# बिश्केक एससीओ शिखर सम्मेलन संपन्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेश किया 10 सूत्री रोडमैप, नई दिल्ली रवाना

> किर्गिज़स्तान में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली लौट रहे हैं। उन्होंने संगठन के अगले 25 वर्षों के लिए 10 सूत्री खाका प्रस्तुत किया।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/bishkeka-esasio-shikhara-sammelana-snpanna-pradhanamntri-narendra-modi-ne-pesha-kiya-10-sutri-rodamaipa-new-delhi-ravana-25958 · **Language:** Hindi
**Tags:** narendramodi

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़ गणराज्य की अपनी दो दिवसीय सफल राजनयिक यात्रा पूरी करने के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। बिश्केक शहर में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के उपरांत उन्होंने इस पूरी यात्रा को बेहद उत्पादक और सार्थक बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि सम्मेलन के दौरान हुई विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें आने वाले समय में भारत के आर्थिक तथा कूटनीतिक हितों के लिए दूरगामी और ठोस लाभ पहुंचाएंगी।

## अगले 25 वर्षों के लिए पेश किया 10 सूत्री रोडमैप
बिश्केक शिखर सम्मेलन के दौरान मंच को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ संगठन के साझा विजन को व्यावहारिक रूप देने पर जोर दिया। उन्होंने संगठन के आगामी 25 वर्षों के संचालन और विकास के लिए एक विस्तृत 10 सूत्री कार्य योजना (रोडमैप) का अनावरण किया। इस दूरदर्शी योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाना, व्यापारिक गलियारों का विस्तार करना, डिजिटल प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

## द्विपक्षीय वार्ताएं और क्षेत्रीय सहयोग की दिशा
मुख्य सम्मेलन सत्रों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिज़स्तान के नेतृत्व सहित कई सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन वार्ताओं के दौरान ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा, टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण, आतंकवाद विरोधी ठोस रणनीति और स्थानीय मुद्राओं के उपयोग द्वारा द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने जैसे रणनीतिक मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन वार्ताओं से मध्य एशिया में भारत की उपस्थिति और प्रभाव दोनों सुदृढ़ होंगे।

## जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस अंतरराष्ट्रीय दौरे को लेकर आम नागरिकों और विश्लेषकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई उपयोगकर्ताओं ने मध्य एशिया के साथ भारत के कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही, कुछ अन्य नागरिकों ने सरकार का ध्यान वैश्विक व्यस्तताओं के साथ-साथ देश के आंतरिक और सामाजिक मुद्दों की ओर भी आकर्षित किया।

>

## इसका आप पर असर
बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन और 10 सूत्री रोडमैप से भारत के रणनीतिक व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

- **भारत में:** मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार मार्ग सुगम होने से भारतीय निर्यातकों को नए बाज़ार मिलेंगे। इससे देश के विनिर्माण और कृषि क्षेत्र में व्यापारिक अवसर बढ़ेंगे।
- **ऊर्जा और रसद क्षेत्र में:** मध्य एशिया के साथ कनेक्टिविटी और ऊर्जा समझौतों से कच्चे माल और ईंधन की आपूर्ति में स्थिरता आएगी। इससे घरेलू उद्योग को आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं से सुरक्षा मिलेगी।
- **सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर:** आतंकवाद और साइबर अपराध से निपटने के लिए साझा रणनीति बनने से राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा। नागरिकों को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
- **यात्रा व शिक्षा क्षेत्र में:** किर्गिज़स्तान और आसपास के देशों के साथ संबंधों के सुदृढ़ होने से भारतीय छात्रों और कारोबारियों की यात्रा प्रक्रियाएं सुगम होंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. बिश्केक में आयोजित 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस सम्मेलन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और अगले 25 वर्षों के लिए साझा रणनीतिक खाका तैयार करना था।

### 2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन में क्या महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा?
प्रधानमंत्री ने संगठन के भविष्य के संचालन और बहुपक्षीय सहयोग के लिए 10 सूत्री रोडमैप पेश किया।

### 3. इस शिखर सम्मेलन से भारत को क्या प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है?
द्विपक्षीय वार्ताओं से भारत को मध्य एशिया में अपनी ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक पहुंच और आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

### 4. सम्मेलन संपन्न होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का अगला कदम क्या रहा?
उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़स्तान का दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री बिश्केक से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

## नेता परिचय: नरेंद्र मोदी
- **पद:** भारत के प्रधानमंत्री
- **जन्म:** 17 सितंबर 1950, वडनगर, गुजरात
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** राजनीति विज्ञान में एमए

2014 से भारत के प्रधानमंत्री। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चुनावी राजनीति से पहले आरएसएस प्रचारक
- गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014)
- भारत के प्रधानमंत्री (2014 से)
- 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा बहुमत दिलाया
- स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया और जीएसटी लागू किया

### रोचक तथ्य
- चुनावी राजनीति से बहुत पहले 1971 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने।
- 2014 में 1984 के बाद पहली बार किसी दल को अकेले लोकसभा बहुमत दिलाया।


---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._