डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी, डेटा सेंटर का विरोध करने वाले शहर रह जाएंगे पिछड़े और गरीब डेटा सेंटरों के विरोध पर चिंता जताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जो अमेरिकी शहर इन परियोजनाओं को रोकेंगे, वे आर्थिक रूप से पिछड़ जाएंगे। उन्होंने चेताया कि इससे चीन को खुशी मिल रही है। अमेरिका में डेटा सेंटरों के निर्माण का विरोध करने वाले स्थानीय समुदायों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए साफ किया कि जो इलाके इन सुविधाओं का विरोध कर रहे हैं, वे खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। डेटा सेंटरों को बताया आर्थिक तरक्की का जरिया डोनल्ड ट्रंप के अनुसार, डेटा सेंटर किसी भी समुदाय की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे बड़ा जरिया हैं। उन्होंने कहा कि जो शहर डेटा सेंटरों का स्वागत करेंगे, वहां टैक्स कम होंगे, बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी और समृद्धि आएगी। उनका मानना है कि इन सुविधाओं को रोकने का मतलब अपनी ही आर्थिक सफलता को दांव पर लगाना है। गोल्डन गूज और चीन का एंगल अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि अमेरिका इस 'गोल्डन गूज' यानी सुनहरे अवसर को खुद ही खत्म कर देगा, तो इसके लिए किसी और को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही यह भी कहा गया कि डेटा सेंटरों के खिलाफ चल रहे इस विरोध से ड्रैगन यानी चीन बेहद खुश है और उसे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है कि अमेरिका खुद अपनी तरक्की में रोड़े अटका रहा है। देशभर में डेटा सेंटरों को लेकर बढ़ती खींचतान हाल के समय में अमेरिका के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाए जाने का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध देखने को मिला है। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा पानी, बिजली की खपत और पर्यावरणीय असर के चलते इनका विरोध किया जा रहा है। कई जगहों पर इसके लिए रोक लगाने या सख्त नियम बनाने की मांग भी उठ रही है, जिससे बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। मूल पोस्ट देखें (Truth Social) » इसका आप पर असर यह बहस सीधे तौर पर अमेरिकी स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं, बिजली दरों और तकनीकी बुनियादी ढांचे के भविष्य को प्रभावित करती है। • अमेरिका में: स्थानीय निवासियों को डेटा सेंटरों के विस्तार के कारण बिजली और पानी के भारी उपयोग का सामना करना पड़ सकता है, जिससे коммунаेल और उपयोगिता बिलों पर असर पड़ेगा। • करदाताओं और नौकरियों के लिए: जिन इलाकों में ये सेंटर बनेंगे, वहां स्थानीय करों में राहत और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है, जबकि विरोध करने वाले इलाके इन फायदों से वंचित रह सकते हैं। सवाल-जवाब 1. डेटा सेंटरों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का क्या रुख है? डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि डेटा सेंटर किसी भी शहर की आर्थिक तरक्की के लिए जरूरी हैं और इनका विरोध करने वाले शहर पिछड़ जाएंगे। 2. डेटा सेंटर के विरोध से किसे फायदा मिल रहा है? ट्रंप के अनुसार, डेटा सेंटरों के खिलाफ चल रहे इस अमेरिकी विरोध से चीन बेहद खुश है। 3. डेटा सेंटर बनाने से स्थानीय स्तर पर क्या फायदे हो सकते हैं? इनके निर्माण से निचले टैक्स और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर मिलने की बात कही गई है। 4. यह बयान किस प्लेटफॉर्म पर दिया गया? यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए सामने आया है। नेता परिचय: डोनाल्ड ट्रंप • पद: अमेरिका के राष्ट्रपति • जन्म: 14 जून 1946, क्वींस, न्यूयॉर्क • पार्टी: रिपब्लिकन पार्टी • शिक्षा: व्हार्टन (यूपेन) से अर्थशास्त्र में बीएस अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति, जनवरी 2025 से पद पर; वे 45वें राष्ट्रपति (2017–21) भी रहे। रियल-एस्टेट कारोबारी और पूर्व टीवी हस्ती। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • द ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक व अध्यक्ष • द अप्रेंटिस के मेज़बान (2004–2015) • अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति (2017–2021) • अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति (2025 से) • दो ग़ैर-लगातार कार्यकाल जीते — 1892 के बाद पहली बार रोचक तथ्य • 2004 से 2015 तक रियलिटी शो ‘द अप्रेंटिस’ की मेज़बानी की। • ग्रोवर क्लीवलैंड के बाद ग़ैर-लगातार कार्यकाल जीतने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति। https://trendkia.com/neta-ji/donalda-trnpa-ki-chetavani-deta-sentara-ka-virodha-karane-vale-shahara-raha-jaenge-pichhare-aura-gariba-25333 TrendKia — Har trend, sabse pehle.