# ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किग्रा भारोत्तोलन में जीता रजत पदक, राजनाथ सिंह ने दी बधाई

> ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किग्रा भारोत्तोलन में 199 किग्रा उठाकर रजत पदक जीता। राजनाथ सिंह ने उनके शत-प्रतिशत सफल लिफ्ट रिकॉर्ड और तैयारी की जमकर सराहना की।

**Type:** article · **Category:** नेता जी · **Published:** 2026-07-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/neta-ji/glasago-rashtramndala-khela-2026-jnaneshvari-yadava-ne-53-kigra-bharottolana-men-jita-rajata-padaka-rajanatha-sinha-ne-di-badhai-11044 · **Language:** Hindi
**Tags:** rajnathsingh

भारतीय भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया है। 23 वर्षीय एथलीट ने प्रतियोगिता में बिना किसी गलती के अपने सभी छह प्रयासों को सफलता के साथ पूरा किया और 199 किलोग्राम का अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। उनकी इस शानदार सफलता से ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

## प्रतिस्पर्धा में दिखाया शत-प्रतिशत प्रदर्शन
ग्लासगो में आयोजित इस कड़े मुकाबले के दौरान ज्ञानेश्वरी यादव ने शुरुआत से ही अपनी तकनीक और मानसिक नियंत्रण का लोहा मनवाया। स्नैच दौर में उन्होंने पहली बार में ही 88 किलोग्राम का भार उठाकर मजबूत बढ़त बनाई। इसके बाद क्लीन एंड जर्क दौर में उन्होंने 111 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाया, जिससे उनका कुल स्कोर 199 किलोग्राम तक पहुंच गया। नाइजीरिया की ओनोम दिदिह ने इस मुकाबले में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ज्ञानेश्वरी ने बिना किसी असफल प्रयास के रजत पदक पक्का किया।

## राजनाथ सिंह ने एक्स पर की तारीफ
ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि छह की छह लिफ्टों को सफलतापूर्वक पूरा करना खिलाड़ी की असाधारण तैयारी, धैर्य और जुझारूपन का परिणाम है। उन्होंने ज्ञानेश्वरी के समर्पण की सराहना करते हुए उनके आगे के खेल करियर के लिए शुभकामनाएं दीं।

## अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ज्ञानेश्वरी का सफर
23 वर्ष की उम्र में ज्ञानेश्वरी यादव ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। ग्लासगो में मिली इस सफलता से पहले वह एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भी भारत के लिए रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उनकी यह उपलब्धि भारतीय भारोत्तोलन के उभरते स्तर को दर्शाती है और देश के युवा खिलाड़ियों को बड़े मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।

## जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर देशवासियों और खेल प्रेमियों ने ज्ञानेश्वरी यादव के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी। कई प्रशंसकों ने दबाव के क्षणों में उनके शत-प्रतिशत लिफ्ट रिकॉर्ड को अद्भुत बताया, वहीं लोगों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लगातार बढ़ते पदकों की तारीफ की।

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## इसका आप पर असर
ज्ञानेश्वरी यादव की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रभाव:

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय भारोत्तोलन की बढ़ती ताकत से युवा एथलीटों को खेल में करियर बनाने की प्रेरणा मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में ज्ञानेश्वरी यादव ने कौन सा पदक जीता?
ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में रजत पदक जीता।

### 2. ज्ञानेश्वरी यादव ने कुल कितना भार उठाया?
ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच और 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

### 3. इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक किसने जीता?
नाइजीरिया की ओनोम दिदिह ने इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।

### 4. राजनाथ सिंह ने ज्ञानेश्वरी यादव की तारीफ में क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि बिना किसी असफलता के सभी छह लिफ्ट पूरे करना ज्ञानेश्वरी की असाधारण तैयारी, धैर्य और जुझारूपन का प्रतीक है।

### 5. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का यह कौन सा पदक था?
ज्ञानेश्वरी यादव द्वारा जीता गया यह पदक ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का कुल पांचवां पदक था।

## नेता परिचय: राजनाथ सिंह
- **पद:** केंद्रीय रक्षा मंत्री
- **जन्म:** 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश
- **पार्टी:** भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- **शिक्षा:** भौतिकी में एमएससी

2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे।

### राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002)
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14)
- केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019)
- केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से)
- लखनऊ से सांसद

### रोचक तथ्य
- राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे।
- 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे।


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