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  "type": "article",
  "title": "एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स सम्मेलन में अमित शाह ने किया नए परिसरों का शिलान्यास, दस लाख शिक्षण संस्थानों तक पहुंचेगा नशामुक्त अभियान",
  "summary": "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने लखनऊ और देहरादून में नए एनसीबी परिसरों की आधारशिला रखी तथा युवाओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान की घोषणा की।",
  "content": "नई दिल्ली में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के मंच से देशव्यापी नशामुक्ति रणनीति को नई गति दी गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टास्क फोर्स इकाइयों को सम्मानित किया और जांच तंत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नए परिसरों की नींव रखी।\n\nलखनऊ और देहरादून में नए एनसीबी कार्यालयों की शुरुआत\nजांच और प्रवर्तन एजेंसियों की क्षेत्रीय क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के नए कार्यालय परिसरों की योजना को आगे बढ़ाया गया है। सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उत्तराखंड के देहरादून में बनने वाले नए परिसरों का औपचारिक शिलान्यास किया। इन आधुनिक प्रशासनिक केंद्रों की स्थापना से उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में नशीले पदार्थों के अवैध नेटवर्क, अंतरराज्यीय आपूर्ति श्रृंखला और सीमा पार से होने वाली संदिग्ध तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने में मदद मिलेगी।\n\nदस लाख शिक्षण संस्थानों तक नशामुक्त मित्रों की पहुंच\nनशे के खिलाफ लड़ाई में केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जन-जागरूकता को भी अभियान का मुख्य आधार बनाया जा रहा है। इस रणनीति के तहत नशामुक्त मित्र देश भर के दस लाख शिक्षण संस्थानों का दौरा करेंगे। इस व्यापक आउटरीच कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं को ड्रग्स के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना और उन्हें इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।\n\nकेंद्रीय गृह मंत्री ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी\nसम्मेलन में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और शुरू की गई पहलों के बारे में अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली टास्क फोर्स को सम्मानित करने के साथ-साथ लखनऊ और देहरादून में नए परिसरों की आधारशिला रखी है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि नशामुक्त मित्रों के माध्यम से युवाओं के बीच देशव्यापी चेतना जगाई जाएगी ताकि समाज को नशे के जाल से पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nइस आधिकारिक घोषणा के बाद नागरिकों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई लोगों ने शिक्षण संस्थानों तक जागरूकता फैलाने की पहल और प्रशासनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार की सराहना की, जबकि कुछ प्रयोक्ताओं ने पूर्व में पकड़ी गई नशीली दवाओं की बड़ी खेपों की जांच के निष्कर्षों और जमीनी स्तर पर कड़े क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठाए।\n\nइसका आप पर असर\nइस राष्ट्रीय पहल का सीधा प्रभाव शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों की सुरक्षा और नशीले पदार्थों के अंतरराज्यीय अवैध कारोबार पर कड़े अंकुश के रूप में दिखाई देगा।\n\n• भारत में: देश भर के दस लाख शिक्षण संस्थानों में नशामुक्त मित्रों की मदद से नशा विरोधी जागरूकता सत्र चलाए जाएंगे। इससे स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले युवाओं को ड्रग्स के खतरों से आगाह करने के साथ-साथ शुरुआती रोकथाम में मदद मिलेगी।\n• लखनऊ और देहरादून में: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में नए एनसीबी परिसरों के निर्माण से क्षेत्रीय जांच और त्वरित कार्रवाई की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों की निगरानी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया काफी तेज हो सकेगी।\n• अभिभावकों और शिक्षकों के लिए: परिसरों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षण संस्थानों के भीतर नशा मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। शिक्षक और माता-पिता संदिग्ध गतिविधियों और व्यवहार परिवर्तनों की पहचान अधिक सतर्कता से कर सकेंगे।\n• सुरक्षा तंत्र के लिए: राज्य स्तर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ साझा अभियानों और सूचनाओं के आदान-प्रदान में गति आएगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुखों का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन कहां आयोजित हुआ?\nयह राष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया।\n\n2. सम्मेलन के दौरान किन दो शहरों में नए एनसीबी परिसरों का शिलान्यास किया गया?\nकेंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ और उत्तराखंड के देहरादून में नए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो परिसरों की आधारशिला रखी।\n\n3. नशामुक्त मित्र कितने शिक्षण संस्थानों का दौरा करेंगे?\nनशामुक्त मित्र देश भर के लगभग दस लाख शिक्षण संस्थानों का दौरा कर युवाओं को नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूक करेंगे।\n\n4. इस राष्ट्रीय बैठक में किस प्रकार के सम्मान प्रदान किए गए?\nमादक पदार्थों पर अंकुश लगाने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स इकाइयों को सम्मानित किया गया।\n\nनेता परिचय: अमित शाह\n• पद: केंद्रीय गृह मंत्री\n• जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी\n\n2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020)\n• केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से)\n• केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से)\n• सांसद, गांधीनगर\n• 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व\n\nरोचक तथ्य\n• भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं।\n• 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-09-22",
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