बस्ती में पीडीए मार्च के बाद अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला, मुख्यमंत्री के वीडियो पर उठाए सवाल बस्ती में आयोजित पीडीए मार्च की तस्वीर साझा करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री के पांच सेकंड के वीडियो पर सवाल खड़े किए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बस्ती में आयोजित पीडीए मार्च को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा राजनीतिक प्रहार किया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर बस्ती में निकले इस विशाल जनसैलाब का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम को देखने के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल के होश उड़ गए होंगे। उन्होंने अपने बयान के जरिए पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को पूरी तरह सावधान रहने का आह्वान किया है। बस्ती के पीडीए मार्च पर अखिलेश यादव का बयान अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि पीडीए वर्ग अब पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उन्होंने लिखा, 'पीडीए का ऐलान, पीडीए है सावधान!!!' इसके साथ ही उन्होंने बस्ती में आयोजित कार्यक्रम को अभूतपूर्व करार दिया। अखिलेश यादव का कहना है कि बस्ती की सड़कों पर उमड़े इस भारी समर्थन ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है और इससे भाजपा खेमे में भारी बेचैनी फैल गई है। मुख्यमंत्री के वीडियो पर साधा निशाना सपा अध्यक्ष ने अपने संदेश में राज्य के मुख्यमंत्री पर भी सीधा वार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के एक पांच सेकंड के वीडियो का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उसमें उनके जाने-पहचाने धमकी भरे अंदाज़ की झलक दिखाई देती है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि उस संक्षिप्त वीडियो के जरिए खुद मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में पीडीए वर्ग की वास्तविक स्थिति को अनजाने में स्वीकार कर लिया है। उत्तर प्रदेश के बारे में उत्तर प्रदेश जनसंख्या के मामले में भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जबकि क्षेत्रफल के आधार पर यह देश में चौथे पायदान पर आता है। लखनऊ राज्य की प्रशासनिक और विधायी राजधानी है, वहीं प्रयागराज न्यायिक राजधानी की भूमिका निभाता है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर इस प्रदेश के अन्य प्रमुख शहर हैं। भौगोलिक दृष्टि से देखें तो राज्य की सीमाएं उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार और झारखंड से लगती हैं। इसके अलावा राज्य की उत्तरी सीमा पड़ोसी देश नेपाल से भी जुड़ी हुई है। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर इस बयान के सामने आने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कई समर्थकों ने बस्ती में जुटी भीड़ को आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव और पीडीए वर्ग के हक की लड़ाई का संकेत बताया, वहीं अन्य उपयोगकर्ताओं ने इसे पुरानी जातीय राजनीति की वापसी करार देते हुए कानून के राज का समर्थन किया। इसका आप पर असर इस राजनीतिक बयानबाजी और जनआंदोलन का सीधा असर राज्य की राजनीति और नागरिकों पर पड़ता है। • उत्तर प्रदेश में: राजनीतिक रैलियों और प्रदर्शनों के तेज होने से स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं और अधिकारों को लेकर चर्चा बढ़ रही है। विभिन्न समुदायों के लोग अपनी राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक हिस्सेदारी को लेकर अधिक मुखर हो रहे हैं। • भारत में: देश के सबसे बड़े राज्य में सियासी तापमान बढ़ने से राष्ट्रीय राजनीति के समीकरण भी प्रभावित होते हैं। आगामी चुनावों की रणनीति तय करने में क्षेत्रीय आंदोलनों और संगठनात्मक रैलियों का प्रभाव साफ नजर आता है। • आम नागरिकों पर: सार्वजनिक प्रदर्शनों और राजनीतिक सरगर्मियों के कारण आम लोगों के बीच नीतिगत मुद्दों और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। जनता अब चुनावी आश्वासनों और प्रशासनिक जवाबदेही को ज्यादा बारीकी से परख रही है। • चुनावी समीकरण पर: विपक्षी दलों द्वारा पिछड़े और वंचित वर्गों के लामबंदी प्रयासों से प्रशासनिक नीतियों पर निगरानी बढ़ रही है। इससे सत्ताधारी और विपक्षी दोनों दलों पर जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने का दबाव बनता है। सवाल-जवाब 1. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर किस कार्यक्रम का उल्लेख किया? उन्होंने बस्ती जिले में आयोजित किए गए विशाल पीडीए मार्च का उल्लेख किया। 2. अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के किस वीडियो का जिक्र किया? उन्होंने मुख्यमंत्री के एक पांच सेकंड के वीडियो का जिक्र करते हुए उनके अंदाज़ पर सवाल उठाए। 3. उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक और न्यायिक राजधानी कौन सी हैं? उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी लखनऊ है और न्यायिक राजधानी प्रयागराज है। 4. क्षेत्रफल के आधार पर उत्तर प्रदेश देश में किस स्थान पर आता है? क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। नेता परिचय: अखिलेश यादव • पद: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष • जन्म: 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश • पार्टी: समाजवादी पार्टी • शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017) • समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से) • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई • कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा) रोचक तथ्य • 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। • पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि। https://trendkia.com/neta-ji/basti-men-pidie-marcha-ke-bada-akhilesha-yadava-ka-bhajapa-para-tikha-hamala-mukhyamntri-ke-vidiyo-para-uthae-savala-44601 TrendKia — Har trend, sabse pehle.