देर रात 11 बजे के बाद दो साथियों के घर शोक जताने पहुंचे शशि थरूर शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर बताया कि शनिवार को वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इस हफ्ते अचानक निधन हुए दो पार्टी साथियों के घर शोक जताने गए, यह सिलसिला रात 11 बजे के बाद खत्म हुआ। शशि थरूर (@ShashiTharoor) का शनिवार रात 11 बजे के बाद खत्म हुआ, क्योंकि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में दो पार्टी साथियों के घर शोक जताने पहुंचे थे। यह जानकारी उन्होंने खुद एक्स पोस्ट में साझा की। दोनों साथियों का इसी हफ्ते अचानक निधन हो गया था। ग्रामीण इलाकों में देर रात तक चला दौरा थरूर के मुताबिक, यह दौरा उनके निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीण हिस्सों में हुआ, जहां वे दोनों दिवंगत साथियों के घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह पूरा सिलसिला देर रात 11 बजे के बाद ही पूरा हो सका। परिवारों का गम बांटा शशि थरूर ने लिखा कि दोनों परिवारों का दुख सहन करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि ऐसे पलों में शब्द कम पड़ जाते हैं और वे केवल एक गले लगना, एक प्रार्थना और सांत्वना के दो बोल ही दे सके। सवाल-जवाब 1. शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा? उन्होंने बताया कि उनका शनिवार रात 11 बजे के बाद खत्म हुआ, जब वे दो पार्टी साथियों के घर शोक जताने गए। 2. यह शोक यात्रा कहां हुई? शशि थरूर के निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में। 3. दोनों पार्टी साथियों का निधन कब हुआ? दोनों का इसी हफ्ते अचानक निधन हो गया था। 4. थरूर ने शोकाकुल परिवारों को क्या दिया? उन्होंने लिखा कि वे केवल एक गले लगना, एक प्रार्थना और सांत्वना के दो बोल ही दे सके। 5. थरूर ने यह जानकारी किस प्लेटफॉर्म पर साझा की? उन्होंने यह बात अपने एक्स (X) हैंडल @ShashiTharoor से एक पोस्ट में साझा की। नेता परिचय: शशि थरूर • पद: सांसद, तिरुवनंतपुरम • जन्म: 9 मार्च 1956, लंदन, यूके • पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस • शिक्षा: फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी 2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007) • सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से) • विदेश राज्य मंत्री (2009–2010) • विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष • 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रोचक तथ्य • 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे। • 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में। https://trendkia.com/neta-ji/dera-rata-11-baje-ke-bada-do-sathiyon-ke-ghara-shoka-jatane-pahunche-shashi-tharura-8716 TrendKia — Har trend, sabse pehle.