# चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन में बोले एस जयशंकर, भारतीय मूल्यों और वैश्विक जुड़ाव पर दिया जोर

> संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के प्राचीन मूल्यों और वैश्विक भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-10-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/chinmaya-amrita-mahotsava-vaishvika-sammelana-men-bole-esa-jayashnkara-bharatiya-mulyon-aura-vaishvika-jurava-para-diya-jora-51630 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र दिवस के विशेष अवसर पर चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन में अपनी बात रखी। इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और आधुनिक विश्व मंच पर देश की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डाला। यह संबोधन भारत के उस व्यापक दृष्टिकोण से जुड़ता है, जिसके तहत देश की प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

## प्राचीन भारतीय मूल्य और वैश्विक भूमिका
सम्मेलन में विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें और सनातन विचार आज की वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अमृत महोत्सव अभियानों के माध्यम से भारत अपने समृद्ध अतीत की जीवनशैली और वसुधैव कुटुंबकम की भावना को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का संवाद केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आध्यात्मिक और मानवीय चेतना का समावेश भी देखने को मिलता है।

## संयुक्त राष्ट्र दिवस और वैश्विक कूटनीति
संयुक्त राष्ट्र दिवस के मौके पर हुए इस संबोधन में वैश्विक संस्थाओं के महत्व और उनमें भारत की भागीदारी का उल्लेख किया गया। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय शांति, बहुपक्षवाद और निष्पक्ष वैश्विक व्यवस्था की वकालत करता रहा है। इस दौरान सांस्कृतिक संगठनों और वैश्विक निकायों के बीच समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया, ताकि वैश्विक भलाई के लिए एक साझा मंच तैयार किया जा सके।

## जनता की प्रतिक्रिया
इस संबोधन के सामने आने के बाद आम लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के लिए स्थायी सदस्यता और वीटो पावर की मांग को प्रमुखता से उठाने का सुझाव दिया। कुछ उपयोगकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय निकायों के ऐतिहासिक कामकाज और भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताओं पर अपनी राय व्यक्त की।

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## इसका आप पर असर
विदेश मंत्री के इस संबोधन और अमृत महोत्सव की पहलों का भारत की वैश्विक छवि पर दूरगामी प्रभाव पड़ता है।

- **अंतरराष्ट्रीय साख:** भारत के प्राचीन मूल्यों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने से देश की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक प्रभाव में मजबूती आती है।
- **वैश्विक नीतियां:** संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर सांस्कृतिक और नैतिक विषयों की चर्चा से सुधारवादी पहलों को गति मिलती है।
- **नागरिक चेतना:** प्राचीन विरासत और आधुनिक कूटनीति के जुड़ाव से देश के नागरिकों में अपनी संस्कृति के प्रति गौरव बढ़ता है।
- **प्रवासी भारतीय:** विदेशों में रहने वाले भारतीयों को अपनी सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्राथमिकताओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

## सवाल-जवाब

### 1. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किस कार्यक्रम में संबोधन दिया?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन को संबोधित किया।

### 2. यह संबोधन किस विशेष दिवस पर आयोजित किया गया?
यह संबोधन संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान दिया गया।

### 3. इस कार्यक्रम का मुख्य विषय क्या था?
कार्यक्रम का मुख्य विषय भारत के प्राचीन मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक कूटनीति के बीच तालमेल स्थापित करना था।

### 4. संबोधन पर जनता की क्या प्रतिक्रिया रही?
लोगों ने भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता और वीटो पावर की मांग को और तेज करने पर अपने विचार व्यक्त किए।

## नेता परिचय: एस. जयशंकर
- **पद:** विदेश मंत्री
- **जन्म:** 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी

2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चीन में राजदूत (2009–2013)
- अमेरिका में राजदूत (2013–2015)
- भारत के विदेश सचिव (2015–2018)
- विदेश मंत्री (2019 से)
- भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका

### रोचक तथ्य
- विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
- चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।


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