गोमती की बाढ़ के बीच फैजुल्लागंज पहुंचे राजनाथ सिंह, पीड़ितों से मिलकर बांटी राहत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के जलमग्न फैजुल्लागंज का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री का वितरण किया। गोमती नदी के उफान से जलमग्न हुए लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दौरा कर बाढ़ प्रभावित नागरिकों का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने जलभराव का सामना कर रहे परिवारों से सीधी बातचीत की और संकट में घिरे लोगों को आवश्यक राहत सामग्री सौंपी। फैजुल्लागंज में संकट और प्रशासन के साथ समन्वय इलाके में हालात का जायजा लेते हुए उन्होंने बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिले के जिलाधिकारी और संबंधित प्रशासनिक अफसरों से निरंतर संपर्क बना हुआ है ताकि प्रभावितों तक हर जरूरी मदद त्वरित गति से पहुंचाई जा सके। जलभराव और बुनियादी सुविधाओं का संकट गोमती के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण फैजुल्लागंज और आसपास के दाउदनगर क्षेत्र में भारी जलभराव हुआ, जहां गलियों में तीन से चार फुट तक पानी भर गया। पानी उतरने के बाद भी नौ कॉलोनियों में कीचड़ और संक्रामक बीमारियों की आशंका बनी हुई है। क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की कमी और घरों में चोरी के डर से जूझ रहे लोग लंबे समय तक नावों का इंतजार करने को विवश दिखे, जिसके चलते राहत कार्यों के दौरान कई बार तनाव भी देखने को मिला। सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत और मुआवजे की मांग उठाई थी। लखनऊ के बारे में लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है और यह प्रशासनिक रूप से लखनऊ जिले के अंतर्गत आता है। राज्य का प्रमुख प्रशासनिक व राजनीतिक केंद्र होने के नाते यहां की बुनियादी व्यवस्थाएं और सुरक्षा सीधे राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहती हैं। बाढ़ से स्थायी समाधान की योजना बाढ़ के बार-बार बनने वाले खतरे से राहत दिलाने के लिए सरकार दीर्घकालिक परियोजना पर भी विचार कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक नदी पर तटबंध बनाने का ऐलान किया है। इस क्रम में करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत से 115 किलोमीटर लंबा सुरक्षा बांध बनाने की योजना है, जिससे भविष्य में इस समूचे क्षेत्र को गोमती की बाढ़ की विभीषिका से स्थायी मुक्ति मिल सके। इसका आप पर असर फैजुल्लागंज में राहत कार्यों और नए तटबंध की योजना से हजारों निवासियों को बुनियादी सुरक्षा और जलभराव से राहत मिलेगी। • भारत में: नदी तटीय शहरों में बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन की समीक्षा तेज होगी। इससे मानसून के दौरान अन्य संवेदनशील शहरी क्षेत्रों में तटबंध निर्माण परियोजनाओं को गति मिल सकती है। • लखनऊ में: बाढ़ से घिरे नौ कॉलोनियों के परिवारों को आपातकालीन खाद्यान्न, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रस्तावित 115 किलोमीटर लंबे बांध के निर्माण के बाद निचले इलाकों के निवासियों को हर साल होने वाले विस्थापन और आर्थिक नुकसान से स्थायी छुटकारा मिल सकेगा। सवाल-जवाब 1. राजनाथ सिंह ने लखनऊ के किस क्षेत्र का दौरा किया? उन्होंने गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित फैजुल्लागंज इलाके का दौरा किया। 2. बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई और प्रशासन लगातार बचाव कार्यों की निगरानी कर रहा है। 3. फैजुल्लागंज में जलभराव से कौन-सी प्रमुख समस्याएं पैदा हुईं? गलियों में तीन से चार फुट तक पानी भरने से पेयजल संकट, आवागमन में रुकावट और बीमारियों का खतरा बढ़ गया। 4. गोमती की बाढ़ से बचाव के लिए कौन-सी स्थायी योजना प्रस्तावित है? फैजुल्लागंज से नैमिष तक लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से 115 किलोमीटर लंबा सुरक्षा बांध बनाने की योजना घोषित की गई है। नेता परिचय: राजनाथ सिंह • पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री • जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: भौतिकी में एमएससी 2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002) • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14) • केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019) • केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से) • लखनऊ से सांसद रोचक तथ्य • राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे। • 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे। https://trendkia.com/neta-ji/gomati-ki-barha-ke-bicha-phaijullagnja-pahunche-rajanatha-sinha-piriton-se-milakara-banti-rahata-47841 TrendKia — Har trend, sabse pehle.