डेटा सेंटरों की अंधाधुंध होड़ पर शशि थरूर का तीखा सवाल, पानी और बिजली की कीमत पर AI की दौड़ कितनी सही? शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल उठाया कि क्या इतने सारे पानी और बिजली खपत करने वाले डेटा सेंटर बनाने की रफ्तार को धीमा करना ज़रूरी है। इस पोस्ट पर लोगों की राय तेज़ी से बंट गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शशि थरूर ने एक ऐसी पोस्ट की जो देखते-देखते तीखी बहस का केंद्र बन गई। उन्होंने सीधा सवाल उठाया कि क्या अब वक्त नहीं आ गया कि पानी और बिजली की भारी खपत करने वाले डेटा सेंटरों को इतनी तेज़ी से बनाने पर फिर से सोचा जाए। थरूर की पोस्ट उन्होंने X पर लिखा: Perhaps we need to slow down on building so many water-guzzling power-burning data centres then? यह एक छोटा लेकिन तीखा सवाल था। थरूर ने यह स्पष्ट किया कि डेटा सेंटर बड़े पैमाने पर पानी और बिजली की खपत करते हैं और इस रफ्तार को बनाए रखने से पहले उसके पर्यावरणीय असर पर गंभीरता से विचार करना ज़रूरी है। जनता की प्रतिक्रिया थरूर की इस पोस्ट पर लोगों की राय साफ तौर पर बंटी नज़र आई। एक तरफ कुछ लोगों ने उनकी पर्यावरण संबंधी चिंता को वाजिब बताया और जल व ऊर्जा संसाधनों पर पड़ते दबाव का हवाला दिया, तो दूसरी तरफ कई लोगों ने तर्क दिया कि ऐसी सोच AI और तकनीक की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ने की वजह बन सकती है। इसका आप पर असर • आम नागरिकों के लिए: डेटा सेंटरों की तेज़ी से बढ़ती संख्या बिजली और पानी की मांग पर दबाव डालती है, जो लंबे समय में इन ज़रूरी संसाधनों की उपलब्धता और लागत दोनों को प्रभावित कर सकती है। सवाल-जवाब 1. शशि थरूर ने X पर क्या सवाल पूछा? उन्होंने पूछा कि क्या इतनी बड़ी संख्या में पानी और बिजली खपत करने वाले डेटा सेंटर बनाने की रफ्तार को धीमा करने की ज़रूरत है। 2. थरूर की पोस्ट में डेटा सेंटरों को लेकर मुख्य चिंता क्या थी? उन्होंने बड़े पैमाने पर पानी और बिजली की खपत को लेकर चिंता जताई और इसके पर्यावरणीय असर पर सवाल उठाया। 3. थरूर ने यह पोस्ट किस प्लेटफॉर्म पर की? उन्होंने यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की। 4. क्या थरूर ने डेटा सेंटर बनाना पूरी तरह बंद करने की बात कही? नहीं, उन्होंने केवल यह सुझाया कि इसकी रफ्तार को धीमा करने पर विचार किया जाना चाहिए। 5. थरूर की पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही? प्रतिक्रिया बंटी रही, कुछ ने उनकी पर्यावरण संबंधी चिंता का समर्थन किया और कुछ ने चेताया कि यह सोच AI की दौड़ में पीछे छोड़ सकती है। नेता परिचय: शशि थरूर • पद: सांसद, तिरुवनंतपुरम • जन्म: 9 मार्च 1956, लंदन, यूके • पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस • शिक्षा: फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी 2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007) • सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से) • विदेश राज्य मंत्री (2009–2010) • विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष • 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रोचक तथ्य • 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे। • 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में। https://trendkia.com/neta-ji/deta-sentaron-ki-andhadhundha-hora-para-shashi-tharura-ka-tikha-savala-pani-aura-bijali-ki-kimata-para-ai-ki-daura-kitani-sahi-2279 TrendKia — Har trend, sabse pehle.