हर मंदर सिंह जी की शताब्दी पर शशि थरूर का भावभीना नमन शशि थरूर ने एक्स पर अपने मित्र हर्ष मंदर के पिता हर मंदर सिंह जी को उनकी शताब्दी पर प्रणाम अर्पित किए और उन्हें एक असाधारण, करुणामय इंसान बताया। शशि थरूर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक भावपूर्ण पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपने छात्र जीवन के एक बेहद खास परिचय को याद किया। यह मौका था श्री हर मंदर सिंह जी की शताब्दी का, जिन पर उन्होंने अपने दिल की बात लिखकर उन्हें सार्वजनिक रूप से याद किया। छात्र जीवन का अनमोल नाता थरूर ने बताया कि हर मंदर सिंह जी से उनकी पहचान उनके मित्र हर्ष मंदर के पिता के रूप में हुई थी। अपने छात्र दिनों में ऐसे असाधारण व्यक्तित्व को करीब से जानने का अवसर मिला, इसे उन्होंने अपना बड़ा सौभाग्य बताया। हर बातचीत में झलकती थी इंसानियत थरूर के अनुसार, हर मंदर सिंह जी की करुणा, विवेक, मानवता और शालीनता उनकी छोटी से छोटी बातचीत में भी साफ दिखाई देती थी। ये गुण किसी बड़े मंच पर नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के साधारण पलों में स्वाभाविक रूप से प्रकट होते थे। शताब्दी पर भावभीनी श्रद्धांजलि हर मंदर सिंह जी की शताब्दी के मौके पर शशि थरूर ने उन्हें अपने प्रणाम अर्पित किए। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा: "अपने छात्र दिनों में मुझे अपने मित्र @harshmander के पिता के रूप में इस असाधारण इंसान को जानने का बड़ा सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनकी करुणा, बुद्धिमत्ता, मानवता और शालीनता छोटी से छोटी बातचीत में भी चमकती थी। श्री हर मंदर सिंह जी की शताब्दी पर उन्हें मेरे प्रणाम। 🙏🏼 ओम 🕉️ शांति!" पृष्ठभूमि हर मंदर सिंह जी की शताब्दी उनके जन्म के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाई जा रही है। शशि थरूर ने इस पोस्ट में स्पष्ट किया कि हर्ष मंदर उनके मित्र हैं और हर मंदर सिंह जी उन्हीं के पिता थे, जिनसे थरूर का परिचय दशकों पहले छात्र जीवन में हुआ था। इसका आप पर असर यह एक व्यक्तिगत श्रद्धांजलि है जो उन लोगों के लिए विशेष रूप से भावपूर्ण होगी जो हर मंदर सिंह जी या हर्ष मंदर से परिचित हैं। • सामान्य पाठकों के लिए: यह पोस्ट एक संदेश देती है कि करुणा और शालीनता जैसे इंसानी गुण पीढ़ियों बाद भी याद किए जाते हैं और उनकी गूंज जीवन भर बनी रहती है। सवाल-जवाब 1. शशि थरूर ने यह पोस्ट किस प्लेटफॉर्म पर की? शशि थरूर ने यह पोस्ट एक्स (पूर्व ट्विटर) पर की। 2. हर मंदर सिंह जी कौन थे? हर मंदर सिंह जी शशि थरूर के मित्र हर्ष मंदर के पिता थे, जिन्हें थरूर ने अपने छात्र जीवन में जाना था। 3. इस पोस्ट का अवसर क्या था? यह पोस्ट हर मंदर सिंह जी की शताब्दी यानी उनके जन्म के सौ वर्ष पूरे होने के मौके पर की गई। 4. थरूर ने हर मंदर सिंह जी के किन गुणों की तारीफ की? थरूर ने उनकी करुणा, बुद्धिमत्ता, मानवता और शालीनता की सराहना की और कहा कि ये गुण छोटी से छोटी बातचीत में भी साफ दिखते थे। 5. शशि थरूर और हर मंदर सिंह जी की पहचान कैसे हुई थी? थरूर ने उन्हें अपने मित्र हर्ष मंदर के पिता के रूप में अपने छात्र दिनों में जाना था। नेता परिचय: शशि थरूर • पद: सांसद, तिरुवनंतपुरम • जन्म: 9 मार्च 1956, लंदन, यूके • पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस • शिक्षा: फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी 2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007) • सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से) • विदेश राज्य मंत्री (2009–2010) • विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष • 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रोचक तथ्य • 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे। • 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में। https://trendkia.com/neta-ji/hara-mndara-sinha-ji-ki-shatabdi-para-shashi-tharura-ka-bhavabhina-namana-3584 TrendKia — Har trend, sabse pehle.