इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी को कैबिनेट की हरी झंडी, राजनाथ सिंह ने बताया ऐतिहासिक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भविष्य के लिए तैयार एकीकृत परिवहन तंत्र की दिशा में अहम फैसला बताया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के परिवहन और आपूर्ति तंत्र को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी के गठन को स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले का मुख्य उद्देश्य विभिन्न परिवहन साधनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और मल्टीमॉडल योजना को धरातल पर उतारना है। परिवहन ढांचे में तालमेल और आधुनिक योजना इस नई संस्था के अस्तित्व में आने से देश के माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन तंत्र को संगठित ढांचा मिलने की उम्मीद है। विभिन्न माध्यमों जैसे सड़क, रेल, जलमार्ग और हवाई परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आपूर्ति श्रृंखला को तीव्र और किफायती बनाया जाएगा। मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने से घरेलू व्यापार को गति मिलने के साथ लॉजिस्टिक्स लागत को घटाने में भी मदद मिलेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया कैबिनेट के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह एक ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह कदम एक एकीकृत, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार परिवहन तंत्र खड़ा करने में बेहद मददगार साबित होगा। उनके अनुसार, यह प्राधिकरण विभिन्न विभागों के बीच सामंजस्य और दीर्घकालिक मल्टीमॉडल नियोजन को नई मजबूती प्रदान करेगा। इसका आप पर असर इस नई अथॉरिटी के गठन से देश में माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी। • माल ढुलाई लागत: उद्योगों और व्यापारियों के लिए अलग-अलग परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय से सामान पहुंचाने का खर्च घट सकता है। इससे घरेलू बाजार में कई जरूरी उत्पादों की आपूर्ति में तेजी आने की संभावना बनेगी। • परियोजनाओं की गति: मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स की मंजूरी और अमल में विभागों के बीच तालमेल बढ़ने से काम समय पर पूरा हो सकेगा। परियोजनाओं में होने वाली देरी कम होने से सरकारी बजट का बेहतर इस्तेमाल होगा। • व्यापारियों और उद्योगों के लिए: सड़क, रेल और बंदरगाहों के बीच एकीकृत नेटवर्क से माल लाने-ले जाने की प्रक्रिया आसान बनेगी। कारोबारियों को अलग-अलग एजेंसियों के चक्कर काटने से राहत मिलेगी। • उपभोक्ताओं पर प्रभाव: लॉजिस्टिक्स लागत कम होने का सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं को दैनिक वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता के रूप में मिल सकता है। आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होने से सामानों की कमी का जोखिम घटेगा। सवाल-जवाब 1. केंद्रीय कैबिनेट ने किस नई अथॉरिटी को मंजूरी दी है? कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी के गठन को मंजूरी प्रदान की है। 2. इस अथॉरिटी का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य परिवहन के विभिन्न माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल और मल्टीमॉडल योजना को सुदृढ़ बनाना है। 3. राजनाथ सिंह ने इस फैसले को लेकर क्या कहा? उन्होंने इसे एक एकीकृत, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार परिवहन तंत्र के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। 4. कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता किसने की थी? इस कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। नेता परिचय: राजनाथ सिंह • पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री • जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: भौतिकी में एमएससी 2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002) • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14) • केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019) • केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से) • लखनऊ से सांसद रोचक तथ्य • राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे। • 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे। https://trendkia.com/neta-ji/intigreteda-transaporta-enda-lojistiksa-athoriti-ko-kaibineta-ki-hari-jhndi-rajanatha-sinha-ne-bataya-aitihasika-kadama-44188 TrendKia — Har trend, sabse pehle.