जॉर्डन के चर्च हमले पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जताया दुख जॉर्डन के करक शहर में एक चर्च पर हुए घातक हमले में कई लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। इस घटना पर भारत ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया है। जॉर्डन के करक शहर में स्थित एक चर्च पर हाल ही में हुए भीषण आतंकवादी हमले ने वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस नृशंस गोलीबारी की घटना में कई निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जबकि दर्जनों अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस घटना की भारी निंदा की जा रही है और विभिन्न देशों के नेता इस संकट की घड़ी में जॉर्डन के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इस दुखद और दर्दनाक घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और दुनिया भर में बढ़ते आतंकवाद के खतरे को उजागर कर दिया है, जिस पर तुरंत वैश्विक एकजुटता दिखाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। भारत का कड़ा रुख और संवेदनाएं इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार ने इस आतंकी घटना की अत्यधिक कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस वीभत्स हमले पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह जॉर्डन के करक में हुए इस जघन्य हमले से बेहद स्तब्ध हैं, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। उन्होंने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने इस अवसर पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कृत्यों के खिलाफ पूरी दुनिया को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। घटना का विवरण और हताहतों की संख्या रिपोर्टों के अनुसार यह खौफनाक वारदात जॉर्डन के करक शहर के एक चर्च में उस समय हुई जब वहां एक अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था। مسلح हमलावरों ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे वहां भगदड़ मच गई। इस अप्रत्याशित और कायराना हमले में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग 34 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से कई लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आए और पूरे इलाके को घेरकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है ताकि इस हमले के पीछे के मुख्य साजिशकर्ताओं और संगठनों का पता लगाया जा सके। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई इस त्रासद घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में आतंकवाद के खात्मे के लिए साझा प्रयासों की मांग फिर से तेज हो गई है। आतंकवादियों द्वारा प्रार्थना स्थलों को निशाना बनाए जाने की परिपाटी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मानवता के दुश्मनों के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं बची है। भारत ने अपने आधिकारिक बयानों में आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की अपनी पुरानी नीति को मजबूती से सामने रखा है। यह घटना दर्शाती है कि सीमा पार और वैश्विक स्तर पर फैल रहे आतंकवाद को रोकने के लिए खुफिया तंत्रों के बीच आपसी सहयोग और कड़े सुरक्षा उपायों का होना कितना अनिवार्य हो गया है। जनता की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर इस दुखद घटना और आधिकारिक बयानों के सामने आने के बाद आम जनता ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर और अधिक ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है। लोगों ने शांति और सुरक्षा के मामलों पर चर्चा करते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी सहानुभूति भी जताई है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली ऐसी घटनाएं वैश्विक सुरक्षा और भू-राजनीतिक समीकरणों को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। • भारत में: नागरिकों के लिए यह घटना सीमा पार और वैश्विक आतंकवाद के खतरे की निरंतरता को याद दिलाती है। सरकारें इस तरह की घटनाओं के बाद अपने खुफिया और आंतरिक सुरक्षा तंत्र को और अधिक सतर्क करती हैं। • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर: दुनिया भर के देशों में धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है। इस प्रकार की हिंसक घटनाओं से देशों के बीच कूटनीतिक और आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाने पर अधिक जोर दिया जाता है। सवाल-जवाब 1. जॉर्डन के किस शहर में चर्च पर हमला हुआ? यह हमला जॉर्डन के करक शहर में स्थित एक चर्च पर हुआ। 2. इस हमले के समय चर्च के अंदर क्या कार्यक्रम चल रहा था? चर्च के अंदर एक अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था जब हमलावरों ने गोलीबारी की। 3. इस घातक हमले में कितने लोगों की जान गई? इस हिंसक हमले में सात लोगों की मौत हो गई। 4. इस घटना में कितने लोग घायल हुए? इस घटना में लगभग 34 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। 5. भारत के विदेश मंत्री ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी? विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। नेता परिचय: एस. जयशंकर • पद: विदेश मंत्री • जन्म: 9 जनवरी 1955, नई दिल्ली • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) • शिक्षा: जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी 2019 से भारत के विदेश मंत्री और पेशेवर राजनयिक। वे विदेश सचिव (2015–18) तथा चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। राजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां • चीन में राजदूत (2009–2013) • अमेरिका में राजदूत (2013–2015) • भारत के विदेश सचिव (2015–2018) • विदेश मंत्री (2019 से) • भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की वार्ता में भूमिका रोचक तथ्य • विदेश सचिव रहकर विदेश मंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। • चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजदूत रहे। https://trendkia.com/neta-ji/jordana-ke-charcha-hamale-para-bharata-ki-kari-pratikriya-videsha-mntri-esa-jayashnkara-ne-jataya-dukha-51377 TrendKia — Har trend, sabse pehle.