गृह मंत्री अमित शाह ने पुण्यतिथि पर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को दी श्रद्धांजलि, मिसाइल और अंतरिक्ष क्षेत्र में योगदान को किया याद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत के अंतरिक्ष व मिसाइल कार्यक्रमों में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और शिक्षक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। देश के सामरिक सामर्थ्य और वैज्ञानिक ढांचे को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में डॉ कलाम की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए गृह मंत्री ने उन्हें एक दूरदर्शी व्यक्तित्व और भारत के अंतरिक्ष व मिसाइल कार्यक्रमों का मुख्य वास्तुकार करार दिया। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को अमित शाह का नमन सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने आधिकारिक संदेश में गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि डॉ कलाम के उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचारों ने भारत को एक शक्तिशाली रणनीतिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि डॉ कलाम के विचार, सादगी और ज्ञान ने देश के करोड़ों युवाओं और नागरिकों के जीवन को नई दिशा दी है। अमित शाह का यह संदेश भारत के उन सभी महान निर्माताओं और विचारकों की परंपरा का स्मरण कराता है जिन्होंने देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। भारत के रणनीतिक और वैज्ञानिक विकास में अमूल्य योगदान लोकप्रिय रूप से भारत के मिसाइल मैन के नाम से विख्यात डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का योगदान देश के रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्र में मील का पत्थर माना जाता है। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में दशकों तक सेवा दी। डॉ कलाम भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएलवी-3) के परियोजना निदेशक थे, जिसने रोहिणी उपग्रह को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया था। इसके उपरांत उन्होंने अग्नि और पृथ्वी जैसी स्वदेशी निर्देशित मिसाइलों के विकास में केंद्रीय भूमिका निभाई। वर्ष 1998 में आयोजित पोखरण-2 परमाणु परीक्षणों में उनकी वैज्ञानिक दृष्टि और नेतृत्व ने भारत को एक परमाणु संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल जन-साधारण के प्रति उनके जुड़ाव के कारण जनता के राष्ट्रपति के रूप में याद किया जाता है। उन्हें भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म भूषण जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा गया था। उनकी पुस्तकें जैसे विंग्स ऑफ फायर और इग्नाइटेड माइंड्स आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करती हैं। कौन थे जॉन हाइसमैन जिस प्रकार विज्ञान और रक्षा के क्षेत्र में दूरदर्शियों का अमूल्य योगदान रहा है, उसी प्रकार संगीत और कला के क्षेत्र में भी कई महान हस्तियों ने क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। ऐसे ही एक विश्वप्रसिद्ध व्यक्तित्व फिलिप जॉन अल्बर्ट जॉन हाइसमैन थे। जॉन हाइसमैन इंग्लैंड के एक बेहद प्रभावशाली ड्रमर, साउंड इंजीनियर, रिकॉर्ड निर्माता और संगीत प्रकाशक थे। उन्होंने 1960 के दशक में ग्राहम बॉन्ड ऑर्गनाइजेशन और जॉन मयाल एंड द ब्लूजब्रेकर्स जैसे दिग्गजों के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 1968 में उन्होंने कोलोज़ियम नामक प्रसिद्ध जैज़-रॉक और प्रोग्रेसिव रॉक बैंड की सह-स्थापना की, जिसने पश्चिमी संगीत शैली को एक नया आयाम दिया। इसके बाद वर्ष 1975 में उन्होंने कोलोज़ियम द्वितीय का गठन किया और दुनिया भर में लाइव संगीत प्रदर्शनों के जरिए गहरा प्रभाव छोड़ा। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया एक्स पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस श्रद्धांजलि संदेश पर आम जनता और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने अपनी व्यापक प्रतिक्रियाएं दीं। अधिकांश उपयोगकर्ताओं ने डॉ कलाम के सादगी भरे जीवन, देशभक्ति और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को नमन किया। इसके साथ ही कई यूजर्स ने देश में शिक्षा व्यवस्था के सुधारों, युवाओं के लिए अवसरों और नागरिक बुनियादी सुविधाओं पर भी अपने विचार प्रकट किए। इसका आप पर असर भारत में: देश के नागरिकों और छात्रों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व की प्रेरणा मिलती है। सवाल-जवाब 1. अमित शाह ने डॉ कलाम को किस अवसर पर याद किया? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 2. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को किस लोकप्रिय नाम से जाना जाता है? डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को भारत के मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति के रूप में जाना जाता है। 3. डॉ कलाम ने भारत के किन मुख्य वैज्ञानिक कार्यक्रमों का नेतृत्व किया? उन्होंने भारत के पहले उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 तथा अग्नि और पृथ्वी मिसाइल विकास कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। 4. जॉन हाइसमैन कौन थे? जॉन हाइसमैन एक प्रसिद्ध ब्रिटिश ड्रमर और संगीत निर्माता थे जिन्होंने प्रोग्रेसिव जैज़-रॉक बैंड कोलोज़ियम की स्थापना की थी। नेता परिचय: अमित शाह • पद: केंद्रीय गृह मंत्री • जन्म: 22 अक्टूबर 1964, मुंबई, महाराष्ट्र • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: बायोकेमिस्ट्री में बीएससी 2019 से भारत के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–20); पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2014–2020) • केंद्रीय गृह मंत्री (2019 से) • केंद्रीय सहकारिता मंत्री (2021 से) • सांसद, गांधीनगर • 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन का नेतृत्व रोचक तथ्य • भाजपा के सबसे सफल अध्यक्षों में गिने जाते हैं। • 1982 में गुजरात में आरएसएस के ज़रिए नरेंद्र मोदी से पहली मुलाक़ात हुई। https://trendkia.com/neta-ji/griha-mntri-amita-shaha-ne-punyatithi-para-do-epije-abdula-kalama-ko-di-shraddhanjali-misaila-aura-antariksha-kshetra-men-yogadana-10637 TrendKia — Har trend, sabse pehle.