गुरु नानक देव के ज्योति ज्योत दिवस पर योगी आदित्यनाथ ने किया नमन, सत्य और सेवा के बताए मार्ग सिख पंथ के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के ज्योति ज्योत दिवस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके मानवीय संदेशों को याद किया। सिख पंथ के संस्थापक और प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के पावन ज्योति ज्योत दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नमन किया। उन्होंने गुरु नानक देव जी को मानवता का सच्चा पथ प्रदर्शक बताते हुए समाज में उनके योगदान और आदर्शों को रेखांकित किया। देश भर में गुरु नानक देव जी के आदर्शों और शिक्षाओं को याद करते हुए विभिन्न धार्मिक और सामाजिक आयोजन भी किए जाते हैं, जहां संगत उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेती है। सत्य, सेवा और समानता का कालजयी संदेश योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि सिख पंथ के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज ने सत्य, सेवा, समानता और आपसी भाईचारे का संदेश देकर समूचे समाज को एक नई दिशा प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का पूरा जीवन लोक कल्याण और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए समर्पित रहा। उनकी शिक्षाएं हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के एकजुट रहने और परोपकार के रास्ते पर आगे बढ़ने का मार्ग दिखाती हैं। मानवता के पथ प्रदर्शक और निरंतर प्रेरणा योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में विशेष रूप से रेखांकित किया कि गुरु नानक देव जी के पवित्र विचार और उनकी शिक्षाएं आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के उपदेश समाज को सदैव परोपकार और आपसी सद्भाव के पथ पर चलने की निरंतर प्रेरणा प्रदान करते हैं। उनका जीवन यह सिखाता है कि किस प्रकार आध्यात्मिक चिंतन के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन में जनकल्याण और सेवा भावना को सर्वोपरि स्थान दिया जाना चाहिए। देश भर में प्रकाश पर्व और स्मृति दिवस का उत्साह गुरु नानक देव जी के स्मृति दिवस और प्रकाश पर्व के दौरान विभिन्न शहरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की रौनक देखने को मिलती है। धमतरी में सिंधी समाज द्वारा भव्य शोभायात्राएं निकाली जाती हैं, तो वहीं सोनीपत सहित कई स्थानों पर गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाकर सबद कीर्तन का आयोजन किया जाता है। गुरु साहिब द्वारा स्थापित लंगर की परंपरा और उनके तीन मूल सिद्धांत नाम जपना, कीरत करना और वंड छकना आज भी समूची मानवता के लिए प्रेरणा पुंज बने हुए हैं। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के इस संदेश का आम जनता ने व्यापक स्वागत किया। लोगों ने गुरु नानक देव जी के चरणों में नमन करते हुए समाज में सद्भाव, युवाओं को भटकाव व नशे से दूर रखने और देश में आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए प्रार्थनाएं साझा कीं। इसका आप पर असर गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं सामाजिक समरसता और निस्वार्थ सेवा के महत्व को उजागर करती हैं। • भारत में: यह अवसर नागरिकों को सामाजिक समानता और वंचितों की सहायता के संवैधानिक व मानवीय मूल्यों को अपनाने की याद दिलाता है। गुरु साहिब द्वारा शुरू की गई सामूहिक लंगर और सेवा की परंपरा सामुदायिक सहयोग को निरंतर मजबूत करती है। • उत्तर प्रदेश में: राज्य सरकार द्वारा प्रमुख संतों और धार्मिक गुरुओं के स्मृति दिवसों को सम्मान देने से विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सौहार्द और विश्वास को बढ़ावा मिलता है। इससे समाज के युवाओं को नैतिक मूल्यों और सकारात्मक दिशा की ओर प्रेरित करने में मदद मिलती है। • दैनिक जीवन में: आम नागरिकों के लिए यह दिन ईमानदारी से आजीविका कमाने और जरूरतमंदों के साथ संसाधन साझा करने का व्यावहारिक संकल्प लेने का अवसर है। इससे सामाजिक स्तर पर तनाव कम करने और परस्पर सहयोग बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। • सांस्कृतिक महत्व: देश भर के धार्मिक केंद्रों और गुरुद्वारों में आयोजित कार्यक्रम स्थानीय व्यापार, सांस्कृतिक पर्यटन और सामुदायिक एकजुटता को सक्रिय बढ़ावा देते हैं। इससे युवा पीढ़ी को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है। सवाल-जवाब 1. योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर किसको श्रद्धांजलि अर्पित की? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिख पंथ के संस्थापक एवं प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज को उनके ज्योति ज्योत दिवस पर श्रद्धांजलि दी। 2. मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी के किन संदेशों का विशेष उल्लेख किया? उन्होंने सत्य, सेवा, समानता और आपसी भाईचारे के उन संदेशों का उल्लेख किया, जिन्होंने समाज को नई दिशा और प्रेरणा दी। 3. गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं वर्तमान समाज को क्या प्रेरणा देती हैं? उनकी शिक्षाएं समाज को सदैव परोपकार, बिना भेदभाव के एकता और आपसी सद्भाव के पथ पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करती हैं। 4. जनता ने इस संदेश पर सोशल मीडिया पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया दी? नागरिकों ने गुरु साहिब को नमन करते हुए समाज में शांति, सद्भाव और युवाओं को नशे व भ्रम से दूर रखने की प्रार्थनाएं साझा कीं। नेता परिचय: योगी आदित्यनाथ • पद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री • जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: गणित में बीएससी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मठ के महंत। मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट; गोरखपुर से पाँच बार सांसद रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • सांसद, गोरखपुर (1998–2017, पाँच बार) • गोरखनाथ मठ के महंत (2014 से) • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2017 से) • लगातार दो कार्यकाल जीतने वाले पहले यूपी मुख्यमंत्री • हिंदू युवा वाहिनी संगठन की स्थापना की रोचक तथ्य • 1998 में 26 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। • राज्य की कमान संभालने से पहले संन्यास लेकर महंत बने। https://trendkia.com/neta-ji/guru-nanaka-deva-ke-jyoti-jyota-divasa-para-yogi-adityanatha-ne-kiya-namana-satya-aura-seva-ke-batae-marga-43056 TrendKia — Har trend, sabse pehle.