भारत-मंगोलिया दोस्ती को मिली नई ऊर्जा, जयशंकर ने संदग ब्यांबत्सोग्त से की अहम बैठक एस. जयशंकर ने मंगोलिया की स्टेट ग्रेट खुरल के अध्यक्ष संदग ब्यांबत्सोग्त से मुलाकात कर संसदीय आदान-प्रदान और लोगों को केंद्र में रखने वाली विकास साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। एस. जयशंकर ने मंगोलिया की सर्वोच्च विधायी संस्था स्टेट ग्रेट खुरल के अध्यक्ष संदग ब्यांबत्सोग्त से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-मंगोलिया के बीच संसदीय संपर्क को आगे बढ़ाने और आपसी मित्रता को और प्रगाढ़ करने पर खुलकर बात की। संदग ब्यांबत्सोग्त का भारत के प्रति मजबूत समर्थन जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बैठक का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि स्टेट ग्रेट खुरल के अध्यक्ष की ओर से भारत-मंगोलिया संसदीय आदान-प्रदान और दोनों देशों की दोस्ती के प्रति जो मजबूत समर्थन मिला, उसका उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत किया। लोगों को प्राथमिकता देने वाली विकास साझेदारी इस मुलाकात में जयशंकर ने दोनों देशों के नागरिकों को केंद्र में रखकर चलने वाली विकास साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प भी एक बार फिर दोहराया। यह साझेदारी दोनों देशों की जनता के हित में है और इसे और विस्तार देना दोनों पक्षों की साझा प्राथमिकता है। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को व्यापक सराहना मिली और लोगों ने भारत-मंगोलिया के बीच बढ़ते संसदीय संवाद को दोनों देशों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक और उम्मीद भरा कदम करार दिया। इसका आप पर असर • भारतीयों के लिए: भारत-मंगोलिया के बीच मजबूत होते संसदीय और विकास संबंध आगे चलकर व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. जयशंकर किससे मिले? वे मंगोलिया की स्टेट ग्रेट खुरल के अध्यक्ष संदग ब्यांबत्सोग्त से मिले। 2. इस बैठक में किन मुद्दों पर बात हुई? भारत-मंगोलिया संसदीय आदान-प्रदान, आपसी मित्रता और लोगों को केंद्र में रखकर विकास साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई। 3. जयशंकर ने इस मुलाकात की जानकारी कहां साझा की? उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके इस बैठक की जानकारी दी। 4. मंगोलिया की सर्वोच्च संसद को क्या कहते हैं? मंगोलिया की सर्वोच्च विधायी संस्था को स्टेट ग्रेट खुरल कहते हैं। 5. संदग ब्यांबत्सोग्त ने किस बात का समर्थन किया? उन्होंने भारत-मंगोलिया संसदीय आदान-प्रदान और दोनों देशों की दोस्ती का मजबूत समर्थन किया। नेता परिचय: एस. जयशंकर • पद: विदेश मंत्री • जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी 2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चीन में राजदूत (2009–2013) • अमेरिका में राजदूत (2013–2015) • भारत के विदेश सचिव (2015–2018) • विदेश मंत्री (2019 से) • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका रोचक तथ्य • विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। • चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे। https://trendkia.com/neta-ji/bharata-mngoliya-dosti-ko-mili-nai-urja-jayashnkara-ne-sndaga-byanbatsogta-se-ki-ahama-baithaka-2332 TrendKia — Har trend, sabse pehle.