बिश्केक एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर एस जयशंकर ने ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री से की अहम चर्चा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान ताजिकिस्तान के अपने समकक्ष सिरोजीद्दीन मुहरिद्दीन से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर विचार-विमर्श किया। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के बिश्केक शिखर सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक गतिविधियों का दौर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सम्मेलन से इतर ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजीद्दीन मुहरिद्दीन के साथ एक सार्थक बैठक की है। इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों ने द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। एससीओ मंच पर कूटनीतिक सक्रियता शंघाई सहयोग संगठन का यह वार्षिक शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय कूटनीति का एक बेहद अहम केंद्र बनकर उभरा है। इस बहुपक्षीय मंच का उपयोग करते हुए भारत विभिन्न सदस्य देशों के साथ अपने संबंधों को नई गति दे रहा है। सम्मेलन की औपचारिक बैठकों के अलावा नेताओं और मंत्रियों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ताएं क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ताजिकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सहयोग ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजीद्दीन मुहरिद्दीन के साथ हुई इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक साझेदारियों को आगे बढ़ाने पर मुख्य रूप से जोर दिया गया। मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से प्रगाढ़ रहे हैं और ताजिकिस्तान के साथ संपर्क बढ़ाने की दिशा में यह संवाद एक और महत्वपूर्ण कदम है। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करने और मौजूदा समझौतों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति जताई। क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक प्राथमिकताएं इस सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कई अन्य वैश्विक नेताओं की उपस्थिति भी चर्चा का केंद्र रही। वैश्विक कूटनीति के इस बड़े मंच पर भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए क्षेत्रीय शांति, आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई और आर्थिक विकास के मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर इस उच्चस्तरीय बैठक को लेकर नागरिकों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं, जहां कुछ लोगों ने दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के सुझाव दिए, वहीं अन्य लोगों ने विदेशों में फंसे भारतीयों की सहायता के मामलों पर भी विदेश मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया। सवाल-जवाब 1. एस जयशंकर ने ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री से कहाँ मुलाकात की? एस जयशंकर ने बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात की। 2. ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री का नाम क्या है? ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री का नाम सिरोजीद्दीन मुहरिद्दीन है। 3. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था? इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना था। 4. यह बैठक किस अंतरराष्ट्रीय संगठन के दौरान हुई? यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित की गई। नेता परिचय: एस. जयशंकर • पद: विदेश मंत्री • जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी 2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चीन में राजदूत (2009–2013) • अमेरिका में राजदूत (2013–2015) • भारत के विदेश सचिव (2015–2018) • विदेश मंत्री (2019 से) • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका रोचक तथ्य • विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। • चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे। https://trendkia.com/neta-ji/bishkeka-esasio-shikhara-sammelana-ke-itara-esa-jayashnkara-ne-tajikistana-ke-videsha-mntri-se-ki-ahama-charcha-25980 TrendKia — Har trend, sabse pehle.