ग्लोबल नौकायन अभियान 'समुद्र प्रदक्षिणा' पूरा कर लौटीं 9 महिला अधिकारियों को राजनाथ सिंह ने किया सम्मानित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना की 9 महिला अधिकारियों का स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया। इन जांबाज अधिकारियों ने 'समुद्र प्रदक्षिणा' मिशन के तहत आईएएसवी त्रिवेणी नौका से पूरी दुनिया का चक्कर लगाकर इतिहास रचा है। भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए नौ महिला सैन्य अधिकारियों के दल ने अपनी ऐतिहासिक वैश्विक नौकायन यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के बाद नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं की इन जांबाज महिला अधिकारियों का अभिनंदन किया और उन्हें सम्मानित किया। 'समुद्र प्रदक्षिणा' नाम का यह ऐतिहासिक अभियान भारतीय सैन्य इतिहास में अपनी तरह का पहला त्रि-सेवा ऑल-वुमेन सर्कमनविगेशन मिशन था, जिसमें तीनों सेनाओं की जांबाज बेटियों ने समंदर के रास्ते पूरी दुनिया की परिक्रमा की। आईएएसवी त्रिवेणी पर साहसिक और कठिन समुद्री यात्रा इस साहसिक और चुनौतीपूर्ण अभियान को भारतीय सेना के विशेष नौकायन पोत आईएएसवी त्रिवेणी के जरिए पूरा किया गया। थल सेना, नौसेना और वायु सेना की इन नौ महिला अधिकारियों ने असीम धैर्य और जलपोत चालन की उच्च तकनीक का परिचय देते हुए विशाल महासागरों की लहरों का सामना किया। यह समुद्री यात्रा केवल जलपोत चलाने का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि अत्यंत विषम परिस्थितियों, तूफानी हवाओं और अनिश्चित मौसम के बीच टीम वर्क, सैन्य अनुशासन तथा मानसिक व शारीरिक सहनशक्ति की एक कठिन परीक्षा थी। अधिकारियों ने समुद्र के बेहद चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार करते हुए स्वदेश लौटकर तिरंगे का मान बढ़ाया। त्रि-सेवा समन्वय और देश की नारी शक्ति को नमन कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिला अधिकारियों के अटूट संकल्प और नेतृत्व क्षमता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि थल सेना, नौसेना और वायु सेना का यह साझा अभियान तीनों सेवाओं के बीच मौजूद बेहतरीन तालमेल का सशक्त प्रतीक है। राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि 'समुद्र प्रदक्षिणा' केवल एक सैन्य उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की 'नारी शक्ति' के साहस, समर्पण और अदम्य संकल्प का एक गौरवशाली उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों का यह ऐतिहासिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों को जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूने के लिए प्रेरित करेगा। जनता की प्रतिक्रिया इस ऐतिहासिक सफलता पर आम जनता की ओर से जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सोशल मीडिया पर लोगों ने महिला अधिकारियों के साहस और अनुशासन की तारीफ की तथा इसे पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व का क्षण बताया। इसके साथ ही, कई नागरिकों ने तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने रक्षा प्रशासनिक तंत्र से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। इसका आप पर असर भारत में: यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के बढ़ते अवसरों और अग्रिम भूमिकाओं का मार्ग प्रशस्त करती है। युवाओं और नागरिकों के लिए: यह साहसिक मिशन देश के युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं को खेल, एडवेंचर और रक्षा सेवाओं में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित करता है। सवाल-जवाब 1. 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान क्या है? 'समुद्र प्रदक्षिणा' भारतीय सशस्त्र बलों का पहला त्रि-सेवा ऑल-वुमेन ग्लोबल सर्कमनविगेशन अभियान है, जिसमें 9 महिला सैन्य अधिकारियों ने जलपोत के जरिए पूरी दुनिया की परिक्रमा की। 2. इस यात्रा में किस जलपोत का इस्तेमाल किया गया? इस ऐतिहासिक समुद्री यात्रा के लिए भारतीय सेना के नौकायन पोत आईएएसवी त्रिवेणी (IASV Triveni) का उपयोग किया गया। 3. इस अभियान में कौन-कौन सी सेनाएं शामिल थीं? इस अभियान में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना की कुल 9 महिला अधिकारी शामिल थीं। 4. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिला अधिकारियों को कहां सम्मानित किया? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तीनों सेनाओं की इन 9 महिला अधिकारियों को सम्मानित किया। नेता परिचय: राजनाथ सिंह • पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री • जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: भौतिकी में एमएससी 2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002) • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14) • केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019) • केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से) • लखनऊ से सांसद रोचक तथ्य • राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे। • 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे। https://trendkia.com/neta-ji/globala-naukayana-abhiyana-samudra-pradakshina-pura-kara-lautin-9-mahila-adhikariyon-ko-rajanatha-sinha-ne-kiya-sammanita-12241 TrendKia — Har trend, sabse pehle.