# बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने एस जयशंकर से की विदाई मुलाकात

> भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह का कार्यकाल पूरा होने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उनसे विदाई मुलाकात की और उनके योगदान की सराहना की।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/bangladesha-ke-uchchayukta-riyaja-hamidullaha-ne-esa-jayashnkara-se-ki-vidai-mulakata-42733 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

भारत में बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह का राजनयिक कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस अवसर पर उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से औपचारिक विदाई मुलाकात की। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक उतार-चढ़ाव और जटिल क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच यह बैठक संपन्न हुई।

## विदेश मंत्री ने कार्यकाल और योगदान को सराहा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बांग्लादेशी उच्चायुक्त से विदाई भेंट पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में रियाज हमीदुल्लाह के प्रयासों की प्रशंसा की और भविष्य के दायित्वों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

## कूटनीतिक खींचतान और नए दूत की नियुक्ति की पृष्ठभूमि
हमीदुल्लाह के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के राजनयिक संबंधों ने कई संवेदनशील दौर देखे। दोनों पक्षों के बीच राजनयिकों को तलब किए जाने और तात्कालिक परामर्श के लिए ढाका बुलाए जाने जैसी स्थितियां भी सामने आई थीं। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरों और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ क्षेत्रीय शांति और सहयोग पर बैठकों के जरिए संवाद बनाए रखने का प्रयास भी हुआ। इस बीच ढाका ने नई दिल्ली में अपने अगले उच्चायुक्त के रूप में असद आलम सियाम के नाम को आगे बढ़ाया, जिसकी मंजूरी प्रक्रिया भी राजनयिक विमर्श का हिस्सा रही।

## जनता की प्रतिक्रिया
इस विदाई मुलाकात के सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई नागरिकों ने दोनों देशों के तनावपूर्ण रिश्तों का हवाला देते हुए उनके वास्तविक योगदान पर सवाल खड़े किए, जबकि कुछ लोगों ने इसे आवश्यक राजनयिक औपचारिकता के रूप में देखा।

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## इसका आप पर असर
भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक नेतृत्व का यह बदलाव दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और सीमा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।

- **भारत में:** नई दिल्ली और ढाका के बीच उच्चायुक्त स्तर पर बदलाव से लंबित द्विपक्षीय संधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा चर्चाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। आम नागरिकों और व्यापारियों के लिए सीमा व्यापार नीतियों तथा वीजा प्रक्रियाओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
- **पूर्वोत्तर और सीमावर्ती राज्यों में:** त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्यों में रहने वाले लोगों के लिए सीमा समन्वय और व्यापारिक आवागमन की स्थिरता बेहद अहम रहेगी। नए राजनयिक नेतृत्व के आने से सीमा सुरक्षा और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
- **यात्रियों और छात्रों के लिए:** दोनों देशों के बीच आने-जाने वाले छात्रों और चिकित्सा यात्रियों को वीजा संचालन सुचारू रहने की उम्मीद रहेगी। दूतावास स्तर पर सुगम समन्वय से यात्रा संबंधी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी से बचाव हो सकेगा।
- **कूटनीतिक स्तर पर:** दोनों राजधानियों के बीच संस्थागत संवाद जारी रहने से किसी भी अप्रत्याशित तनाव को समय रहते सुलझाया जा सकेगा। इससे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के साझा प्रयासों को बल मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. रियाज हमीदुल्लाह ने एस जयशंकर से मुलाकात क्यों की?
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त होने पर उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से औपचारिक विदाई भेंट की।

### 2. मुलाकात के बाद विदेश मंत्री ने क्या कहा?
विदेश मंत्री ने उनके योगदान की सराहना की और भविष्य के कार्यों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

### 3. भारत में बांग्लादेश के अगले उच्चायुक्त के रूप में किसका नाम सामने आया है?
राजनयिक घटनाक्रमों के अनुसार असद आलम सियाम को भारत में बांग्लादेश का नया उच्चायुक्त नियुक्त किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

### 4. इस विदाई मुलाकात पर आम जनता की क्या प्रतिक्रिया रही?
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव को देखते हुए उनके कार्यकाल पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने इसे सामान्य राजनयिक शिष्टाचार बताया।

## नेता परिचय: एस. जयशंकर
- **पद:** विदेश मंत्री
- **जन्म:** 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी

2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चीन में राजदूत (2009–2013)
- अमेरिका में राजदूत (2013–2015)
- भारत के विदेश सचिव (2015–2018)
- विदेश मंत्री (2019 से)
- भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका

### रोचक तथ्य
- विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
- चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।


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