अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर अमित शाह ने याद किए पोखरण और कारगिल के ऐतिहासिक क्षण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें नमन करते हुए देश सेवा, पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल विजय में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर देश भर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। इस विशेष अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र की सेवा और नागरिकों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। गृह मंत्री ने उनके कार्यकाल के दौरान हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सामरिक और कूटनीतिक क्षमता का लोहा मनवाया। अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर देश का नमन अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और देश भर के नागरिकों ने उन्हें नमन किया। उनके समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों पर भी उनके विचारों और सिद्धांतों को याद किया गया। नेताओं ने उनके संसदीय जीवन, अनुकरणीय भाषण शैली और समावेशी राजनीति के दृष्टिकोण की सराहना की। भारतीय राजनीति में एक सर्वमान्य नेता के रूप में पहचाने जाने वाले वाजपेयी जी के विचार आज भी नई पीढ़ी के राजनीतिक कार्यकर्ताओं को प्रेरणा दे रहे हैं। अमित शाह ने अपने संदेश में क्या कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में अटल बिहारी वाजपेयी के देशभक्तिपूर्ण जीवन को नमन किया। शाह ने कहा, "अटल जी एक ऐसे देशभक्त राजनेता थे, जिन्होंने अपने जीवन का एक-एक क्षण देश सेवा को समर्पित कर दिया।" उन्होंने विशेष रूप से याद दिलाया कि वाजपेयी जी के प्रधानमंत्रित्व काल में भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण करके दुनिया को अपनी वैज्ञानिक और सामरिक शक्ति से परिचित कराया था। इसके अलावा 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की ऐतिहासिक विजय का नेतृत्व करके उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को पूरी दुनिया के सामने साबित किया था। कौन थे अटल बिहारी वाजपेयी अटल बिहारी वाजपेयी भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे और उन्होंने कुल तीन बार देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। उनका पहला कार्यकाल 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक मात्र 13 दिनों का रहा। इसके बाद वे 19 मार्च 1998 से 13 अक्टूबर 1999 तक 8 महीनों के लिए दोबारा प्रधानमंत्री बने। तत्पश्चात 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक उन्होंने अपना पूर्ण कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया। राजनीति के साथ-साथ वे एक प्रख्यात हिंदी कवि, पत्रकार और अद्वितीय वक्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और 1968 से 1973 तक भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। अपने शुरुआती जीवन में उन्होंने राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं का संपादन भी किया था। प्रधानमंत्री मोदी और शीर्ष नेताओं की श्रद्धांजलि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय जनता पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने उन्हें अद्भुत दूरदर्शिता वाला एक असाधारण राजनेता बताया, जिन्होंने देश के विकास और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण को नई दिशा दी। उनके कार्यकाल में शुरू की गई स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी पहलों ने भारत के कनेक्टिविटी परिदृश्य को बदल कर रख दिया था। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आम नागरिकों ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनके प्रसिद्ध भाषणों तथा कविताओं की पंक्तियों को साझा किया। कई उपयोगकर्ताओं ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की उनकी सोच की प्रशंसा की, जबकि कुछ लोगों ने वर्तमान सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की। इसका आप पर असर • भारत में: यह अवसर देश की परमाणु क्षमता और कारगिल विजय जैसे ऐतिहासिक सामरिक पड़ावों को स्मरण करने का दिन है। • राजनीतिक क्षेत्र में: यह श्रद्धांजलि नई पीढ़ी के नेताओं को सर्वसमावेशी राजनीति, गठबंधन प्रबंधन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सीख देती है। सवाल-जवाब 1. अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री कब-कब रहे? अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार प्रधानमंत्री रहे: पहली बार 16 मई 1996 से 1 जून 1996 (13 दिन), दूसरी बार 19 मार्च 1998 से 13 अक्टूबर 1999 (8 महीने), और तीसरी बार 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक। 2. अमित शाह ने अपनी श्रद्धांजलि में किन प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया? गृह मंत्री अमित शाह ने वाजपेयी जी के कार्यकाल के दौरान हुए पोखरण परमाणु परीक्षण और 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय का विशेष रूप से उल्लेख किया। 3. अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने शुरुआती करियर में किन पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया? उन्होंने राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन जैसी प्रमुख राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया था। 4. भारतीय जनसंघ में अटल बिहारी वाजपेयी की क्या भूमिका थी? वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और 1968 से 1973 तक इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। 5. सोशल मीडिया पर लोगों ने इस अवसर पर कैसी प्रतिक्रिया दी? नागरिकों ने वाजपेयी जी की कविताओं और भाषणों को साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, जबकि कुछ लोगों ने सामयिक शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणियां कीं। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/atala-bihar-i-vajapeyi-ki-punyatithi-para-amita-shaha-ne-yada-kie-pokharana-aura-karagila-ke-aitihasika-kshana-17219 TrendKia — Har trend, sabse pehle.