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  "title": "कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पत्रकार शफीक हसन के व्हाट्सएप न्यूज चैनल की सिफारिश की",
  "summary": "कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर पत्रकार शफीक हसन के व्हाट्सएप न्यूज चैनल की प्रशंसा करते हुए पाठकों को इससे जुड़ने का सुझाव दिया है। इस चैनल पर थरूर का साप्ताहिक कॉलम थरूरथिंक भी प्रकाशित होता है।",
  "content": "कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर एक व्हाट्सएप चैनल की खास तौर पर तारीफ करते हुए लोगों को इससे जुड़ने की सलाह दी है। उन्होंने इसे पत्रकार शफीक हसन का एक बेहतरीन प्रयास बताया जो खबरों के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है। खुद को खबरों का शौकीन यानी न्यूज जंकी बताने वाले सांसद ने यह भी साझा किया कि उनका अपना साप्ताहिक लेख थरूरथिंक भी हर हफ्ते इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होता है।\n\n19 मई से जारी है मीडिया अपडेट्स का सिलसिला\nसांसद द्वारा सराहा गया यह व्हाट्सएप चैनल 19 मई से लगातार सक्रिय है। इस प्लेटफॉर्म पर रोजाना मुख्य समाचारों की कटिंग्स, मीडिया जगत के ताजा अपडेट्स और महत्वपूर्ण खबरों का संकलन पोस्ट किया जाता है। पत्रकार शफीक हसन द्वारा संचालित यह चैनल उन पाठकों के लिए तैयार किया गया है जो बिना किसी फालतू की जानकारी के सीधी और काम की खबरें पढ़ना चाहते हैं। शशि थरूर ने इस पहल को पत्रकारिता के प्रति एक निष्ठावान और श्रमसाध्य प्रयास करार दिया है।\n\nहर हफ्ते मिलेगा थरूरथिंक कॉलम का कंटेंट\nदैनिक समाचारों के अलावा यह चैनल शशि थरूर के चर्चित साप्ताहिक विचार कॉलम थरूरथिंक के प्रसारण माध्यम के रूप में भी काम करता है। हर सप्ताह इस चैनल के सब्सक्राइबर्स को ताजा राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर थरूर के विचार पढ़ने को मिलते हैं। इस व्यवस्था के जरिए खबरों के सार के साथ-साथ गंभीर विश्लेषण भी पाठकों तक सीधे पहुंच जाता है, जिससे पाठकों को समकालीन मुद्दों की बेहतर समझ मिलती है।\n\nखबरों की खपत में व्हाट्सएप चैनलों की बढ़ती भूमिका\nडिजिटल दौर में समाचार पढ़ने और पाने के तरीकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के ब्रॉडकास्ट फीचर ने पाठकों के लिए खबरों तक पहुंच को आसान बना दिया है। जो लोग दिनभर की मुख्य खबरों से अपडेट रहना पसंद करते हैं, उनके लिए इस तरह के क्यूरेटेड व्हाट्सएप चैनल पारंपरिक अखबारों या सोशल मीडिया एल्गोरिदम के मुकाबले ज्यादा सीधे और सटीक साबित हो रहे हैं। इससे पत्रकार सीधे अपने पाठकों के साथ जुड़ पा रहे हैं।\n\nजनता की प्रतिक्रिया\nसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शशि थरूर के इस पोस्ट के बाद लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए तुरंत चैनल से जुड़ने की बात कही और अच्छी सामग्री मिलने की उम्मीद जताई। वहीं कुछ अन्य यूजर्स ने इस पर राजनीतिक टिप्पणियां कीं और डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय खबरों की जरूरत पर अपनी बात रखी।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोजाना समाचार अपडेट पाने वाले पाठकों के लिए एक नया विकल्प सामने आया है।\n• पाठकों के लिए: व्हाट्सएप चैनल के माध्यम से महत्वपूर्ण खबरों का संकलन और शशि थरूर का साप्ताहिक कॉलम आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शशि थरूर ने किस व्हाट्सएप चैनल की सिफारिश की है?\nशशि थरूर ने पत्रकार शफीक हसन द्वारा चलाए जा रहे एक व्हाट्सएप न्यूज चैनल की सिफारिश की है, जो मुख्य समाचारों की कटिंग्स और मीडिया अपडेट्स साझा करता है।\n\n2. थरूरथिंक कॉलम क्या है और यह कहां उपलब्ध है?\nथरूरथिंक शशि थरूर का साप्ताहिक विचार कॉलम है, जो हर हफ्ते इस व्हाट्सएप चैनल पर पोस्ट किया जाता है।\n\n3. यह व्हाट्सएप न्यूज चैनल कब से सक्रिय है?\nयह न्यूज चैनल 19 मई से सक्रिय रूप से मीडिया अपडेट्स और समाचार संकलन पोस्ट कर रहा है।\n\n4. शशि थरूर ने इस चैनल का संचालन करने वाले पत्रकार के बारे में क्या कहा?\nथरूर ने पत्रकार शफीक हसन के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे पत्रकारिता के प्रति एक निष्ठावान और श्रमसाध्य काम बताया है।\n\nनेता परिचय: शशि थरूर\n• पद: सांसद, तिरुवनंतपुरम\n• जन्म: 9 मार्च 1956, लंदन, यूके\n• पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस\n• शिक्षा: फ्लेचर स्कूल, टफ्ट्स से पीएचडी\n\n2009 से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव और 25 से अधिक पुस्तकों के पुरस्कृत लेखक।\n\nराजनीतिक सफ़र और उपलब्धियां\n• संयुक्त राष्ट्र अवर महासचिव (2002–2007)\n• सांसद, तिरुवनंतपुरम (2009 से)\n• विदेश राज्य मंत्री (2009–2010)\n• विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष\n• 25+ पुस्तकों के लेखक; साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता\n\nरोचक तथ्य\n• 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे।\n• 22 वर्ष की आयु में पीएचडी पूरी की — फ्लेचर स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र में।",
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  "category": "नेता जी",
  "publishedAt": "2026-08-06",
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