डॉ. जितेंद्र सिंह के क्षेत्र में गई संसदीय समिति, सूचना न मिलने पर शशि थरूर ने X पर जताया खेद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डॉ. जितेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए कहा कि संसदीय समिति उनके निर्वाचन क्षेत्र में गई थी, लेकिन इस बार सूचना देने में चूक हो गई। थरूर ने बताया कि सिंह की अनुपस्थिति में भी दौरे के दौरान उनका जश्न मनाया गया। शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए डॉ. जितेंद्र सिंह को सीधे संबोधित किया और बताया कि जब संसदीय समिति उनके निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर गई, तो इस बार उन्हें इसकी पूर्व सूचना नहीं दी जा सकी। थरूर ने इस चूक पर खुलकर खेद जताया। थरूर ने X पर क्या लिखा अपनी पोस्ट में थरूर ने डॉ. सिंह के साथ संवाद को सुखद बताया और कहा कि वे भी चाहते थे कि सिंह उस दौरे में उनके साथ मौजूद होते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक स्थापित परंपरा है कि जब भी कोई संसदीय समिति किसी सांसद के निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करती है, तो उस सांसद को पहले सूचित किया जाता है। यह प्रक्रिया हर बार अपनाई जाती है। इस बार कहां हुई चूक थरूर ने माना कि इस बार यह सामान्य प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और संचार में कहीं न कहीं कमी रह गई। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसा लगता है कि सूचना देने में अंतर पैदा हो गया, जिसके लिए वे खेद महसूस करते हैं। साथ ही थरूर ने यह भी जोड़ा कि भले ही डॉ. सिंह उस दौरान शारीरिक रूप से वहां उपस्थित नहीं थे, लेकिन समिति ने उनकी अनुपस्थिति में भी उनका जश्न मनाया। जनता की प्रतिक्रिया इस पोस्ट पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जहां कुछ लोगों ने थरूर की इस पहल को सकारात्मक नजरिए से देखा, वहीं कई अन्य ने आलोचनात्मक टिप्पणियां करते हुए पूरे घटनाक्रम पर सवाल भी उठाए। इसका आप पर असर • आम नागरिकों के लिए: यह मामला बताता है कि संसदीय प्रक्रियाओं में समन्वय कितना जरूरी है, ताकि निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र से जुड़ी हर आधिकारिक गतिविधि से जुड़े रह सकें। सवाल-जवाब 1. शशि थरूर ने X पर डॉ. जितेंद्र सिंह को किस बात पर संबोधित किया? थरूर ने कहा कि जब संसदीय समिति डॉ. सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में गई, तो इस बार उन्हें सूचना नहीं दी जा सकी, जिस पर थरूर ने खेद जताया। 2. संसदीय समिति का दौरा किसके क्षेत्र में हुआ था? दौरा डॉ. जितेंद्र सिंह के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में हुआ था। 3. संसदीय समिति के दौरे पर सांसदों को सूचित करने की क्या प्रक्रिया है? थरूर के अनुसार, जब भी कोई संसदीय समिति किसी सांसद के क्षेत्र का दौरा करती है, तो उस सांसद को हमेशा पहले सूचित किया जाता है। 4. इस बार डॉ. सिंह को सूचना क्यों नहीं मिली? थरूर ने बताया कि इस बार संचार में कहीं खामी रह गई, हालांकि उन्होंने इसे जानबूझकर की गई चूक नहीं माना। 5. क्या डॉ. सिंह मौजूद न रहने के बावजूद उनका सम्मान हुआ? हां, थरूर ने कहा कि डॉ. सिंह उपस्थित नहीं थे, फिर भी दौरे के दौरान उनकी अनुपस्थिति में उनका जश्न मनाया गया। 6. इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर क्या प्रतिक्रिया रही? पोस्ट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं, कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे सकारात्मक माना तो कई ने आलोचनात्मक टिप्पणियां भी कीं। नेता परिचय: शशि थरूर • पद: सांसद, तिरुवनंतपुरम • जन्म: 9 मार्च 1956, लंदन, यूके • पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस • शिक्षा: फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी 2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007) • सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से) • विदेश राज्य मंत्री (2009–2010) • विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष • 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रोचक तथ्य • 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे। • 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में। https://trendkia.com/neta-ji/do-jitendra-sinha-ke-kshetra-men-gai-snsadiya-samiti-suchana-na-milane-para-shashi-tharura-ne-x-para-jataya-kheda-2321 TrendKia — Har trend, sabse pehle.