# भारत ने शुरू किया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीट के लिए बड़ा अभियान, जयशंकर ने दिया शांति का संदेश

> विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के अभियान के शुभारंभ पर बोल रहे हैं, पोस्ट में हैशटैग #SHANTI का इस्तेमाल किया गया।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-07-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/bharata-ne-shuru-kiya-snyukta-rashtra-suraksha-parishada-ki-sita-ke-lie-bara-abhiyana-jayashnkara-ne-diya-shanti-ka-sndesha-7451 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

विदेश मंत्री एस. जयशंकर (@DrSJaishankar) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के अभियान के शुभारंभ पर बोल रहे हैं। उन्होंने इस पोस्ट में हैशटैग #SHANTI के साथ भारत और संयुक्त राष्ट्र के झंडे भी लगाए।

## जयशंकर ने क्या लिखा
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 2028-29 के लिए भारत के अभियान के शुभारंभ पर बोल रहे हैं। पोस्ट के साथ भारत और संयुक्त राष्ट्र के झंडों वाले इमोजी और एक लिंक भी शामिल था, साथ ही अभियान का हैशटैग #SHANTI भी जोड़ा गया।

## भारत सुरक्षा परिषद की सीट के लिए प्रयास क्यों कर रहा है
यह पोस्ट उसी दौरान आई जब जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत की आधिकारिक दावेदारी का औपचारिक शुभारंभ किया। यह उनकी बहु-देशीय यात्रा का हिस्सा था, जिसमें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात भी शामिल थी। संयुक्त राष्ट्र में अस्थायी सदस्य देशों के लिए समय-समय पर चुनाव होते हैं, और भारत, जो पहले भी कई बार परिषद का सदस्य रह चुका है, अभी से 2028-29 के चक्र के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटा है। यह शुभारंभ वैश्विक शासन से जुड़ी संस्थाओं में भारत की मौजूदगी बढ़ाने की नई दिल्ली की लगातार कोशिशों को दिखाता है, साथ ही सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की भारत की पुरानी मांग को भी रेखांकित करता है।

## शांति थीम और ग्लोबल साउथ पर फोकस
इस अभियान के केंद्र में #SHANTI यानी शांति की थीम है, जिसके जरिए भारत अपने शांति स्थापना अभियानों के रिकॉर्ड को उजागर कर रहा है और खुद को सुरक्षा परिषद में ग्लोबल साउथ की एक स्थिर आवाज के रूप में पेश कर रहा है। अधिकारियों ने इस दावेदारी को नियमों, भरोसे और ईमानदारी जैसे मूल्यों के इर्द-गिर्द रखा है।

## जनता की प्रतिक्रिया
पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि 1945 से चली आ रही वीटो व्यवस्था के बीच भारत परिषद को किस तरह आधुनिक बनाना चाहता है, कुछ ने संयुक्त राष्ट्र को ही पुराना ढांचा बताया, जबकि कई यूजर्स ने भारत के शांति अभियानों के रिकॉर्ड और शांति आधारित दावेदारी की तारीफ करते हुए इसे ग्लोबल साउथ के लिए संतुलित आवाज बताया।

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## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर आम आदमी की जेब या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित नहीं करती, लेकिन देश की वैश्विक स्थिति में दिलचस्पी रखने वालों के लिए मायने रखती है।

- **भारत के लिए:** संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीट मिलने पर वैश्विक मंच पर भारत की आवाज मजबूत होगी और अहम अंतरराष्ट्रीय फैसलों में भारत की भागीदारी बढ़ेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. जयशंकर ने यह पोस्ट किस बारे में किया?
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के अभियान के शुभारंभ पर पोस्ट किया।

### 2. पोस्ट में इस्तेमाल हैशटैग #SHANTI का क्या मतलब है?
#SHANTI का मतलब शांति है, जो भारत के इस अभियान की केंद्रीय थीम है।

### 3. यह अभियान कहां शुरू किया गया?
यह जयशंकर की बहु-देशीय यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क में शुरू किया गया।

### 4. क्या जयशंकर ने इस दौरान किसी और से मुलाकात की?
हां, इस यात्रा के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात की।

### 5. भारत सुरक्षा परिषद की सीट के लिए क्यों प्रयास कर रहा है?
भारत वैश्विक शासन से जुड़ी संस्थाओं में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है और लंबे समय से स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है।

### 6. लोगों ने इस पोस्ट पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रतिक्रिया मिली-जुली रही, कुछ ने वीटो व्यवस्था में सुधार को लेकर सवाल उठाए तो कुछ ने भारत के शांति अभियानों के रिकॉर्ड की तारीफ की।

## नेता परिचय: एस. जयशंकर
- **पद:** विदेश मंत्री
- **जन्म:** 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी

2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चीन में राजदूत (2009–2013)
- अमेरिका में राजदूत (2013–2015)
- भारत के विदेश सचिव (2015–2018)
- विदेश मंत्री (2019 से)
- भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका

### रोचक तथ्य
- विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
- चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।


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