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  "title": "भारत-ब्रिटेन व्यापार और सामाजिक सुरक्षा समझौता लागू, नरेंद्र मोदी बोले, यह अहम पल है",
  "summary": "भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा समझौता लागू हो गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों की साझेदारी में अहम पल बताया।",
  "content": "भारत और ब्रिटेन के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने हैंडल @narendramodi से एक पोस्ट करते हुए बताया कि व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता, यानी सीईटीए, और सामाजिक सुरक्षा समझौता अब लागू हो गए हैं। उन्होंने इसे भारत-ब्रिटेन साझेदारी के लिए एक अहम पल बताते हुए लिखा कि इन समझौतों के लागू होने से दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते और गहरे होंगे।\n\nसीईटीए और सामाजिक सुरक्षा समझौता आखिर है क्या\nव्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता यानी सीईटीए दरअसल एक तरह का मुक्त व्यापार समझौता है, जिसके तहत भारत और ब्रिटेन के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को आसान बनाया जाता है। इससे टैरिफ यानी आयात शुल्क में कमी आती है और दोनों देशों के बाजारों में एक-दूसरे के उत्पादों की पहुंच बढ़ती है। इसके साथ लागू हुआ सामाजिक सुरक्षा समझौता उन पेशेवरों और कामगारों के लिए फायदेमंद है, जो अस्थायी तौर पर दूसरे देश में काम करने जाते हैं। इस समझौते से दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से राहत मिलती है, यानी भारतीय पेशेवरों को ब्रिटेन में और ब्रिटिश पेशेवरों को भारत में एक साथ दो जगह सामाजिक सुरक्षा शुल्क नहीं देना पड़ेगा।\n\n15 जुलाई से क्यों लागू हुआ यह समझौता\nखबरों के मुताबिक भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई से प्रभाव में आया है। इसे लेकर ब्रिटेन के भारत में उच्चायुक्त ने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया था। इससे पहले जून के आखिर में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस समझौते को व्यापार के लिए नए दरवाजे खोलने वाला कदम बताते हुए कहा था कि इस मौके को पूरी तरह भुनाने की जरूरत है। इसी तरह जून की शुरुआत में भारत के मुख्य न्यायाधीश ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक पल बताते हुए दोनों देशों के बीच विवादों के समाधान के लिए एक साझा मध्यस्थता ढांचा बनाने की जरूरत पर जोर दिया था। यह समझौता अचानक नहीं आया, बल्कि पिछले कई महीनों से इसकी जमीन तैयार हो रही थी। अप्रैल में ब्रिटेन की वायुसेना प्रमुख ने कहा था कि दोनों देशों की वायुसेनाएं जरूरत के इस अहम दौर में सुरक्षा साझेदार हैं। फरवरी में वेस्ट मिडलैंड्स की तरफ से मुक्त व्यापार समझौते के साल के दौरान भारत में मौके तलाशने के लिए एक विशेष मिशन की घोषणा की गई थी, वहीं इसी महीने ब्रिटिश उच्चायोग ने भारत के साथ एआई क्षेत्र में साझेदारी और नेतृत्व दिखाने के लिए एक कार्यक्रम भी आयोजित किया था। मई में सामने आए ब्रिटेन के शाही संबोधन में भी आर्थिक सुरक्षा, वैश्विक साझेदारियों को नए सिरे से मजबूत करने और ब्रिटेन की जी20 अध्यक्षता से जुड़े मुद्दों का जिक्र हुआ था।\n\nनरेंद्र मोदी ने क्या लिखा\nअपने पोस्ट में नरेंद्र मोदी ने साफ लिखा कि यह भारत-ब्रिटेन साझेदारी के लिए एक अहम पल है। उन्होंने बताया कि व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता और सामाजिक सुरक्षा समझौता लागू होने से दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव और गहरा होगा। उनके मुताबिक ये दोनों समझौते मिलकर दोनों देशों के साझा हितों को नई दिशा देंगे।