# एस. जयशंकर ने कीव यात्रा के दौरान महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

> विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी यात्रा संपन्न की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया को अब अंतहीन युद्ध के बजाय शांति की ओर बढ़ने की जरूरत है।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/esa-jayashnkara-ne-kiva-yatra-ke-daurana-mahatma-gandhi-ko-di-shraddhanjali-27352 · **Language:** Hindi
**Tags:** DrSJaishankar

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी यूक्रेन की राजधानी कीव की आधिकारिक यात्रा का समापन नेशनल बॉटनिकल गार्डन में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करके किया। इस महत्वपूर्ण पड़ाव के साथ उनकी यह यात्रा पूरी हो गई, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने विचार साझा किए।

## शांति और युद्ध विराम का संदेश
कीव में महात्मा गांधी को नमन करने के बाद विदेश मंत्री ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि महात्मा गांधी का जीवन और उनके विचार पूरी मानवता के लिए एक मार्गदर्शक हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि आज के समय की सबसे बड़ी मांग यह है कि दुनिया को अंतहीन युद्धों के दौर से बाहर निकलकर युद्ध की समाप्ति और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

## भारत की कूटनीतिक सक्रियता
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज हैं और भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्षों के समाधान की वकालत कर रहा है। कीव के नेशनल बॉटनिकल गार्डन में बापू को श्रद्धांजलि देना इस यात्रा का एक भावनात्मक और वैचारिक रूप से अहम हिस्सा रहा, जो वैश्विक मंच पर भारत के शांतिपूर्ण रुख को रेखांकित करता है।

## जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस यात्रा और संदेश को लेकर लोगों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जहां कई लोगों ने वैश्विक शांति की दिशा में भारत की भूमिका की सराहना की तो कुछ ने अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।

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## इसका आप पर असर
यह कूटनीतिक घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, वैश्विक सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

- **भारत में:** आम नागरिकों के लिए इसका कोई सीधा और तात्कालिक वित्तीय प्रभाव नहीं है, लेकिन यह वैश्विक मंच पर देश के कूटनीतिक रुख और विदेश नीति को समझने का एक माध्यम है।
- **अंतरराष्ट्रीय स्तर पर:** यह यात्रा यूक्रेन संकट के संदर्भ में भारत के कूटनीतिक संतुलन और शांति के प्रयासों को रेखांकित करती है, जिससे वैश्विक कूटनीति में रुचि रखने वालों को अहम संकेत मिलते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. एस. जयशंकर ने कीव में अपनी यात्रा का समापन कहां किया?
उन्होंने कीव के नेशनल बॉटनिकल गार्डन में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी यात्रा समाप्त की।

### 2. विदेश मंत्री ने अपने संदेश में किस मुख्य बात पर जोर दिया?
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन और संदेश यह रेखांकित करता है कि दुनिया को अंतहीन युद्ध से हटकर युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ना चाहिए।

### 3. यह यात्रा किस देश की थी?
यह यात्रा यूक्रेन की राजधानी कीव की थी।

## नेता परिचय: एस. जयशंकर
- **पद:** विदेश मंत्री
- **जन्म:** 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी

2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- चीन में राजदूत (2009–2013)
- अमेरिका में राजदूत (2013–2015)
- भारत के विदेश सचिव (2015–2018)
- विदेश मंत्री (2019 से)
- भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका

### रोचक तथ्य
- विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
- चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।


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