असम में 8,970 करोड़ रुपये के गुवाहाटी-तेजपुर हाईवे कॉरिडोर को मंजूरी, अमित शाह बोले: विकसित राज्य का मार्ग होगा प्रशस्त केंद्रीय मंत्रिमंडल ने असम में NH-15 के 135.87 किलोमीटर लंबे गुवाहाटी-तेजपुर फोर-लेन हाईवे कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। 8,970 करोड़ रुपये की इस योजना में एक आपातकालीन लैंडिंग सुविधा भी बनाई जाएगी। असम में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (NH-15) पर 135.87 किलोमीटर लंबे गुवाहाटी-तेजपुर 4-लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 8,970 करोड़ रुपये तय की गई है। इस नए हाईवे कॉरिडोर के निर्माण से राज्य में व्यापार और आवाजाही को नई गति मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह क्षेत्र के सुदूर इलाकों तक विकास के लाभ पहुंचाने में मदद करेगा। परियोजना की मुख्य विशेषताएं और आपातकालीन लैंडिंग सुविधा इस 8,970 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजना को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। NH-15 के इस 135.87 किलोमीटर लंबे हिस्से में फोर-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे वाहनों की गति और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा। इस परियोजना की एक सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) भी शामिल की गई है। इस आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का इस्तेमाल रक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा, जो असम और पूर्वोत्तर भारत की सामरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। अमित शाह ने प्रधानमंत्री के विजन को बताया आधार परियोजना की मंजूरी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत यह 8,970 करोड़ रुपये का गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित असम के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। गृह मंत्री के अनुसार, यह नया कॉरिडोर राज्य में विकास और व्यापार की एक नई धमन के रूप में काम करेगा। इससे राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों तक आर्थिक विकास का लाभ पहुंचेगा और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। पूर्वोत्तर के विकास और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा गुवाहाटी और तेजपुर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से असम के कई जिलों को सीधा फायदा होगा। गुवाहाटी, जो पूर्वोत्तर का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, उससे तेजपुर तक का सफर न केवल आसान होगा बल्कि समय की भी भारी बचत होगी। इस फोर-लेन कॉरिडोर के बनने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, कृषि उत्पादों की बाजार तक पहुंच तेज होगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का उद्देश्य इस कनेक्टिविटी के माध्यम से पूरे पूर्वोत्तर भारत में आर्थिक गतिविधियों को तेज करना है। जनता की प्रतिक्रिया सरकार के इस फैसले पर आम जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिला-जुला रुख देखने को मिला है। जहां कई लोगों ने बेहतर कनेक्टिविटी और असम के विकास के लिए इस कदम का स्वागत किया है, वहीं कुछ नागरिकों ने भूमि अधिग्रहण की स्थिति, निर्माण समय सीमा और पर्यावरण मंजूरी से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल भी उठाए हैं। इसका आप पर असर भारत में: पूर्वोत्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग कनेक्टिविटी और सामरिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। असम में: गुवाहाटी और तेजपुर के बीच यात्रा का समय कम होगा और दूर-दराज के इलाकों में व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सवाल-जवाब 1. गुवाहाटी-तेजपुर हाईवे प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है? इस 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे कॉरिडोर परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 8,970 करोड़ रुपये है। 2. यह नया हाईवे कॉरिडोर किस राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है? यह कॉरिडोर असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (NH-15) के 135.87 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाया जा रहा है। 3. इस परियोजना में कौन सी विशेष सुरक्षा सुविधा शामिल की गई है? हाईवे पर एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) बनाई जाएगी, जिसका उपयोग आपात स्थिति में विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा। 4. इस हाईवे कॉरिडोर से असम को क्या लाभ होगा? इससे गुवाहाटी और तेजपुर के बीच यात्रा का समय घटेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और सुदूर क्षेत्रों तक आर्थिक विकास पहुंचेगा। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/assam-men-8-970-karora-rupaye-ke-guvahati-tejapura-haive-koridora-ko-mnjuri-amita-shaha-bole-vikasita-rajya-ka-marga-hoga-prashast-14504 TrendKia — Har trend, sabse pehle.