गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आने से तीन बच्चों की जान गई गोरखपुर में दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान बिजली का करंट फैलने से दो सगे भाइयों समेत तीन बच्चों की मौत हो गई और दस से अधिक लोग झुलस गए। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के पावन अवसर पर एक बड़ा और दुखद हादसा सामने आया है। विसर्जन जुलूस के दौरान बिजली का तेज करंट प्रवाहित होने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में दो सगे भाई भी शामिल हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और प्रशासनिक टीम ने झुलसे हुए श्रद्धालुओं को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां कई लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। जुलूस के दौरान कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, श्रद्धालु धूमधाम से मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जा रहे थे। रास्ते में ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से किसी प्रकार संपर्क होने या स्पार्क होने के चलते अचानक पूरे जुलूस के वाहन और आसपास के क्षेत्र में करंट फैल गया। करंट लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन जब तक स्थिति संभलती, तब तक तीन बच्चे अपनी जान गंवा चुके थे और 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अखिलेश यादव ने जताया गहरा दुख इस हृदयविदारक घटना पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान करंट लगने से तीन बच्चों की मृत्यु होना अत्यंत दुखद समाचार है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी सांत्वना प्रकट की। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन से पुरजोर अपील की कि घायल हुए श्रद्धालुओं के लिए तत्काल प्रभाव से राहत कार्यों को अंजाम दिया जाए और उनके समुचित व बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा पर उठे सवाल त्योहारों के दौरान निकलने वाले धार्मिक जुलूसों के मार्गों पर बिजली के लटकते तार हमेशा से एक बड़ा खतरा साबित होते रहे हैं। इस दुखद हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा चूकों से बचा जा सके। घायलों का उपचार जारी है और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कनकदुर्गा के बारे में कनकदुर्गा आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर में कृष्णा नदी के तट पर इंद्रकीलाद्री पहाड़ी पर स्थित मां दुर्गा का एक अत्यंत विख्यात हिंदू मंदिर है। कालिका पुराण, दुर्गा सप्तशती और प्राचीन वैदिक साहित्य में इस पावन स्थल का विशेष उल्लेख मिलता है, जहां देवी को स्वयंभू माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कनकदुर्गा को देवी शाकम्भरी का ही स्वरूप माना जाता है और यहां शाकम्भरी उत्सव बड़े स्तर पर आयोजित किया जाता है। उल्लेखनीय है कि मां शाकम्भरी का मुख्य पीठ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के पास शिवालिक पर्वत श्रृंखला में स्थित है, और वही पावन शक्ति विजयवाड़ा में कनकदुर्गा के रूप में पूजी जाती हैं। जनता की प्रतिक्रिया घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं जताईं। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी लापरवाहियों की कड़ी जांच कर दोषियों पर तुरंत दंडात्मक कदम उठाने चाहिए, ताकि निर्दोषों की जान जोखिम में न पड़े। इसका आप पर असर धार्मिक आयोजनों और विसर्जन जुलूसों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी नागरिकों के जीवन के लिए भारी जोखिम पैदा कर रही है। • उत्तर प्रदेश में: राज्य में त्योहारों के दौरान विसर्जन मार्गों पर बिजली के लटकते तारों की विशेष समीक्षा और त्वरित मरम्मत जरूरी हो गई है। संबंधित विद्युत वितरण निगमों और स्थानीय निकायों को जुलूस से पहले सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करना होगा। • भारत में: देश भर में सार्वजनिक जुलूसों और धार्मिक मेलों में बिजली सुरक्षा के कड़े मानक लागू करने की मांग तेज होगी। आयोजकों और स्थानीय प्रशासन को ऊंचाई वाले वाहनों और बिजली लाइनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश मिलेंगे। • श्रद्धालुओं के लिए: विसर्जन जुलूस में शामिल होते समय ओवरहेड बिजली तारों और ट्रांसफार्मरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। किसी भी ढीले या लटकते तार की सूचना तुरंत विद्युत हेल्पलाइन पर दें। • प्रशासनिक जवाबदेही: ऐसी घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले बिजली कर्मचारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। पीड़ित परिवारों को तय नियमों के तहत वित्तीय सहायता और घायलों को निःशुल्क उपचार का अधिकार मिलता है। सवाल-जवाब 1. गोरखपुर में यह हादसा किस दौरान हुआ? यह हादसा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान बिजली का तेज करंट फैलने से हुआ। 2. हादसे में कितने लोगों की जान गई और कितने घायल हुए? हादसे में दो सगे भाइयों समेत 3 बच्चों की मौत हो गई और 10 से अधिक लोग झुलस गए। 3. अखिलेश यादव ने इस घटना पर क्या मांग की? अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से घायलों के तत्काल समुचित उपचार और राहत की व्यवस्था करने की अपील की। 4. कनकदुर्गा मंदिर कहां स्थित है? कनकदुर्गा मंदिर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कृष्णा नदी के तट पर इंद्रकीलाद्री पहाड़ी पर स्थित है। नेता परिचय: अखिलेश यादव • पद: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष • जन्म: 1 जुलाई 1973, सैफई, उत्तर प्रदेश • पार्टी: समाजवादी पार्टी • शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद। वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री (2012–17) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद (पहली बार 2000 में निर्वाचित) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2012–2017) • समाजवादी पार्टी अध्यक्ष (2017 से) • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और लखनऊ मेट्रो बनवाई • कन्नौज से सांसद (18वीं लोकसभा) रोचक तथ्य • 38 वर्ष की आयु में यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। • पेशे से सिविल इंजीनियर; फुटबॉल में गहरी रुचि। https://trendkia.com/neta-ji/gorakhapura-men-durga-pratima-visarjana-ke-daurana-bara-hadasa-karnta-ki-chapeta-men-ane-se-tina-bachchon-ki-jana-gai-50316 TrendKia — Har trend, sabse pehle.