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  "title": "इंडोनेशिया ने पीएम मोदी को दिया अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान, जयशंकर ने बताया गर्व का पल",
  "summary": "इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'बिंटांग आदिपूर्णा' पदक दिया, जिसे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हर भारतीय के लिए गर्व का पल बताया।",
  "content": "इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान बिंटांग आदिपूर्णा पदक देकर सम्मानित किया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया, जो दोनों देशों के बीच लगातार गहरे होते रिश्तों की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है।\n\nएस. जयशंकर ने क्या लिखा\nविदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मौके पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी को बिंटांग आदिपूर्णा सम्मान मिलना हर भारतीय के लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की उस लगातार मेहनत का नतीजा है, जिसके जरिए उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया और भारत को वैश्विक मंच पर और सशक्त बनाया।\n\nभारत-इंडोनेशिया के बीच हुए अहम समझौते\nइस दौरे में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी सहमति बनी। इनमें अस्त्र और ब्रह्मोस मिसाइलों के निर्यात से जुड़े समझौते, साबांग पोर्ट के संयुक्त विकास की योजना, यूपीआई और क्यूआरआईएस भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने की पहल, और निकेल तथा रेयर अर्थ खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने से जुड़े कदम शामिल हैं। ये सभी समझौते भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, व्यापार और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देंगे।\n\nमोदी के नाम अब तक 34 विदेशी सम्मान\nबिंटांग आदिपूर्णा सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी को अब तक कुल 34 विदेशी सम्मान मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने यह सम्मान 1.4 अरब भारतीयों को समर्पित किया है। इंडोनेशिया इससे पहले अपने इसी सर्वोच्च नागरिक सम्मान से माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को भी सम्मानित कर चुका है, जिससे इस सम्मान का महत्व और बढ़ जाता है।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nसोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोगों ने इसे भारत के लिए गर्व का पल बताते हुए बधाई दी, वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाले इन विदेशी सम्मानों से आम भारतीयों को असल में क्या फायदा होता है।\n\nइसका आप पर असर\n• यात्रियों और कारोबारियों के लिए: यूपीआई-क्यूआरआईएस लिंकेज से इंडोनेशिया जाने वाले भारतीय पर्यटक और व्यापारी वहां सीधे यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे।\n• रक्षा और खनिज कारोबार के लिए: अस्त्र-ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात और निकेल-रेयर अर्थ सप्लाई चेन से जुड़े समझौतों से भारत के रक्षा उत्पादन और खनिज आयात क्षेत्र को नए अवसर मिल सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इंडोनेशिया ने पीएम मोदी को कौन सा सम्मान दिया?\nइंडोनेशिया ने पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंटांग आदिपूर्णा' पदक प्रदान किया।\n\n2. यह सम्मान किसने प्रदान किया?\nयह सम्मान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने प्रदान किया।\n\n3. एस. जयशंकर ने इस बारे में क्या लिखा?\nजयशंकर ने लिखा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है और यह पीएम मोदी की भारत-इंडोनेशिया साझेदारी मजबूत करने की मेहनत का नतीजा है।\n\n4. इस दौरे में भारत और इंडोनेशिया के बीच कौन-कौन से समझौते हुए?\nअस्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात, साबांग पोर्ट का संयुक्त विकास, यूपीआई-क्यूआरआईएस लिंकेज और निकेल-रेयर अर्थ सप्लाई चेन सुरक्षित करने जैसे समझौते हुए।\n\n5. पीएम मोदी को अब तक कितने विदेशी सम्मान मिल चुके हैं?\nबिंटांग आदिपूर्णा के साथ पीएम मोदी को अब तक कुल 34 विदेशी सम्मान मिल चुके हैं।\n\n6. पीएम मोदी ने यह सम्मान किसे समर्पित किया?\nपीएम मोदी ने यह सम्मान 1.4 अरब भारतीयों को समर्पित किया।\n\n7. इससे पहले यह सर्वोच्च सम्मान किसे मिला था?\nइंडोनेशिया ने इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया था।\n\nनेता परिचय: एस. जयशंकर\n• पद: विदेश मंत्री\n• जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी\n\n2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• चीन में राजदूत (2009–2013)\n• अमेरिका में राजदूत (2013–2015)\n• भारत के विदेश सचिव (2015–2018)\n• विदेश मंत्री (2019 से)\n• भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका\n\nरोचक तथ्य\n• विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।\n• चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-07-07",
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