अयोध्या दीपोत्सव बना वैश्विक सांस्कृतिक सेतु, विदेशी कलाकारों ने बिखेरी रामकथा की छटा अयोध्या के दीपोत्सव को वैश्विक स्तर पर जोड़ने वाला सांस्कृतिक सेतु बताते हुए विदेशी कलाकारों की रामलीला प्रस्तुतियों की सराहना की गई है। अयोध्या में आयोजित होने वाला भव्य दीपोत्सव अब केवल दीपों के प्रज्वलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत को दुनिया के विभिन्न देशों से जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। सरयू नदी के तटों पर लाखों दीपों की जगमगाहट के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनूठा दृश्य देखने को मिलता है। इस उत्सव के मंच पर विश्व के कई महाद्वीपों से आए कलाकार अपनी स्थानीय शैलियों और भाषाओं में रामायण के प्रसंगों को मंचित करते हैं, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय पटल पर विशेष पहचान बना चुका है। योगी आदित्यनाथ का संदेश योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि अयोध्या का दीपोत्सव आज भारत और दुनिया के बीच एक अद्भुत सांस्कृतिक सेतु के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने बताया कि किस तरह श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों के कलाकार अपनी बोलियों और पारंपरिक कलाओं के जरिए रामकथा का मंचन करते हैं। उनके अनुसार, जिस प्रकार कई अलग-अलग नदियां अंततः एक ही महासागर में समाहित हो जाती हैं, उसी प्रकार विविध संस्कृतियों की यह प्रस्तुतियां साझा मानवीय मूल्यों और आस्था के एक केंद्र में आकर मिल जाती हैं। भव्य आयोजन और विश्व कीर्तिमान अयोध्या के दीपोत्सव में 26 लाख से अधिक दीपकों को प्रज्वलित कर नए विश्व कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश में इस अवसर पर 1.51 करोड़ से ज्यादा दीये जलाए गए। हनुमानगढ़ी से लेकर कनक भवन तक 41 प्रमुख मंदिरों को विशेष तौर पर सजाया गया। आयोजन में 2,100 वेदाचार्यों की उपस्थिति में सरयू तट पर भव्य महाआरती संपन्न हुई और लोककला के रंगों से सजी शोभायात्राएं निकाली गईं। देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन माध्यम से दीया जलाने की व्यवस्था भी की गई, ताकि लोग घर बैठे इस उत्सव से जुड़ सकें। इंडोनेशिया के बारे में इंडोनेशिया दक्षिण पूर्व एशिया और ओशिनिया क्षेत्र में फैला 17,508 द्वीपों का एक विशाल द्वीपसमूह देश है। लगभग 27 करोड़ की आबादी वाला यह मुल्क विश्व की चौथी सबसे बड़ी आबादी और दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम जनसंख्या को समेटे हुए है। इसकी स्थापित राजधानी जकार्ता से बदलकर अब नूसन्तारा की जा रही है। इंडोनेशिया की थल सीमाएं मलेशिया, पापुआ न्यू गिनी और पूर्वी तिमोर से मिलती हैं, जबकि इसके समुद्री पड़ोसियों में सिंगापुर, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया तथा भारत का अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। इसका आप पर असर दीपोत्सव का यह आयोजन अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करता है। • भारत में: यह उत्सव देश भर के श्रद्धालुओं को ऑनलाइन और प्रत्यक्ष माध्यमों से ऐतिहासिक आयोजन से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। इससे सांस्कृतिक पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग को व्यापक राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन मिलता है। • अयोध्या में: स्थानीय स्तर पर लाखों पर्यटकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के आगमन से आतिथ्य, परिवहन और खुदरा व्यापार को भारी आर्थिक लाभ मिलता है। लाखों मिट्टी के दीयों के निर्माण और मंदिर सजावट से स्थानीय कारीगरों और कुम्हारों को प्रत्यक्ष आजीविका मिलती है। • कलाकारों के लिए: विभिन्न देशों और भारतीय राज्यों के लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा बड़े वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सम्मान प्राप्त होता है। इससे लुप्तप्राय पारंपरिक नाट्य रूपों और लोक विधाओं के संरक्षण को गति मिलती है। • श्रद्धालुओं के लिए: दूर-दराज रहने वाले भक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी ओर से दीया प्रज्वलित करवाकर उत्सव में सीधे भागीदार बन सकते हैं। यह व्यवस्था उत्सव को भौगोलिक सीमाओं से परे प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ बनाती है। सवाल-जवाब 1. योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव को क्या उपाधि दी? उन्होंने अयोध्या के दीपोत्सव को भारत और विश्व के बीच एक अद्भुत सांस्कृतिक सेतु बताया। 2. इस दीपोत्सव में किन देशों के कलाकारों ने रामकथा प्रस्तुत की? श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों के कलाकारों ने अपनी स्थानीय भाषा और शैलियों में रामकथा का मंचन किया। 3. अयोध्या दीपोत्सव में कितने दीपक जलाकर रिकॉर्ड बनाया गया? अयोध्या में 26 लाख से अधिक दीपक जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश में 1.51 करोड़ से अधिक दीये जले। 4. अयोध्या में महाआरती का नेतृत्व कितने वेदाचार्यों ने किया? सरयू तट पर आयोजित भव्य महाआरती को 2,100 वेदाचार्यों ने संपन्न कराया। 5. इंडोनेशिया की जनसंख्या और द्वीप समूह का क्या विस्तार है? इंडोनेशिया में 17,508 द्वीप हैं और इसकी कुल जनसंख्या लगभग 27 करोड़ है। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/ayodhya-dipotsava-bana-vaishvika-sanskritika-setu-videshi-kalakaron-ne-bikheri-ramakatha-ki-chhata-56105 TrendKia — Har trend, sabse pehle.