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  "title": "ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, राजनाथ सिंह ने बताया बड़ा कदम",
  "summary": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज 3 योजना को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले से देश के भीतर राज्यों के आंतरिक बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।",
  "content": "देश के ऊर्जा क्षेत्र को पर्यावरण अनुकूल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम नीतिगत फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण यानी जीईसी तीन को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य राज्यों के आंतरिक विद्युत पारेषण तंत्र को अत्याधुनिक बनाना है, ताकि अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पैदा होने वाली बिजली को बिना किसी रुकावट के ग्रिड में जोड़ा जा सके।\n\nराज्यों के पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को मिलेगी नई मजबूती\nअक्षय ऊर्जा उत्पादन में तेजी आने के साथ ही बिजली के सुगम वितरण के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज तीन के तहत अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इससे सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों से पैदा होने वाली बिजली को स्थानीय भार केंद्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। ग्रिड की स्थिरता में सुधार होने से अतिरिक्त हरित ऊर्जा की बर्बादी रुकेगी और राज्यों के बीच बिजली की आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनेगी।\n\nराजनाथ सिंह ने बताया ऊर्जा सुरक्षा की ओर ऐतिहासिक कदम\nकेंद्रीय कैबिनेट द्वारा लिए गए इस निर्णय का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि यह फैसला अधिक मजबूत, हरित और ऊर्जा की दृष्टि से सुरक्षित भारत के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वीकृत इस योजना से देश की आंतरिक पारेषण प्रणाली व्यापक रूप से सशक्त होगी। सरकार का यह कदम देश के दीर्घकालिक कार्बन उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों और पर्यावरण लक्ष्यों को पूरा करने में भी मददगार रहेगा।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nइस फैसले के सार्वजनिक होने के बाद आम नागरिकों और ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों ने सरकार के कदम का स्वागत किया है। लोगों ने सोशल मीडिया पर उम्मीद जताई कि बेहतर ग्रिड नेटवर्क से बिजली कटौती कम होगी और ग्रामीण इलाकों तक निर्बाध बिजली पहुंचेगी, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने परियोजना को समय पर पूरा करने की जरूरत पर बल दिया।\n\nइसका आप पर असर\nइस फैसले का सीधा असर देश के बिजली वितरण ढांचे और हरित ऊर्जा की उपलब्धता पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: राज्यों के आंतरिक बिजली नेटवर्क के अपग्रेड होने से अक्षय ऊर्जा ग्रिड में आसानी से समाहित होगी। इससे उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर बिजली मिल सकेगी और बिजली कंपनियों के तकनीकी नुकसान में कमी आएगी।\n• उद्योगों के लिए: ग्रीन कॉरिडोर के विस्तार से विनिर्माण इकाइयों और औद्योगिक क्षेत्रों को स्वच्छ ऊर्जा के निर्बाध स्रोत मिलेंगे। इससे कंपनियों को अपने कार्बन लक्ष्यों को हासिल करने और ऊर्जा लागत को नियंत्रित रखने में आसानी होगी।\n• निवेश के अवसर: ग्रिड विस्तार की इस नई परियोजना से इलेक्ट्रिकल उपकरण निर्माताओं और पारेषण इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए नए अनुबंध खुलेंगे। इससे संबंधित तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।\n• पर्यावरण संरक्षण: जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटने से वायु प्रदूषण में क्रमिक कमी आएगी। स्थानीय स्तर पर हरित बिजली की अधिक खपत होने से देश के जलवायु लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. केंद्रीय कैबिनेट ने किस नई योजना को मंजूरी दी है?\nकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज 3 योजना को अपनी मंजूरी प्रदान की है।\n\n2. ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज 3 का मुख्य उद्देश्य क्या है?\nइसका प्राथमिक उद्देश्य राज्यों के आंतरिक बिजली पारेषण तंत्र को सशक्त बनाकर हरित ऊर्जा का सुगम वितरण सुनिश्चित करना है।\n\n3. इस फैसले को लेकर राजनाथ सिंह ने क्या बयान दिया?\nउन्होंने इस योजना को अधिक मजबूत, हरित और ऊर्जा की दृष्टि से सुरक्षित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।\n\n4. इस योजना की अध्यक्षता किस बैठक में की गई थी?\nयह मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दी गई।\n\nनेता परिचय: राजनाथ सिंह\n• पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री\n• जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: भौतिकी में एमएससी\n\n2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002)\n• भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14)\n• केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019)\n• केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से)\n• लखनऊ से सांसद\n\nरोचक तथ्य\n• राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे।\n• 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-09-30",
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