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  "type": "article",
  "title": "कैबिनेट ने ग्रिड ऊर्जा भंडारण के लिए 14,500 करोड़ रुपये की वीजीएफ योजना को दी मंजूरी",
  "summary": "केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में 92 गीगावाट ऑवर की ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण क्षमता तैयार करने के लिए 14,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता योजना को हरी झंडी दे दी है।",
  "content": "केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 14,500 करोड़ रुपये की एक नई वित्तीय योजना को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना पर मुहर लगाई गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में कुल 92 GWh क्षमता के ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण ढांचे का निर्माण करना है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से मिलने वाली बिजली को कुशलता से सहेजा जा सके।\n\nराजनाथ सिंह ने फैसले की सराहना की\nइस फैसले के बाद राजनाथ सिंह ने X पर लिखा कि यह कदम भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को एक बड़ा बढ़ावा देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत यह 14,500 करोड़ रुपये की योजना ग्रिड स्थिरता बनाए रखने और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भंडारण परियोजनाओं को वित्तीय रूप से व्यवहार्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।\n\nभारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मिलेगी गति\nभारत में सौर और पवन ऊर्जा का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, जिसके साथ ग्रिड में उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण प्रणाली की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी। केंद्रीय बजट 2026-27 में सौर और ऊर्जा भंडारण उपकरणों के लिए सीमा शुल्क में राहत देने के साथ 20,000 करोड़ रुपये की कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज (CCUS) योजना का प्रस्ताव रखा गया था। इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर III जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी ऊर्जा पारेषण तंत्र को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ रही हैं।\n\nनवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कई राज्यों और संस्थानों की ओर से भी नए प्रयास किए जा रहे हैं। आंध्र प्रदेश ने हाल ही में 3.9 GW की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जबकि लद्दाख की पूगा घाटी में भारत के पहले और सबसे गहरे भूतापीय कुएं चालू किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने हाल ही में पवन ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पोर्टल की शुरुआत की थी, वहीं पावरग्रिड को मंत्रिमंडल से 7,500 करोड़ रुपये का इक्विटी प्रोत्साहन मिला है। इसके अलावा विश्व बैंक ने भारत के रूफटॉप सोलर कार्यक्रम के लिए 890 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है और गुजरात में 1.2 GW सौर सेल संयंत्र के लिए 160 करोड़ रुपये का निजी निवेश भी सामने आया है। ऐसे बहुआयामी विकास कार्यों के बीच 92 GWh की यह भंडारण योजना राष्ट्रीय ग्रिड में चौबीसों घंटे निर्बाध हरित बिजली आपूर्ति की दिशा में अहम कड़ी साबित होगी।\n\nइसका आप पर असर\nइस फैसले से देश के ऊर्जा वितरण तंत्र में सुधार होगा और नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ने से उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर बिजली मिल सकेगी।\n\n• भारत में: ग्रिड-स्केल भंडारण क्षमता बढ़ने से राष्ट्रीय ग्रिड में बिजली की कटौती और उतार-चढ़ाव की समस्या काफी कम हो जाएगी। सौर और पवन ऊर्जा की बर्बादी रुकेगी, जिससे आने वाले समय में हरित बिजली की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित होगी।\n• उद्योग और विनिर्माण: बैटरी और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में भारी पूंजी निवेश आने से घरेलू तकनीकी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर नई परियोजनाएं स्थापित होने से ऊर्जा और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।\n• उपभोक्ताओं के लिए: पीक आवर्स के दौरान सस्ती भंडारण बिजली ग्रिड में जाने से भविष्य में बिजली आपूर्ति दरों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ग्रिड की निर्भरता मजबूत होने से निर्बाध बिजली का लाभ मिलेगा।\n• पर्यावरण और उत्सर्जन: कोयला आधारित पीकर प्लांटों पर निर्भरता घटेगी, जिससे वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में तेज गिरावट आएगी। स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ने से भारत को अपने दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में प्रत्यक्ष मदद मिलेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. केंद्रीय कैबिनेट ने ऊर्जा भंडारण के लिए कितनी राशि मंजूर की है?\nकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण क्षमता के विकास के लिए 14,500 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग योजना को मंजूरी दी है।\n\n2. इस योजना के तहत कुल कितनी भंडारण क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य है?\nइस योजना के माध्यम से देश भर में कुल 92 GWh की ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी।\n\n3. इस कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता किसने की?\nइस योजना को मंजूरी देने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।\n\n4. राजनाथ सिंह ने इस फैसले के बारे में क्या कहा?\nराजनाथ सिंह ने कहा कि यह फैसला भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को एक बड़ा बढ़ावा देगा।\n\nनेता परिचय: राजनाथ सिंह\n• पद: केंद्रीय रक्षा मंत्री\n• जन्म: 10 जुलाई 1951, चंदौली, उत्तर प्रदेश\n• पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)\n• शिक्षा: भौतिकी में एमएससी\n\n2019 से भारत के रक्षा मंत्री, पूर्व गृह मंत्री और दो बार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–02) रहे।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (2000–2002)\n• भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष (2005–09 और 2013–14)\n• केंद्रीय गृह मंत्री (2014–2019)\n• केंद्रीय रक्षा मंत्री (2019 से)\n• लखनऊ से सांसद\n\nरोचक तथ्य\n• राजनीति में आने से पहले भौतिकी के व्याख्याता रहे।\n• 1975 के आपातकाल में लगभग दो साल जेल में रहे।",
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