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  "title": "भारत ने शुरू किया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीट के लिए बड़ा अभियान, जयशंकर ने दिया शांति का संदेश",
  "summary": "विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के अभियान के शुभारंभ पर बोल रहे हैं, पोस्ट में हैशटैग #SHANTI का इस्तेमाल किया गया।",
  "content": "विदेश मंत्री एस. जयशंकर (@DrSJaishankar) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के अभियान के शुभारंभ पर बोल रहे हैं। उन्होंने इस पोस्ट में हैशटैग #SHANTI के साथ भारत और संयुक्त राष्ट्र के झंडे भी लगाए।\n\nजयशंकर ने क्या लिखा\nउन्होंने पोस्ट में लिखा कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 2028-29 के लिए भारत के अभियान के शुभारंभ पर बोल रहे हैं। पोस्ट के साथ भारत और संयुक्त राष्ट्र के झंडों वाले इमोजी और एक लिंक भी शामिल था, साथ ही अभियान का हैशटैग #SHANTI भी जोड़ा गया।\n\nभारत सुरक्षा परिषद की सीट के लिए प्रयास क्यों कर रहा है\nयह पोस्ट उसी दौरान आई जब जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत की आधिकारिक दावेदारी का औपचारिक शुभारंभ किया। यह उनकी बहु-देशीय यात्रा का हिस्सा था, जिसमें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात भी शामिल थी। संयुक्त राष्ट्र में अस्थायी सदस्य देशों के लिए समय-समय पर चुनाव होते हैं, और भारत, जो पहले भी कई बार परिषद का सदस्य रह चुका है, अभी से 2028-29 के चक्र के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटा है। यह शुभारंभ वैश्विक शासन से जुड़ी संस्थाओं में भारत की मौजूदगी बढ़ाने की नई दिल्ली की लगातार कोशिशों को दिखाता है, साथ ही सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की भारत की पुरानी मांग को भी रेखांकित करता है।\n\nशांति थीम और ग्लोबल साउथ पर फोकस\nइस अभियान के केंद्र में #SHANTI यानी शांति की थीम है, जिसके जरिए भारत अपने शांति स्थापना अभियानों के रिकॉर्ड को उजागर कर रहा है और खुद को सुरक्षा परिषद में ग्लोबल साउथ की एक स्थिर आवाज के रूप में पेश कर रहा है। अधिकारियों ने इस दावेदारी को नियमों, भरोसे और ईमानदारी जैसे मूल्यों के इर्द-गिर्द रखा है।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nपोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि 1945 से चली आ रही वीटो व्यवस्था के बीच भारत परिषद को किस तरह आधुनिक बनाना चाहता है, कुछ ने संयुक्त राष्ट्र को ही पुराना ढांचा बताया, जबकि कई यूजर्स ने भारत के शांति अभियानों के रिकॉर्ड और शांति आधारित दावेदारी की तारीफ करते हुए इसे ग्लोबल साउथ के लिए संतुलित आवाज बताया।\n\nइसका आप पर असर\nयह खबर सीधे तौर पर आम आदमी की जेब या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित नहीं करती, लेकिन देश की वैश्विक स्थिति में दिलचस्पी रखने वालों के लिए मायने रखती है।\n\n• भारत के लिए: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीट मिलने पर वैश्विक मंच पर भारत की आवाज मजबूत होगी और अहम अंतरराष्ट्रीय फैसलों में भारत की भागीदारी बढ़ेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जयशंकर ने यह पोस्ट किस बारे में किया?\nउन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के अभियान के शुभारंभ पर पोस्ट किया।\n\n2. पोस्ट में इस्तेमाल हैशटैग #SHANTI का क्या मतलब है?\nSHANTI का मतलब शांति है, जो भारत के इस अभियान की केंद्रीय थीम है।\n\n3. यह अभियान कहां शुरू किया गया?\nयह जयशंकर की बहु-देशीय यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क में शुरू किया गया।\n\n4. क्या जयशंकर ने इस दौरान किसी और से मुलाकात की?\nहां, इस यात्रा के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात की।\n\n5. भारत सुरक्षा परिषद की सीट के लिए क्यों प्रयास कर रहा है?\nभारत वैश्विक शासन से जुड़ी संस्थाओं में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है और लंबे समय से स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है।\n\n6. लोगों ने इस पोस्ट पर क्या प्रतिक्रिया दी?\nप्रतिक्रिया मिली-जुली रही, कुछ ने वीटो व्यवस्था में सुधार को लेकर सवाल उठाए तो कुछ ने भारत के शांति अभियानों के रिकॉर्ड की तारीफ की।\n\nनेता परिचय: एस. जयशंकर\n• पद: विदेश मंत्री\n• जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी\n\n2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• चीन में राजदूत (2009–2013)\n• अमेरिका में राजदूत (2013–2015)\n• भारत के विदेश सचिव (2015–2018)\n• विदेश मंत्री (2019 से)\n• भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका\n\nरोचक तथ्य\n• विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।\n• चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।",
  "url": "https://trendkia.com/neta-ji/bharata-ne-shuru-kiya-snyukta-rashtra-suraksha-parishada-ki-sita-ke-lie-bara-abhiyana-jayashnkara-ne-diya-shanti-ka-sndesha-7451",
  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-07-13",
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