलावा, सरकारी वकील की भूमिका को लेकर भी परिजनों ने चिंता जताई थी, जिसके बाद विधिक टीम में बदलाव की मांग उठी थी। सबूत मिटाने के आरोप और अनुत्तरित सवाल मामले में शुरुआती जांच से ही कई तरह की लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। घटना के तुरंत बाद बुलडोजर चलाकर रिसॉर्ट के कुछ हिस्सों को ढहा दिया गया था। अंकिता के पिता का आरोप था कि बेटी के कमरे में आग लगाई गई और सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए गए थे ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। परिजनों और स्थानीय लोगों का मानना है कि जब तक इस पूरे षड्यंत्र में शामिल हर प्रभावशाली व्यक्ति को बेनकाब नहीं किया जाता, तब तक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के इस वक्तव्य के बाद नागरिकों की ओर से व्यापक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने वीआईपी संस्कृति पर कड़े सवाल उठाते हुए अंकिता के परिवार को पूर्ण न्याय दिलाने की मांग का समर्थन किया, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने राजनीतिक नेताओं द्वारा ऐसे संवेदनशील मामलों पर बयानों के समय को लेकर सवाल भी खड़े किए। इसका आप पर असर भारत में: यह मामला देश भर में महिलाओं की कार्यस्थल सुरक्षा, आतिथ्य क्षेत्र में संरक्षण मानकों और प्रभावशाली व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष कानूनी जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उत्तराखंड में: राज्य में रिसॉर्ट्स और पर्यटन संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा नीतियों तथा स्थानीय पुलिस जांच की पारदर्शिता को लेकर नागरिकों में सतर्कता बढ़ी है। सवाल-जवाब 1. अंकिता भंडारी हत्याकांड कब और कहाँ हुआ था? यह घटना सितंबर 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में हुई थी, जहाँ 19 वर्षीया अंकिता रिसैप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं। 2. अंकिता भंडारी मामले में अदालत का क्या फैसला आया था? मई 2025 में अदालत ने इस मामले के मुख्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, हालांकि परिजनों ने इसे अधूरा न्याय करार दिया था। 3. राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात के बाद क्या कहा? राहुल गांधी ने परिजनों से मुलाकात कर कहा कि घटना के चार साल बीत जाने के बाद भी परिवार संपूर्ण न्याय का इंतज़ार कर रहा है, और उन्होंने इस कानूनी लड़ाई में समर्थन जताया। 4. अंकिता भंडारी के परिवार की मुख्य चिंताएं क्या हैं? परिवार का आरोप है कि रिसॉर्ट में आने वाले कथित वीआईपी मेहमान की भूमिका की पूरी जांच नहीं की गई तथा शुरुआती चरण में रिसॉर्ट को ढहाकर साक्ष्य मिटाए गए थे। नेता परिचय: राहुल गांधी • पद: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष • जन्म: 19 जून 1970, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस • शिक्षा: ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज से एमफिल 2024 से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष (2017–19)। नेहरू-गांधी परिवार से; रायबरेली से सांसद। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • महासचिव, कांग्रेस (2007–2013) • उपाध्यक्ष, कांग्रेस (2013–2016) • अध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (2017–2019) • भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व (2022–2023) • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (2024 से) रोचक तथ्य • राजनीति से पहले लंदन में मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में काम किया। • मार्शल आर्ट्स का अभ्यास करते हैं और विपश्यना ध्यान करते हैं। https://trendkia.com/neta-ji/ankita-bhndari-ke-parijanon-se-mulakata-ke-bada-rahula-gandhi-ne-uthae-savala-chara-sala-bitane-ke-bavajuda-nyaya-ki-manga-adhuri-17050 TrendKia — Har trend, sabse pehle.