इंजीनियर्स डे पर राजनाथ सिंह ने देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को किया नमन, एम. विश्वेश्वरैया को दी श्रद्धांजलि राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस के मौके पर राजनाथ सिंह ने देश के विकास में इंजीनियरों के योगदान को सराहा और भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया को याद किया। देशभर में इंजीनियर्स डे के अवसर पर तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को खास अंदाज में याद किया जा रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारी निभाने वाले राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए अपने विचार साझा किए। उन्होंने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक तकनीकों को आगे बढ़ाने में जुटे इंजीनियरों की मेहनत की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने इस विशेष दिन पर भारत के महान सिविल इंजीनियर और दूरदर्शी राजनेता कहे जाने वाले एम. विश्वेश्वरैया को उनकी जयंती पर गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे और एम. विश्वेश्वरैया का योगदान हर साल 15 सितंबर को देश में राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे मनाया जाता है, जो महान भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया की जयंती का प्रतीक है। उनका जन्म 15 सितंबर 1860 को हुआ था और वह भारतीय इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरों और प्रशासकों में गिने जाते हैं। एम. विश्वेश्वरैया ने देश के बुनियादी ढांचे, सिंचाई प्रणालियों और जल प्रबंधन के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया था, जिससे भारतीय इंजीनियरिंग को एक नई दिशा मिली। उनके द्वारा स्थापित संस्थानों में से एक यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की स्थापना 1917 में हुई थी, जो आज के समय में एक प्रमुख सार्वजनिक राज्य विश्वविद्यालय के रूप में कार्य कर रहा है और बेंगलुरु के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बेंगलुरु की उच्च शिक्षा और तकनीकी संस्थानों की पृष्ठभूमि बेंगलुरु शहर भारत के तकनीकी और उच्च शिक्षा मानचित्र पर एक केंद्रीय स्थान रखता है, जहां कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। बेंगलुरु यूनिवर्सिटी की स्थापना 1886 में हुई थी और यह आज 500 से अधिक कॉलेजों को संबद्धता प्रदान करती है, जिसमें तीन लाख से ज्यादा विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज है। इस विश्वविद्यालय के पास ज्ञानभारती और सेंट्रल कॉलेज के रूप में दो प्रमुख परिसर स्थित हैं। इसके अलावा, एम. विश्वेश्वरैया द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित संस्थान को आधुनिक समय में यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के रूप में जाना जाता है। छात्रों और महाविद्यालयों के सुचारू प्रबंधन के लिए वर्ष 2017 में इस विश्वविद्यालय को विभाजित करके बेंगलुरु यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु नॉर्थ यूनिवर्सिटी और बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी के रूप में पुनर्गठित किया गया था। देश के विकास में तकनीकी दिग्गजों की भूमिका आधुनिक भारत के निर्माण में इंजीनियरों का योगदान हमेशा से रीढ़ की हड्डी की तरह रहा है। देश की तकनीकी प्रगति, विशाल बुनियादी ढांचे के विस्तार और आगामी समय के लिए एक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार से लेकर आम जनता तक सभी लोग इस बात को स्वीकार करते हैं कि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए नवाचार और तकनीकी दक्षता का होना अनिवार्य है। इसी सोच के तहत हर साल इस दिन को उन तमाम लोगों की मेहनत को सम्मानित करने के लिए समर्पित किया जाता है जो पर्दे के पीछे रहकर देश की व्यवस्था और निर्माण कार्यों को गति देते हैं। जनता की प्रतिक्रिया इस अवसर पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और आम नागरिकों ने देश भर के इंजीनियरों को अपनी शुभकामनाएं दीं और एम. विश्वेश्वरैया के योगदान को याद किया। कई लोगों ने देश की तरक्की में तकनीकी क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए अपनी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं साझा कीं। इसका आप पर असर इंजीनियर्स डे और देश के तकनीकी विकास से जुड़े इस अवसर का आम नागरिकों और छात्रों पर सीधा असर पड़ता है। • भारत में: देश भर के तकनीकी छात्रों और पेशेवरों के लिए यह दिन नए अवसरों और कौशल विकास की प्रेरणा लेकर आता है, जिससे करियर निर्माण में मदद मिलती है। • बेंगलुरु में: स्थानीय स्तर पर शहर के प्रमुख तकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए शिक्षा के स्तर और प्रशासनिक व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है। • तकनीकी क्षेत्र: बुनियादी ढांचे और डिजिटल विकास से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी आने से रोजगार के नए रास्ते खुलते हैं। • युवा पीढ़ी: तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे युवाओं को देश निर्माण में सीधे योगदान देने का अवसर और प्रोत्साहन मिलता है। सवाल-जवाब 1. इंजीनियर्स डे कब मनाया जाता है? हर साल 15 सितंबर को राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। 2. यह दिवस किसकी याद में मनाया जाता है? यह दिवस भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। 3. राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर क्या संदेश दिया? उन्होंने देश के इंजीनियरों को नमन किया और विकसित भारत के निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। 4. बेंगलुरु यूनिवर्सिटी की स्थापना कब हुई थी? बेंगलुरु यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 1886 में हुई थी। 5. यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की स्थापना किसने की थी? इसकी स्थापना वर्ष 1917 में एम. विश्वेश्वरैया द्वारा की गई थी। नेता परिचय: राजनाथ सिंह • पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री • जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: भौतिकी में एमएससी 2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002) • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14) • केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019) • केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से) • लखनऊ से सांसद रोचक तथ्य • राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे। • 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे। https://trendkia.com/neta-ji/injiniyarsa-de-para-rajanatha-sinha-ne-desha-ke-vaijnanikon-aura-injiniyaron-ko-kiya-namana-ema-vishveshvaraiya-ko-di-shraddhanjal-32390 TrendKia — Har trend, sabse pehle.