एस. जयशंकर ने मनीला में ईयू अधिकारी काजा कैलास से की मुलाकात, इंटरनेट पर आई तीखी प्रतिक्रियाएं एस. जयशंकर ने फिलीपींस में यूरोपीय संघ की एचआरवीपी काजा कैलास के साथ अपनी बातचीत को लेकर एक्स पर एक अपडेट दिया है। हालांकि, इस पोस्ट पर जनता ने ईयू को लेकर अविश्वास जताते हुए कई तरह की आलोचनात्मक टिप्पणियां की हैं। एस. जयशंकर ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक नया अपडेट साझा किया। यह पोस्ट फिलीपींस के मनीला में हुई एक अहम बातचीत के बारे में थी। इस संदेश में उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) की एचआरवीपी काजा कैलास के साथ हुई अपनी एक खास मुलाकात का जिक्र किया है। यह डिजिटल अपडेट दक्षिण पूर्व एशियाई देश में चल रही कूटनीतिक गतिविधियों की एक छोटी सी झलक पेश करता है। मनीला में अहम मुलाकात अपने आधिकारिक ऑनलाइन अकाउंट के जरिए एस. जयशंकर ने बताया कि काजा कैलास से मिलकर अच्छा लगा। यह संक्षिप्त बातचीत फिलीपींस की धरती पर हुई, जिसकी पुष्टि उनके छोटे सार्वजनिक बयान में इस्तेमाल किए गए हैशटैग से होती है। इस पोस्ट में सीधे तौर पर यूरोपीय संघ की अधिकारी को टैग किया गया था, ताकि इस द्विपक्षीय मुलाकात की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। आज के समय में अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं को रियल टाइम में दुनिया के सामने रखने के लिए ऐसे सोशल मीडिया अपडेट एक सामान्य जरिया बन गए हैं। जनता की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया का माहौल इस संक्षिप्त कूटनीतिक अपडेट के बाद इंटरनेट पर जनता की प्रतिक्रिया काफी मिली-जुली और कई मामलों में बेहद आलोचनात्मक रही। कई यूजर्स ने पोस्ट का सीधा जवाब देते हुए यूरोपीय संघ के प्रति गहरा अविश्वास जताया। कुछ टिप्पणीकारों ने इस राजनीतिक समूह को भरोसे के लायक नहीं माना और इसे दोहरे चरित्र वाला करार दिया। वहीं कुछ अन्य लोगों ने एक कदम आगे बढ़ते हुए इस बैठक के उद्देश्य पर ही सवाल खड़े कर दिए और यूरोपीय नेतृत्व की कड़ी आलोचना की। इसके अलावा, कमेंट सेक्शन में बिल्कुल असंबंधित टिप्पणियों की भी भरमार देखने को मिली। जहां कुछ यूजर्स धार्मिक नियति और भाग्य को लेकर बहस करने लगे, वहीं अन्य लोगों ने मनीला में डिजिटल अपग्रेड को लेकर व्यंग्यात्मक बातें लिखीं। कुल मिलाकर इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आधिकारिक घोषणाओं और सोशल मीडिया की अनियंत्रित दुनिया के बीच कितना बड़ा अंतर होता है। इसका आप पर असर • अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के लिए: यह मुलाकात दक्षिण पूर्व एशिया में अहम हस्तियों के बीच चल रही सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी को दर्शाती है। • सोशल मीडिया यूजर्स के लिए: जनता की मिश्रित प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि कैसे आधिकारिक अपडेट्स अक्सर ऑनलाइन बहसों और तीखी आलोचनाओं का शिकार हो जाते हैं। सवाल-जवाब 1. एस. जयशंकर ने हाल ही में किससे मुलाकात की? उन्होंने यूरोपीय संघ की एचआरवीपी काजा कैलास से मुलाकात की। 2. यह बातचीत किस जगह पर हुई? यह बैठक फिलीपींस के शहर मनीला में हुई। 3. इस मुलाकात की जानकारी कहां दी गई? एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह अपडेट साझा किया। 4. इस पोस्ट पर जनता की क्या प्रतिक्रिया रही? जनता की प्रतिक्रिया काफी आलोचनात्मक रही, जिसमें कई यूजर्स ने यूरोपीय संघ पर अविश्वास जताया और अन्य लोगों ने असंबंधित टिप्पणियां कीं। नेता परिचय: एस. जयशंकर • पद: विदेश मंत्री • जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी 2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चीन में राजदूत (2009–2013) • अमेरिका में राजदूत (2013–2015) • भारत के विदेश सचिव (2015–2018) • विदेश मंत्री (2019 से) • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका रोचक तथ्य • विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। • चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे। https://trendkia.com/neta-ji/esa-jayashnkara-ne-manila-men-iyu-adhikari-kaja-kailasa-se-ki-mulakata-intaraneta-para-ai-tikhi-pratikriyaen-10021 TrendKia — Har trend, sabse pehle.