अयोध्या के दीपोत्सव के दस साल पूरे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साझा किए विचार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर अयोध्या दीपोत्सव के ऐतिहासिक दशक को लेकर विचार साझा किए। उन्होंने इस आयोजन को भारत के सांस्कृतिक गौरव की वैश्विक पहचान बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक खास संदेश साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में सरयू नदी के किनारे जलाई गई संकल्प की एक छोटी सी लौ ने देश की संस्कृति और विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई प्रतिष्ठा दिलाई है। यह आयोजन अब केवल रोशनी का पर्व या केवल विश्व रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इससे आगे बढ़कर बहुत कुछ बन चुका है। अयोध्या मंडल के बारे में अयोध्या मंडल भारत के उत्तर प्रदेश राज्य की एक प्रमुख प्रशासनिक भौगोलिक इकाई है, जिसका मुख्य प्रशासनिक केंद्र अयोध्या शहर ही है। इस मंडल के प्रशासनिक दायरे में अयोध्या के साथ-साथ अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर और अमेठी जैसे जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक और भौगोलिक स्थिति के कारण विशेष महत्व रखता है। श्री अयोध्या धाम में आयोजित होने वाले दीपोत्सव का यह ऐतिहासिक सफर दस वर्षों का हो चुका है। सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से शुरू हुआ यह धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान अब दुनिया भर में अपनी एक विशेष पहचान बना चुका है। सरयू तट पर होने वाला यह आयोजन हर साल लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठता है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं। सवाल-जवाब 1. योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया? उन्होंने वर्ष 2017 में सरयू के तट पर प्रज्वलित संकल्प की लौ और अयोध्या दीपोत्सव के ऐतिहासिक दशक का जिक्र किया। 2. दीपोत्सव की शुरुआत कब से मानी जा रही है? इसकी शुरुआत वर्ष 2017 से हुई थी और इसने अपने दस साल पूरे किए हैं। 3. अयोध्या मंडल में कौन-कौन से जिले शामिल हैं? इसमें अयोध्या, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर और अमेठी जिले शामिल हैं। 4. अयोध्या मंडल का प्रशासनिक मुख्यालय कहां है? अयोध्या मंडल का प्रशासनिक मुख्यालय अयोध्या में स्थित है। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/ayodhya-ke-dipotsava-ke-dasa-sala-pure-mukhyamntri-yogi-adityanatha-ne-sajha-kie-vichara-57351 TrendKia — Har trend, sabse pehle.