\n\nदूसरे नेताओं और अधिकारियों की प्रतिक्रिया\nइस समझौते को लेकर सिर्फ नरेंद्र मोदी ही नहीं, बल्कि कई और नेताओं और अधिकारियों ने भी अपनी बात रखी है। पीयूष गोयल ने इसे व्यापार के लिए बड़े मौके के तौर पर देखा, तो भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कानूनी मध्यस्थता ढांचे पर जोर दिया। ब्रिटेन की तरफ से भी वायुसेना प्रमुख से लेकर उच्चायुक्त तक, कई अधिकारियों ने इसे दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती लाने वाला कदम बताया है। ब्रिटेन के भीतर भी वेस्ट मिडलैंड्स जैसे क्षेत्रों और ब्रिटिश उच्चायोग जैसी संस्थाओं ने इस समझौते से मिलने वाले मौकों को भुनाने की तैयारी शुरू कर दी है।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nनरेंद्र मोदी के इस पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। ज्यादातर लोगों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे भारत के लिए व्यापार, निवेश और रोजगार के मौके बढ़ाने वाला कदम बताया, वहीं कुछ लोगों ने इससे जुड़े सवाल भी उठाए। कुछ प्रतिक्रियाओं में सरकार की आलोचना भी देखने को मिली।\n\nइसका आप पर असर\n• व्यापार और निवेश: सीईटीए लागू होने से भारतीय निर्यातकों और एमएसएमई को ब्रिटिश बाजार में आसान पहुंच मिलेगी और टैरिफ में कमी का फायदा मिल सकता है।\n• पेशेवरों के लिए राहत: सामाजिक सुरक्षा समझौते से ब्रिटेन में अस्थायी तौर पर काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को दोहरा सामाजिक सुरक्षा योगदान नहीं देना पड़ेगा, जिससे उनकी कमाई पर बोझ कम होगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सीईटीए क्या है?\nसीईटीए यानी व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच एक तरह का मुक्त व्यापार समझौता है, जो टैरिफ कम करके दोनों देशों के बाजारों में आपसी पहुंच आसान बनाता है।\n\n2. सामाजिक सुरक्षा समझौते से किसे फायदा होगा?\nयह समझौता उन पेशेवरों को फायदा पहुंचाएगा जो अस्थायी तौर पर दूसरे देश में काम करने जाते हैं, क्योंकि इससे उन्हें दोनों देशों में एक साथ सामाजिक सुरक्षा योगदान नहीं देना पड़ेगा।\n\n3. यह समझौता कब लागू हुआ?\nखबरों के मुताबिक भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू हुआ है।\n\n4. नरेंद्र मोदी ने इस पर क्या कहा?\nनरेंद्र मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन साझेदारी के लिए अहम पल बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते और गहरे होंगे।\n\n5. इस समझौते को लेकर और किन नेताओं ने प्रतिक्रिया दी?\nकेंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, भारत के मुख्य न्यायाधीश, ब्रिटेन के उच्चायुक्त और ब्रिटेन के वायुसेना प्रमुख समेत कई नेताओं और अधिकारियों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।\n\n6. क्या इस समझौते की जमीन पहले से तैयार हो रही थी?\nहां, पिछले कई महीनों में वेस्ट मिडलैंड्स के मिशन, ब्रिटिश उच्चायोग के एआई कार्यक्रम और ब्रिटेन के शाही संबोधन जैसे कई कदमों से इसकी तैयारी होती दिखी।\n\nनेता परिचय: नरेंद्र मोदी\n• पद: भारत के प्रधानमंत्री\n• जन्म: 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: राजनीति विज्ञान में एमए\n\n2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक\n• गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014)\n• भारत के प्रधानमंत्री (2014 से)\n• 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया\n• स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया\n\nरोचक तथ्य\n• चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने।\n• 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-07-15",
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