# एस जयशंकर और केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन के बीच नई दिल्ली में मुलाकात, प्रवासी भारतीयों के मुद्दों पर हुई चर्चा

> विदेश मंत्री एस जयशंकर ने केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं के बीच अनिवासी भारतीयों के कल्याण से जुड़े अहम विषयों पर बातचीत हुई।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/esa-jayashnkara-aura-kerala-ma-ke-mukhyamntri-vidi-satisana-ke-bicha-new-delhi-men-mulakata-pravasi-bharatiyon-ke-muddon-para-hui--33486 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन से मुलाकात कर अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के कल्याण और उनसे जुड़े प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की। यह बैठक दोनों नेताओं के बीच केंद्र और राज्य के साझा हितों, विशेषकर विदेशों में रहने वाले बड़े मलयाली समुदाय के अधिकारों और सुरक्षा के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

## प्रवासी समुदाय के कल्याण पर मुख्य फोकस
इस मुलाकात के दौरान मुख्य चर्चा विदेशों में कार्यरत और निवासरत भारतीय नागरिकों, विशेषकर केरल से जुड़े प्रवासियों की भलाई पर केंद्रित रही। दोनों नेताओं ने प्रवासियों की सहायता प्रणाली, रोजगार से जुड़े संकट और आपातकालीन परिस्थितियों में केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।

## विदेश मंत्री ने बैठक को लेकर क्या कहा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि उन्हें केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन से मिलकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि उनकी बातचीत का मुख्य केंद्र प्रवासी समुदाय का कल्याण रहा।

## प्रशासनिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
वीडी सतीसन ने हाल ही में राज्य के प्रशासनिक नेतृत्व की बागडोर संभाली है और सचिवालय में आम जनता व आगंतुकों से मुलाकात के लिए 2 सितंबर से नया समय भी निर्धारित किया गया था। इससे पूर्व राष्ट्रीय महिला आयोग की बैठक में भाषा से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने और प्रशासनिक परंपराओं को आधुनिक बनाने की चुनौतियों पर चर्चा करने के बाद, केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनका यह संवाद राज्य के विकास और प्रवासी नीति की दृष्टि से खासा अहम है।

## जनता की प्रतिक्रिया
इस बैठक के सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ उपयोगकर्ताओं ने प्रवासियों के अधिकारों और सुरक्षा पर ध्यान देने की पहल का स्वागत किया, जबकि अन्य ने देश के भीतर आम जनता के रोजमर्रा के मुद्दों और राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर सवाल खड़े किए।

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## इसका आप पर असर
इस उच्चस्तरीय बैठक का सीधा असर विदेशों में रहने वाले भारतीय कामगारों और उनके परिवारों की प्रशासनिक सुरक्षा पर पड़ेगा।

- **भारत में:** केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विदेशों में काम करने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास सहायता और आपातकालीन राहत तंत्र और अधिक सुगम बनेगा। इससे प्रवासियों से जुड़ी नीतियों और शिकायतों का निपटारा पहले से अधिक त्वरित गति से संभव हो सकेगा।
- **केरलम में:** खाड़ी देशों और अन्य स्थानों पर कार्यरत लाखों मलयाली प्रवासियों के परिवारों को कानूनी सुरक्षा और रोजगार संकट के समय सीधी सरकारी मदद मिल सकेगी। इसके साथ ही राज्य स्तर पर एनआरआई सहायता केंद्रों को विदेश मंत्रालय की सेवाओं के साथ बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।
- **प्रवासी कामगारों के लिए:** कार्यस्थल पर शोषण, वेतन विवाद या यात्रा दस्तावेजों से संबंधित परेशानियों के दौरान अब त्वरित कांसुलर सहायता मिलने की उम्मीद है। विदेश जाने वाले नए कामगारों के लिए सत्यापन और पुनर्वास प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- **परिवारों के लिए:** विदेशों में कार्यरत सदस्यों के साथ किसी भी आपात स्थिति में परिजनों को सीधे और आधिकारिक संपर्क साधन उपलब्ध होंगे। इससे संकट के समय परिवारों को आवश्यक सरकारी सहयोग मिलने में देरी नहीं होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. विदेश मंत्री एस जयशंकर और मुख्यमंत्री वीडी सतीसन के बीच क्या चर्चा हुई?
दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से विदेशों में रहने वाले अनिवासी भारतीय (एनआरआई) समुदाय के कल्याण और उनसे जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

### 2. इस बैठक की जानकारी किसने साझा की?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री वीडी सतीसन के साथ हुई इस मुलाकात की जानकारी दी।

### 3. केरलम के मुख्यमंत्री सचिवालय में आम लोगों से मिलने का नया समय कब से लागू हुआ था?
सचिवालय में मुख्यमंत्री से आगंतुकों और आम लोगों की मुलाकात के लिए 2 सितंबर से नया समय निर्धारित किया गया था।

### 4. इस बैठक पर नागरिकों की क्या प्रतिक्रिया रही?
सोशल मीडिया पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही, जहां कुछ लोगों ने प्रवासी कल्याण की पहल का स्वागत किया तो कुछ ने घरेलू प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।

## नेता परिचय: एस. जयशंकर
- **पद:** विदेश मंत्री
- **जन्म:** 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी

2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चीन में राजदूत (2009–2013)
- अमेरिका में राजदूत (2013–2015)
- भारत के विदेश सचिव (2015–2018)
- विदेश मंत्री (2019 से)
- भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका

### रोचक तथ्य
- विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
- चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।


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